रेलवे माल ढुलाई क्षेत्र में जारी सुधार विलक्षण, बड़े फ़ायदे की उम्मीदः सुरेश प्रभु

    By YS TEAM
    August 09, 2016, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:17:15 GMT+0000
    रेलवे माल ढुलाई क्षेत्र में जारी सुधार विलक्षण, बड़े फ़ायदे की उम्मीदः सुरेश प्रभु
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    रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि माल ढुलाई क्षेत्र में प्रमुख सुधारों की तैयारी है और इसका बड़ा फायदा आने वाले दिनों में रेलवे को होगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यहां यह बात कही। उन्होंने कहा कि रेल बजट में कार्गो शुल्क में पहली बार कटौती की घोषणा की गई थी।

    प्रभु ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर नागालापल्ली और तुगलकाबाद के बीच समयबद्ध कंटेनर (साप्ताहिक) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा,‘ हमारे देश में समयबद्ध मालगाड़ियां नहीं चलतीं इसलिए रेलवे को ढुलाई के लिए माल नहीं मिलता है. क्योंकि मालगाड़ी कब पहुंचेगी किसी को पता नहीं रहता।’ उन्होंने कहा,‘ इस परिदृश्य को बदलने के लिए हमने एक कार्य्रकम पहले ही शुरू किया है और समयबद्ध कंटेनरटर गाड़ियाँ ‘कार्गो एक्सप्रेस’ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं और मुझे यह बताते हुए खुशी है कि वे निर्धारित समय से पहले ही अपने गंतव्यों पर पहुंची।’

    सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे की आय का दो तिहाई हिस्सा माल ढुलाई से आता है इसके बावजूद ‘हमने इस पर ध्यान नहीं दिया और अनदेखी के चलते माल ढुलाई में रेलवे का हिस्सा घटता गया और आने वाले दिनों में यह चिंता का विषय होगा कि रेलवे खुद का समर्थन कैसे करेगी।’

    मंत्री ने कहा,‘ इसे ध्यान में रखते हुए ही रेलवे बजट के इतिहास में पहली बार हमने इस साल से कार्गो शुल्कों को घटाने की पहल शुरू की। देश के माल ढुलाई क्षेत्र में जारी सुधार विलक्षण हैं और इन सुधारों से आने वाले दिनों में रेलवे को फायदा होगा।’ रेल बजट में पहली बार माल भाड़े में कटौती की घोषणा के मद्देनज़र माल ढुलाई क्षेत्र में बड़े सुधार होने वाले हैं और इससे आने वाले दिनों में रेलवे को बहुत फायदा होगा। यह बात आज रेले मंत्री सुरेश प्रभु ने कही।

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    उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में समय-सारणी के मुताबिक माल गाड़ी नहीं चलने की वजह से ज्यादातर माल रेलवे के पास नहीं आता . मालगाड़ी कब पहुंचेगी यह कोई नहीं जानता।’’ प्रभु ने यहां सिकंदराबाद स्टेशन पर नागुलपल्ली और तुगलकाबाद के बीच समय-सारणीबद्ध (साप्ताहिक) रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा, ‘‘इस स्थिति में बदलाव के लिए हमने एक कार्यक्रम शुरू किया है और दो जोड़ी समय-सारणीबद्ध रेलगाड़ियां - ‘कार्गो एक्सप्रेस’ - चली हैं और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वे अपने गंतव्य तक तय समय से पहले पहुँचीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, रेलवे की दो तिहाई आमदनी माल ढुलाई से होती है, लेकिन हमने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया और इसकी उपेक्षा करने से रेलवे की माल ढुलाई में हिस्सेदारी कम हुई है और आने वाले दिनों में यह चिंता का विषय होगा कि रेलवे इसमें अपनी मदद कैसे करेगी।’’

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    ट्रेनों में मिलेगा मनपसंद खाना, मिलेगी गंदे शौचालयों से निजात : सरकार

    इससे पूर्व एक कार्यक्रम में सुरेश प्रभु ने कहा था कि ट्रेनों में यात्रियों को अब जल्द ही मनपसंद खाना मिलेगा और डिब्बों में बायो शौचालय एवं वैक्यूम शौचालय लगाए जाएंगे।

    रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता सुधारने पर काम चल रहा है और ट्रेनों में समूचे खानपान की व्यवस्था देखने के लिए आईआरसीटीसी से कहा गया है जो एक नया आधुनिक ‘‘बेस किचन’’ विकसित कर रही है। यह किचन विभिन्न ट्रेनों में खानपान की गुणवत्ता को सुधारेगा।

    मंत्री ने कहा कि खानपान संबंधी सभी व्यवस्था आईआरसीटीसी को सौंपे जाने का कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ठेकेदारों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले खानपान पर नजर नहीं रखी जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी भी व्यवस्था की जा रही है कि ट्रेनों में यात्री मनपसंद खाना प्राप्त कर सकें।

    मंत्री ने कहा, ‘‘यदि आनंद शर्मा जी को हिमाचली खाना पसंद है तो ट्रेन में सफर के दौरान वह हिमाचली खाना ले सकेंगे। यदि एंटनी जी को मलयाली भोजन पसंद है तो वह मलयाली भोजन ले सकेंगे।’’ प्रभु ने यह भी कहा कि ट्रेनों के डिब्बों में लगभग सभी शौचालयों को बायो-शौचाालयों में तब्दील करने पर रेलवे द्वारा काम किया जा रहा है। ‘‘हमने चेन्नई से एक हरित कॉरिडोर की शुरूआत भी की है जिसमें पटरियों पर कोई मानव मल नहीं फेंका जाता। इससे पटरियों की स्थिति में सुधार होगा क्योंकि इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। हम इसे आगे ले जाने पर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे ने अपनी तरह का पहला वैक्यूम शौचाालय विकसित किया है जैसा कि विमानों में इस्तेमाल होता है। ट्रेनों में जल्द वैक्यूम एवं बायो शौचालय लगाए जाने का विचार है।’’

    तीन मिनट का रेल गीत

    रेलवे ने रेलकर्मियों में उत्साह भरने और आम लोगों से संपर्क कायम करने के लिए तीन मिनट का रेल गीत आज जारी किया जिसकी पृष्ठभूमि में चलती ट्रेन के दृश्य हैं। जाने माने संगीत निर्देशक श्रवण ने यह गीत तैयार किया है और उसे उदित नारायण और कविता कृष्णमूति ने आवाज़ दी है। यह गीत ‘भारतीय रेल , हमें प्यार है भारतीय रेल से ’ रेलवे के हर कार्यक्रम के शुरू में बजाया जाएगा।

    रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस गीत के जारी होने के बाद कहा, ‘‘हमारे देश में प्रतीक लोगों को उत्प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं और यह रेल गीत सभी रेलकर्मियों और रेल उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसा ही प्रतीक होगा। यह उन्हें आगे बढ़ने और भारतीय रेल की तरक्की के लिए एकजुट होकर काम करने का ज़ज़्बा प्रदान करेगा। ’’ उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संघषरें के दौरान भी कई गानों और नारों ने लाखों लोगों की भावना जगायी थी।-पीटीआई

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