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सिर्फ 400 शब्दों में क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार और सूचनाएं, 'Way2News'

वे2न्यूज़ समाचारों को स्थानीय भाषाओं में पत्रिका के प्रारूप में उपलब्ध करवाने वाली एक मोबाइल आधारित एप्प हैवर्ष 2006 में Way2SMS तैयार करने वाले राजू वानापाला और उनकी कंपनी Way2Online की खोज है यह एप्पसमाचारों को इकट्ठा करके संक्षेप में 400 शब्दों में उपयोगकर्ताओं के लिये करते हैं प्रस्तुतफिलहाल हिंदी, अंग्रेजी और तेलगु भाषा में है उपलब्ध और जल्द ही 8 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने का है इरादा

Pooja Goel
15th Aug 2015
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अब से कुछ दशक पहले इंटरनेट के हमारे जीवन का एक मुख्य अंग बनते हुए मुख्यधारा में आने से पहले खबरों के लिये लोग सिर्फ रेडियो और अखबारों पर ही निर्भर रहते थे और सूचनाओं और जानकारी तक उनकी पहुंच बहुत सीमित होती थी। जैसे-जैसे हम डिजिटल युग की ओर तेजी से आगे बढ़े हैं अब हम सूचनाओं और जानकारियों के अधिभार से जूझ रहे हैं। एक्सेलाकाॅम की एक रिपोर्ट पर भरोसा करें तो प्रत्येक इंटरनेट मिनट में 320 नए ट्विटर एकाउंट तैयार होते हैं और लगभग 5,47,000 ट्वीट साझा किये जाने के अलावा 8,433 शेयर किये जाते हैं और 1.03 मिलियन वीडियो लूप डाले जाते हैं।

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सूचनाओं के क्षेक्ष में लोगों की बढ़ती हुई आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए उन्हें स्थानीय और वैश्विक खबरों के मामले में उन्हें अप-टू-डेट रखने में मदद कर रहे कई मंच संचालित हो रहे हैं जिनमें से कुछ तो मूल सामग्री प्रकाशित करते हैं और अधिकतर दूसरों की सामग्री को इकट्ठा कर उसे वितरित करते हैं। इसके अलावा सूचनाओं को लोगों तक पहुंचाने के कुछ और नए स्वरूप उभरकर सामने आ रहे हैं जिनमें मुख्यतः लघु रूप और स्थानीय भाषा में उपलब्ध करवाये जाने वाली सामग्री है। Way2News (वे2न्यूज़) दोनों ही क्षेत्रों में बखूबी खुद को ढालकर संचालित हो रहा है।

वे2न्यूज़ आखिरकार है क्या?

वे2न्यूज़ एक ऐसा मोबाइल एप्प आधारित उत्पाद है जो विभिन्न स्त्रोतों से समाचारों को इकट्ठा करके एक पत्रिका के प्रारूप में विभिन्न भारतीय भाषाओं में पेश करती है। जैसे-जैसे स्मार्टफोन छोटे और मझोले शहरों में रहने वाले लोगों के बीच लोकप्रिय होते जा रहे हैं इस टीम को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थानीय भाषाओं में समाचारों में मांग में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

यह उत्पाद मूलतः Way2Online (वे2आॅनलाइन) नामक कंपनी की देन है जो अपने एक और उत्पाद वे2एसएमएस के लिये जानी जाती है। नई पीढ़ी के उद्यमी राजू वानापाला वर्ष 2006 में Way2SMS (वे2एसएमएस) को दुनिया के सामने लाए थे और हाल ही में इस एप्लीकेशन ने 40 मिलियन उपयोगकर्ताओं के आंकड़े को छूने में सफलता पाई है। गौरतलब यह है कि राजू विजयवाड़ा जैसे एक छोटे से शहर में रहने वाले एक किसान परिवार से आते हैैं।

इसके अलावा राजू एक आॅनलाइन शैक्षणिक मंच ‘लर्नसोशल’ के संस्थापक और सीईओ भी हैं जहां इनका मुख्य काम संचालन के काम को संभालने के अलावा व्यापार को आगे बढ़ाने के लिये रणनीतिक योजनाएं तैयार करना है। पूर्ण रूप से ‘‘भारत के विकास की कहानी’’ में विश्वास करने वाले राजू भारत में इंटरनेट के क्षेत्र में एक बियिन डाॅलर की कंपनी को खड़ा करना चाहते हैं।

राजू कहते हैं, ‘‘भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट का प्रयोग करने वाला बाजार है और उम्मीद की जा रही है नई पीढ़ी के उपयोगकर्ताओं में अपने समकक्षों के मुकाबले अधिक ग्रामीण, बुजुर्ग, लैंगिक रूप से बराबर, मोबाइल और स्थानीय भाषाओं में करने वालेे होंगे। चूंकि यह खंड समाचारों और सामयिक महत्व को मुद्दों को देखने, सुनने और उनपर सार्थक बहस करना पसंद करते हैं इसलिये कई मायनों में यह बहुत ही क्षेत्रीय और भाषा-विशिष्ट है।’’

इसके काम करने का तरीका

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वे2न्यूज़ मुख्यतः 30 लोगों की एक टीम के द्वारा संचालित किया जा रहा है जिसमें 19 संपादक की जिम्मेदारी संभालते हैं और बाकी के लोग मोबाइल विकास और प्रबंधकीय भूमिकाओं के माध्यम से अपना समर्थन देते हैं। प्रारंभिक दौर में इस टीम ने विभिन्न एल्गोरिद्मों से खबरों के सार को तैयार करने के बारे में सोचा लेकिन समय के साथ इन्होंने अपने काम करने के तरीके में बदलाव लाते हुए अपनी एक टीम के द्वारा स्वयं ही इस काम को करने का निर्णय लिया।

राजू बताते हैं, ‘‘हमारे पेशेवर संपादक स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों, समाचार चैनलों, वेबसाइटों और ब्लाॅगों सहित कई समाचार स्त्रोतों को खंगालते हैं और सिर्फ 400 शब्दों में प्रत्येक समाचार को संक्षेप में प्रस्तुत करते हैं। हमारा इरादा अपने उपयोगकर्ताओं को कम समय खर्च करते हुए दुनियाभर की लगभग सभी बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों से रूबरू करवाना है। इस प्रकार उपयोगकर्ता कम समय में ही खुद को अपटूडेट रख सकता है।

इस टीम ने अपनी इस एप्लीकेशन का विभिन्न उपकरणों पर परीक्षण किया और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं जानने के लिये 5000 लोगों के बीच प्रायोगिक रूप से इसे संचालित किया। 400 शब्दों के समाचार संक्षेप के अलावा ये जब कभी भी संभव हो तो उपयोगकर्ताओं के लिये फोटो गैलरी और वीडियो भी जोड़ते हैं जिससे एक दृश्य अपील भी विकसित होती है। उपयोगकर्ता को मूल स्त्रोत पर प्रकाशित पूरी खबर से रूबरू होने के लिये सिर्फ उसके शीर्षक को क्लिक करना होता है। इसके अलावा कंपनी ने छवि अनुकूलन और अन्य तकनीकों का उपयोग करते हुए इस एप्लीकेशन को 2जी, 3जी और वाईफाई के साथ बेहतर रूप से काम करने के लिये भी विकसित किया है।

क्षेत्र की समीक्षा

लघु रूप से प्रस्तुत की जाने वाली लिखित सामग्री या फिर वीडियो की नई पीढ़ी के बीच एक व्यापक अपील है क्योंकि उनके पास आमतौर पर इस ओर ध्यान देने के लिये बहुत कम समय होता है और ट्विटर, वाइन, स्नैपचैट जैसे मंचों की सफलता इस बात को साबित भी करती है। वैश्विक स्तर पर सिरका लघु रूप से समाचार सामग्री तैयार करने वालों के बीच अग्रदूत माना जाता है। इन्होंने कुल मिलाकर 5.7 मिलियन अमरीकी डाॅलर का निवेश पाने में सफलता हासिल की लेकिन यह स्टार्टअप अपने व्यापार माॅडल को आगे बढ़ाने में असफल रहा और इस वर्ष के प्रारंभ में नेपथ्य में कहीं खो गया।

अगर हम भारत की बात करें तो ‘न्यूज़ इन शाॅर्ट’ लघु रूप से प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री के क्षेत्र में एक बड़ा खिलाडड़ी बनकर उभर रहा है और जुलाई 2015 में इसने टाइगर ग्लोबल से 20 मिलियन अमरीकी डाॅलर का निवेश पाने में सफलता पाई है। इके अलावा इस क्षेत्र में ‘क्रूक्सेटर’ और ‘आॅवसमली’ जैसे कुछ अन्य नाम बहुत लोकप्रिय हैं।

स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध सामग्री के बारे में बात करें तो भारत में ‘न्यूज़हंट’ इस क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। इन्होंने अपना सारा ध्यान सामग्री को स्थानीय भाषा में किताबों और समाचारों के रूप में पेश करने में लगाया है और बीते वर्ष 100 करोड़ रुपये औश्र इसी वर्ष फरवरी के महीने में 250 करोड़ रुपये का निवेश पाने में सफल रहे हैं।

राजू कहते हैं, ‘‘भारत में क्षेत्रीय सामग्री के लिये एक बहुत बड़ा बाजार है जिसमें आराम में 3 से 4 बड़े खिलाड़ी समायोजित होकर काम कर सकते हैं। अगर हम गूगल प्लेस्टोर पर खबरों से संबंधित शीर्ष 10 एप्लीकेशनों पर एक नजर डालें तो वर्तमान में स्थानीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध करवाने वाली एप्प हावी हैं जबकि करीब दो वर्ष पहले स्थिति बिल्कुल विपरीत थी।"

मार्केटिंग

वे2न्यूज़ अपने सहायक ब्रांड वे2एसएमएस के साथ छोटे और मझोले शहरों और कस्बों में विज्ञापन और मार्केटिंग के साथ अपनी स्थिति में लगातार सुधार कर रहा है। राजू को अनुमान है कि चूंकि वे2एसएमएस छोटे और मझोले शहरों में अब एक जानामाना नाम है और इसीलिये े इन इलाकों में बड़े आराम से अपने उत्पाद का विस्तार कर सकते हैं और वह भी बहुत कम मार्केटिंग पर बहुत कम पैसा खर्च करते हुए। इसके अलावा इन्हें उम्मीद है कि विदेशों में रह रहे भारतीय जो अपने राज्य या शहर से संबंधित खबरों से खुद को रूबरू रखना चाहते हैं भी इन्हें अपनाएंगे।

राजू वानापाला

राजू वानापाला


भविष्य की योजनाएं

वे2न्यूज़ 2 या 3 मिलियन उपयोगकर्ता के आधार तक पहुंचने से पहले अपने इस उत्पाद के माध्यम से राजस्व जुटाने की ओर नहीं देख रहे हैं लेकिन इनका इरादा आने वाले दिनों में बी2बी चैनलों के माध्यम से राजस्व जुटाने पर रहने की उम्मीद है। इनका पूरा ध्यान फिलहाल अंग्रेजी भाषा में सामग्री का सार पेश करने के अलावा क्षेत्रीय भाषा में सामग्री उपलब्ध करवाने पर है।

इसके अलावा यह कंपनी आने वाले दिनों में दुनियाभर के उपयोगकर्ताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिये अपनी एक आईओएस एप्प भी लाने की तैयारियों में हैं और भविष्य की योजनाओं के तहत ये अधिक भाषाओं की सामग्री को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।

वे2न्यूज़ के मुख्य सामग्री अधिकारी सुनील पाटिल कहते हैं, ‘‘यह कहने की जरूरत नहीं है कि इस काम में सामग्री ही सफलता कह कुंजी है। फिलहाल वे2न्यूज़ हिंदी और अंग्रेजी के अलावा तेलगू भाषा में भी उपलब्ध है। इसके अलावा हम आने वाले 45 दिनों में 8 और भाषाओं को जोड़ने की तैयारियों को अमली जामा पहना रहे हैं।’’

वेबसाइटः वे2न्यूज़

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