संस्करणों
विविध

अंकुरित खाना और सोया दिलाएगा ब्रेस्ट कैंसर से निजात?

14th Dec 2017
Add to
Shares
56
Comments
Share This
Add to
Shares
56
Comments
Share

स्किन कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर अमेरिकी महिलाओं में दूसरा आम कैंसर है एक अनुमान के मुताबिक इस साल 2,52,790 मामलों का निदान होगा। इसकी व्यापकता के बावजूद ज्यादातर महिलाएं अब तक ब्रैस्ट कैंसर से बच रही हैं इस बीमारी से प्रभावित तकरीबन 90 फ़ीसदी महिलाएं 5 सालों तक जीवित रह सकती हैं...

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


वॉशिंगटन की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट से डॉक्टरेट और जाने माने लेखक सारा ऑपनर और उनके साथियों ने हाल ही में ब्रेस्ट कैंसर एंड रिसर्च नाम की पत्रिका में अपने निष्कर्षों पर एक रिपोर्ट दी है।

इस लेख को पढ़ने के बाद जिन महिलाों ने ब्रेस्ट कैंसर का सामना किया है, वो अपनी थाली में ढेर सारा अंकुरित खाना शामिल करना चाहेंगी। एक अध्ययन ने दिखाया है कि अंकुरित और सोया सब्जियों को खाने से कैंसर ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट को बहुत लंबे वक्त तक कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। वॉशिंगटन की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट से डॉक्टरेट और जाने माने लेखक सारा ऑपनर और उनके साथियों ने हाल ही में ब्रेस्ट कैंसर एंड रिसर्च नाम की पत्रिका में अपने निष्कर्षों पर एक रिपोर्ट दी है।

स्किन कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर अमेरिकी महिलाओं में दूसरा आम कैंसर है एक अनुमान के मुताबिक इस साल 2,52,790 मामलों का निदान होगा। इसकी व्यापकता के बावजूद ज्यादातर महिलाएं अब तक ब्रैस्ट कैंसर से बच रही हैं इस बीमारी से प्रभावित तकरीबन 90 फ़ीसदी महिलाएं 5 सालों तक जीवित रह सकती हैं और 2005 से 2014 के बीच मृत्यु दर सालाना 1.8 प्रतिशत कम हुआ है।

रेडियो थैरेपी और कीमोथैरेपी जैसी इलाज की राजनीतिक विधियों की वजह से ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में काफी गिरावट आई है। लेकिन इसका इलाज बगैर साइड इफेक्ट के नहीं होता। इससे भले ही ब्रेस्ट कैंसर का निदान हो जाए लेकिन कुछ मामलों में इसका साइड इफेक्ट बहुत लंबे समय तक बना रहता है। जिसमें थकान होना और समय से पहले मासिक धर्म का आना शामिल है।

नोमुरा बताते हैं कि यह लक्षण ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे लोगों की जिंदगी पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं और उनके इलाज को बीच में ही रुकना पड़ सकता है। पुराने रिसर्च ने बताया कि सोया और पत्तेदार सब्जियां कैंसर पेशेंट के लिए कुछ फायदेमंद साबित हो सकती हैं। नोमुरा और उनके साथियों ने बताया कि यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करा लिया है। नोमुरा कहते हैं कि जीवनशैली के कारकों को समझना जरूरी है क्योंकि डाइट के ज़रिए इसके लक्षण को पीड़ितों में कम किया जा सकता है

मासिक धर्म और थकान के लक्षण को कैसे कम करें?

173 गोरी अमेरिकन महिलाएं और 192 चाइनीस अमेरिकन महिलाओं को अध्ययन में शामिल किया गया। 2006 से 2012 के बीच इन सभी महिलाओं में शून्य से लेकर 3 स्तर का ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण पाये गए, और सभी ने इसके प्रारंभिक इलाज को पूरा कर लिया था।प्रतिभागियों से इलाज के दौरान होने वाले साइड इफेक्ट की जानकारियों को टेलीफोनिक इंटरव्यू के जरिए इकट्ठा किया गया था। मासिक धर्म, थकान, बालों का झड़ना और याददाश्त से जुड़ी हुई समस्या सब में आम थी। खानपान की सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए चंद सवाल किए जाते थे और शोधकर्ता इससे यह मानते थे कि खाने में सोया फ़ूड कितना लिया गया जैसे कि टोफू सोया मिल्क और हरी पत्तेदार सब्जियां।

महिलाओं में सोया का सेवन 0 - 431 ग्राम प्रतिदिन तक था, जबकि हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन 0-865 ग्राम तक था। कुल मिलाकर शोधकर्ताओं ने पाया कि जो महिलाएं खाने में सोया ज्यादा ले रही थी उनमें दूसरी महिलाओं से 49 प्रतिशत मासिक धर्म से जुड़ी समस्या कम हो गई और 57% थकान की समस्या कम हो गई।

इस टीम ने बताया कि ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने वाली महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के लक्षण 50% तक कम हो गए। उन्होंने पाया कि इससे बालों का गिरना याददाश्त की समस्या और जोड़ों की समस्या भी खत्म हो गई । लेकिन वह कहते हैं कि आंकड़े इस बात को खारिज करते हैं।

अभी सोया के सेवन को ना बढ़ाएं!

नस्ल के आधार पर नतीजे देखने पर वैज्ञानिकों ने पाया की गोरी महिलाओं के लिए मासिक धर्म और थकान के मामलों में असरदार कमी आई थी। टीम सोचती है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि चीनी महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याएं दिखी और वह ज्यादा पत्तेदार सब्जियां और सोया खाने लगी। नतीजा कि ऐसे भोजन के फायदे कभी कभी चुनौतीपूर्ण भी हो सकते हैं।

पूरी जांच के बाद नोमुरा और उनके साथियों का अभी भी यही निष्कर्ष है कि सोया और पत्तेदार सब्जियां दोनों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए सोया फूड में isoflavones होते हैं यह एक तरह का phytoestrogens है जो फीमेल सेक्स हार्मोन estrogen की तरह काम करता है और मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को कम करता है।

लेकिन जब तक सोया फूड के फायदे पूरी तरह साबित नहीं हो जाते, तब तक शोधकर्ताओं ने महिलाओं को खाने में इसकी मात्रा नहीं बढ़ाने की सलाह दी है। कुछ शोधकर्ताओं ने बताया कि यह ब्रेस्ट कैंसर को बढ़ाता भी है।

यह भी पढ़ें: तो क्या डिस्प्रिन की गोलियां रोक सकती हैं हार्ट अटैक?

Add to
Shares
56
Comments
Share This
Add to
Shares
56
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें