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मुंबई का यह स्टार्टअप ‘प्याज़ के आंसुओं’ से दिला रहा निजात

अब प्याज काटते वक्त आंसू बहाने की जरूरत नहीं...

29th May 2018
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घर का सादा खाना हो या फिर रेस्तरां की स्पेशल डिशेज़, प्याज़ की ग्रेवी के बिना खाने का ज़ायका अधूरा सा ही लगता है। लेकिन प्याज़ को छीलना और पकाना अपने आप में एक जद्दोजहद भरा काम है। मुंबई आधारित स्टार्टअप एव्रीडे गॉरमेट किचन फ़ूड्स प्राइवेट लि., आपकी इस मेहनत को कम करता है और साथ ही आपको फ़्रेश और फ़्राइड प्याज़ मुहैया कराने का भी काम करता है।

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सत्यजीत ने जानकारी दी कि भारत में प्याज़ का जितना उत्पादन होता है, उसका 25 प्रतिशत ज़ाया हो जाता है। इसके पीछे की वजह बताते हुए वह कहते हैं कि किसानों को प्याज़ की सही कीमत नहीं मिलती और प्याज़ के भंडारण की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।

स्टार्टअप: एव्रीडे गॉरमेट किचन फ़ूड्स प्राइवेट लि. (ईजीके)

फ़ाउंडर्स: सत्यजीत रॉय

शुरूआत: 2014

जगह: मुंबई

सेक्टर: फ़ूड

कामः प्याज़ काटने और तलने के झंझट से निजात दिलाते हुए, फ़्रेश और फ़्राइड प्याज़ की सप्लाई

फ़ंडिंग: बूटस्ट्रैप्ड

घर का सादा खाना हो या फिर रेस्तरां की स्पेशल डिशेज़, प्याज़ की ग्रेवी के बिना खाने का ज़ायका अधूरा सा ही लगता है। लेकिन प्याज़ को छीलना और पकाना अपने आप में एक जद्दोजहद भरा काम है। मुंबई आधारित स्टार्टअप एव्रीडे गॉरमेट किचन फ़ूड्स प्राइवेट लि., आपकी इस मेहनत को काम करता है और आपको फ़्रेश और फ़्राइड प्याज़ मुहैया कराने का काम करता है।

स्टार्टअप के फ़ाउंडर सत्यजीत रॉय एक बंगाली किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके घर में अक्सर नॉन-वेज खाना ही बना करता था। एक बार की कहानी साझा करते हुए सत्यजीत बताते हैं, "रविवार के दिन में मैं सुबह 9 बजे अपने घर से निकला और जब दोपहर में घर लौटा तो मेरी मां की आंखों से आंसू निकल रहे थे। वह 3 घंटों से प्याज़ काट रही थीं। मैंने अपनी मां से कहा कि वह बाज़ार से सीधे तैयार प्रोडक्ट क्यों ख़रीद कर नहीं लाती और जवाब में उन्होंने कहा कि बाज़ार में ऐसा कोई उत्पाद मौजूद ही नहीं है, जो उनकी इस मेहनत का हल निकाल सके।"

सत्यजीत बताते हैं कि मां से बात करने के बाद उन्होंते तुरंत गूगल पर सर्च किया और पाया कि विदेशी बाज़ारों में इस तरह के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं, लेकिन भारत में नहीं। इसके बाद उनके ज़हन में ख़्याल आया कि भारत के घरेलू बाज़ार में इस तरह के उत्पाद काफ़ी सफल हो सकते हैं। सत्यजीत का कहना है कि यहीं से उनके स्टार्टअप के आइडिया की शुरूआत हुई और 2014 में उन्होंने अपना वेंचर शुरू कर दिया। कंपनी फ़्लैगशिप प्रोडक्ट के तौर पर फ़्रेश और फ़्राइड प्याज़ उपलब्ध कराती है और कंपनी की सप्लाई कमर्शियल और रेसिडेन्शियल दोनों ही तरह के किचन्स के लिए है।

सत्यजीत ने जानकारी दी कि भारत में प्याज़ का जितना उत्पादन होता है, उसका 25 प्रतिशत ज़ाया हो जाता है। इसके पीछे की वजह बताते हुए वह कहते हैं कि किसानों को प्याज़ की सही कीमत नहीं मिलती और प्याज़ के भंडारण की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। परंपरागत तौर पर फ़्राइड प्याज़ (भुना हुआ प्याज़) बिरयानी को बनाने और उसकी गार्निशिंग (सजाने) में इस्तेमाल होता रहा है। सत्यजीत बताते हैं कि उनके प्रोडक्ट का इस्तेमाल कई तरह के कुज़ीन्स में अलग-अलग तरीक़ो से होता है। सत्यजीत कहते हैं कि भारत के घरेलू बाज़ार में उनके प्रोडक्ट का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल अलग-अलग व्यंजनों के लिए ग्रेवी तैयार करने में होता है। इसके अलावा स्नैक्स के तौर पर भी इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है।

फ़िलहाल रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बीटूबी (बिज़नेस टू बिज़नेस) मार्केट से आता है, जिसके अंतर्गत रेस्ट्रॉन्स, केटरर्स, फ़्लाइट और रेलवे किचन्स में कंपनी के प्रोडक्ट्स की सप्लाई होती है। मुख्य रूप से कंपनी का बिज़नेस महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में तेज़ी से बढ़ रहा है। कंपनी 300 रीटेल आउटलेट्स के ज़रिए भी अपने उत्पाद बेच रही है। इनमें से ज़्यादातर स्टोर्स साउथ और सेंट्रल मुंबई में हैं। सत्यजीत बताते हैं कि कंपनी की योजना है कि अगले तीन महीनों में बड़े रीटेल पार्टनर्स के साथ भी सेलिंग शुरू की जाए और आने वाले 6 महीनों में देश के अन्य राज्यों के बाज़ारों तक भी पहुंचा जाए। कंपनी का दावा है कि वह हर महीने 30 मीट्रिक टन तक फ़्राइड प्याज़ की बिक्री कर लेती है, जिसका मतलब है कि 150 मीट्रिक टन तक कच्चे प्याज़ को इस्तेमाल में लाया जा रहा है।

सत्यजीत रॉय

सत्यजीत रॉय


सत्यजीत अपनी इंडस्ट्री में ‘अन्यन नाइट’ (Onion Knight) के नाम से मशहूर हैं। वह एक सीरियल ऑन्त्रप्रन्योर हैं और इस स्टार्टअप से पहले उनके कई वेंचर्स कुछ ख़ास नहीं कर पाए और ईजीके उनका अभी तक का सबसे सफल बिज़नेस है।

कंपनी का रेवेन्यू मॉडल पूरी तरह से ऑपरेटिंग कॉस्ट को कम से कम करने पर केंद्रित है और इसलिए नई और प्रभावी तकनीक पर लगातार काम होता रहता है। कंपनी की योजना है कि इस साल के अंत तक इंटीग्रेटेड फ़ार्म्स के साथ काम शुरू किया जाए, जहां पर न सिर्फ़ बाय-बैक की गारंटी मिले बल्कि उत्पादन को बढ़ाने के लिए उपयुक्त तकनीक का भी पूरा सहयोग मुहैया कराया जा सके। भारत की हीट ऐंड ईट फ़ूड इंडस्ट्री 22 प्रतिशत के कम्पाउंड ऐनुअल ग्रोथ रेट के साथ बढ़ रही है और 2019 के वित्तीय वर्ष में इसके 6,405 मिलियन (रुपए) तक पहुंचने की संभावना है। इस सेगमेंट (रेडी टू ईट फ़ूड मार्केट) में फ़िलहाल एमटीआर, मैयास और आईडी फ़्रेश फ़ूड्स जैसे कई बड़े नाम मौजूद हैं।

सत्यजीत कहते हैं कि उनके प्रोडक्ट की ख़ास बात यह है कि फ़्राइड प्याज़ से अतिरिक्त तेल को एक आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी तरह से ख़त्म कर दिया जाता है, जबकि घरों में आमतौर पर भुने और तले हुए प्याज़ में मौजूद अतिरिक्त तेल को पेपर वगैरह की मदद से सोखा जाता है। सत्यजीत का कहना है कि इस वजह से उनका प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है। क्लाइंट्स की मांग को ध्यान में रखते हुए, कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है। इतना ही नहीं कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के साथ विदेशी बाज़ारों में भी उपस्थिति दर्ज कराने की प्लानिंग कर रही है।

यह भी पढ़ें: 15 साल के लड़के ने बनाई ट्यूबवेल को फोन से चालू करने की डिवाइस, किसानों को होगा फायदा

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