भारत में 'अरबपति' बनेगा गूगल

    By YS TEAM
    August 05, 2016, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:17:15 GMT+0000
    भारत में 'अरबपति' बनेगा गूगल
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    सर्च इंजन गूगल का लक्ष्य भारत में इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं की संख्या को बढ़ाकर एक अरब करना है। गूगल के दक्षिणी पूर्वी एशिया और भारत के उपाध्यक्ष राजन आनंदन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमारा भारत में एक साधारण सा मिशन है। हम एक अरब भारतीयों को ऑनलाइन लाना चाहते हैं।’’ 

     आनंदन ने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा एलान नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि भारत में अभी 35 करोड़ इंटरनेट प्रयोगकर्ता हैं और 2020 तक यह संख्या बढ़कर 60 करोड़ हो जाने की उम्मीद है।

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    उन्होंने कहा कि इंटरनेट को और अधिक वहनीय और पहुंच में लाकर ऐसा करना संभव है। कंपनी इसके लिए अपनी पहलों के जरिए प्रयास कर रही है जैसे कि वह रेलवे स्टेशनों पर रेलटेल के सहयोग से मुफ्त वाई-फाई की सेवा दे रही है।

    इस पहल की शुरूआत इस साल की शुरूआत में की गई थी और अभी देश के 27 रेलवे स्टेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध है।

    उल्लेखनीय है कि गूगल की शुरुआत 1996 में एक रिसर्च परियोजना के दौरान लैरी पेज़ तथा सर्गेई ब्रिन ने की थी। उस वक्त लैरी और सर्गी स्टैनफौर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफ़ोर्निया में पीएचडी के छात्र थे। गूगल विश्व भर में फैले अपने डाटा-केंद्रों से दस लाख से ज़्यादा सर्वर चलाता है और दस अरब से ज़्यादा खोज-अनुरोध तथा चौबीस पेटाबाईट उपभोक्ता-संबंधी डाटा संसाधित करता है। 

    कम्पनी की मूलभूत सेवा वेब-सर्च-इंजन के अलावा, गूगल ने दुनिया भर में बडी संख्या में उत्पादन, अधिग्रहण और भागीदारी की हैं। ऑनलाइन उत्पादक सौफ़्ट्वेर, जीमेल ईमेल सेवा और सामाजिक नेटवर्क साधन, गूगल बज़ जैसी सेवाएँ प्रदान करती है। ब्रैंडज़ी के अनुसार गूगल विश्व का सबसे ताकतवर ब्राण्ड है। बाज़ार में गूगल की सेवाओं का प्रमुख होने के कारण, गूगल की आलोचना कई समस्याओं, जिनमें व्यक्तिगतता, कापीराइट और सेंसरशिप शामिल हैं, से हुई है। (पीटीआई से सहयोग के साथ)