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आप पैसे कमाइए, टैक्स भरने की चिंता ‘माइटैक्सकैफे’ पर छोड़िए...

जून 2013 में माइटैक्सकैफे लॉन्च 40 हजार रजिस्टर्ड यूजर्समाइटैक्सकैफे की टीम में 15 सदस्य पूरी तरह से एक B2C स्टार्टअप

Sahil
15th Jul 2015
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अरजित गुप्ता एक कानपुर बेस्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं जिनके पास टैक्सेशन का 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनका एक पसंदीदा जोक है जिसे वो अक्सर शेयर करते हैं---

इंदिरा गांधी ने एक बार भगवान से पूछा, “संजय गांधी भारत के प्रधानमंत्री कब बनेंगे?”

भगवान ने जवाब दिया, “अपने जीवन-काल में कभी नहीं।”

निराश इंदिरा ने आगे पूछा, “राजीव गांधी भारत का प्रधानमंत्री कब बनेंगे?”

भगवान ने जवाब दिया, “तुम्हारे जीवन-काल में कभी नहीं।”

इंदिरा ने और ज्यादा साहस जुटाकर पूछा, “इन्कम टैक्स रिटर्न्स भरना कब आसान होगा?”

इंदिरा गांधी करीब-करीब मूर्छित ही हो गईं जब उन्होंने भगवान से सुना, “मेरे जीवन-काल में कभी नहीं।”

अरजित इस व्यंग्य के पीछे की भावना को अच्छे से जानते हैं। और यही वजह भी है कि उन्होंने अपने स्टार्टअप Mytaxcafe के बारे में सोचा। अरिजित, सतीश भाटिया और अभिषेक पोरवाल तीनों ने मिलकर जून 2013 में माइटैक्सकैफे को लॉन्च किया। सतीश एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिनके पास अमेरिका में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करने का 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। वहीं अभिषेक एक फाइनेंस प्रोफेशनल हैं जिनके पास कॉर्पोरेट और पर्नसल फाइनेंस के क्षेत्र में शानदार अनुभव है।

यूपी के दिल कानपुर से काम कर रहे माइटैक्सकैपे की टीम में 15 सदस्य हैं जिनका लक्ष्य मैक्सिमम टैक्स सेविंग्स के साथ आसान टैक्स फिलिंग सॉल्यूशंस देना है। अरिजित कहते हैं- “हम सभी तरह के टैक्स बेस्ड क्वेरिज के लिए भारत का एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन बनने की राह पर हैं। चाहे टैक्स रिटर्न्स की ई-फाइलिंग हो या टैक्स रिफंड्स पाने में सहायता की बात हो या फिर टैक्स प्लानिंग और टैक्स कंसल्टेंसी सरीखे मसले हों, हम एक ही जगह पर सबका सोल्यूशन देना चाहते हैं।”

माइटैक्सकैफे लोगों को उनके इन्कम टैक्स रिटर्न्स को शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ ई-फाइल करने में मदद करता है ताकि यूजर के हाथ से टैक्स सेविंग का कोई भी मौका ना छूटने पाए। करीब 40 हजार रजिस्टर्ड यूजर्स के साथ माइटैक्सकैफे फिलहाल पूरी तरह से एक B2C स्टार्टअप है। मगर कंपनी कॉर्पोरेट्स और बैंकों के साथ टाई-अप की प्रक्रिया में है ताकि ये B2B2C सर्विस उपलब्ध करा सके।

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माइटैक्सकैफे का जन्म अरिजित के उन अनुभवों से हुआ जिसे उन्होंने टैक्सपेयर्स के साथ इंटरेक्शन के दौरान हासिल किया। वह बताते हैं- “मैंने महसूस किया कि एक तरफ तो इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स फाइलिंग के लिए उत्साहित कर रहा है मगर दूसरी तरफ वह आसान टैक्स फाइलिंग सॉल्यूशंस देने में नाकाम साबित हो रहा है।” भारत में कुल कर दाताओं की तादाद देश की जनसंख्या का महज 3 फीसदी है और माइटैक्सकैफे के मुताबिक इसकी मुख्य वजह देश में शिक्षा और टैक्स फ्रेंडली माहौल की कमी है।

माइटैक्सकैफे फ्रीमियम मॉडल पर काम करता हैं जहां बेसिक आइटीआर फाइलिंग फ्री ऑफ कॉस्ट है और सीए-असिस्टेड फाइलिंग जैसी प्रीमियम सेवाओं के लिए भविष्य में चार्ज लिया जाएगा। इस क्षेत्र में बहुत सारे दूसरे स्टार्टअप्स भी मौजूद हैं। क्लियर टैक्स भी एक ऐसा ही स्टार्टअप है जो इस क्षेत्र में भारत का पहला स्टार्टअप है। इसके अलावा क्विको और टैक्समंत्रा भी ऐसे ही स्टार्टअप हैं। सरकारी वेबसाइट भी निश्चित तौर पर एक ऑप्शन है मगर ये यूजर-फ्रेंडली नहीं होने की वजह से मात खा जाती है। माइटैक्सकैफे की योजना अपनी सेवाओं को यूजर्स से आगे बढ़ाकर फ्रीलांसर्स, कमिशन एजेंट्स, प्रोफेशनल और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स तक फैलाने की है। मोबाइल के मोर्चे पर विकास को गति देने के लिए एक ऐप पर काम भी तेजी से चल रहा है।

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