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खेलों ने मुझे सही भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करना सिखाया: तेंदुलकर

‘‘खेल ऐसी चीज है जो आपको खुश होने का कारण देते हैं। यही कारण है कि मैं आपके बीच हंस रहा हूं।’’

5th Sep 2015
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पीटीआई


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महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का कहना है कि खेलों ने उन्हें गिरकर अपने पैरों पर दोबारा खड़ा होना और सही भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करना सिखाया।

कोयंबटूर में तेंदुलकर ने ग्रामीण खेल शिविर के समापन के मौके पर कहा, ‘‘ऐसा हमेशा नहीं हुआ कि मैं उतरा और सफल रहा। कई ऐसे मौके आए जब मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया लेकिन खेलों ने मुझे गिरकर अपने पैरों पर दोबारा खड़ा होना और सही भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करना सिखाया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल मेरे लिए सब कुछ हैं और खेलों ने मुझे जीवन में कई चीजें सिखाई, अनुशासित होना और एकाग्र होना।’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘खेल ऐसी चीज है जो आपको खुश होने का कारण देते हैं। यही कारण है कि मैं आपके बीच हंस रहा हूं।’’ तेंदुलकर ईशा फाउंडेशन के ईशा ग्रामोवत्सम में बोल रहे थे जिसमें ग्रामीण पुरूषों और महिलाओं ने वालीबाल, थ्रोबाल, कबड्डी जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

इस महान क्रिकेटर ने फाउंडेशन को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के गांव पुत्तामारजू कांद्रिका में ऐसी खेल गतिविधियों के आयोजन का सुझाव दिया। तेंदुलकर ने इस गांव को गोद लिया है।

देश में मधुमेह के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने लोगों से जीवनशैली और आदतों में बदलाव करते हुए अधिक स्वस्थ बनने को कहा।

यहां ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिविर के समापन के मौके पर तेंदुलकर ने लोगों से कहा, ‘‘देश को अधिक स्वस्थ और फिट बनाने के लिए हमें अपनी जीवन शैली और आदतों में बदलाव करना होगा।’’ तेंदुलकर ने कहा कि फिट और स्वस्थ बनने के लिए लोगों को खेल की बाहरी गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सकता है।

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘जब आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखोगे तो देश भी स्वस्थ होगा।


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