12 साल के आइजैक की बुद्धि है 17 साल के बच्चों से भी तेज, देगा 10वीं की परीक्षा

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12 साल का आइजैक पॉललुंगमुआन वैफेई 10वीं की परीक्षा देने जा रहा है। आइजैक को इसके लिए मंजूरी भी मिल गई है। साथ ही वह असम की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाला सबसे कम उम्र का स्टूडेंट बन जाएगा।

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फोटो ANI

एज इज जस्ट ए नंबर, यानी कि उम्र केवल एक संख्या है। इसी बात का जीता जागता उदाहरण है मणिपुर निवासी 12 साल का लड़का आइजैक पॉललुंगमुआन वैफेई, हम आपको यह इसलिए बता रहे हैं क्योंकि यह बच्चा 12 साल की उम्र में ही 10वीं की परीक्षा देने जा रहा है। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के कांगवई गांव में रहने वाले आइजैक को इसके लिए मंजूरी भी मिल गई है। इसके साथ ही वह असम की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाला सबसे कम उम्र का स्टूडेंट बन जाएगा। आइजैक ने 8वीं तक की पढ़ाई माउंट ऑलिब स्कूल से की है।


नियमों के मुताबिक, किसी भी छात्र को 10वीं की परीक्षा में बैठने के लिए 1 अप्रैल तक 15 साल की आयु पूरी करनी होती है लेकिन आइजैक की आयु कम थी। इसलिए डिपार्टमेंट ऑफ क्लिनिकल साइकोलॉजी रिम्स इंफाल में आइजैक का आईक्यू टेस्ट कराया गया। टेस्ट में पाया गया कि आइजेक की मानसिक आयु 17 साल 5 महीने है और उसका IQ लेवल 141 है।


यह आईक्यू लेवल बौद्धिक तौर पर तीक्ष्ण बच्चों का होता है। यानी कि जितनी समझ 17 साल और 5 महीने के बच्चों की होती है, उतनी आइजैक को 12 साल में है। दी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (BOSEM) ने आइजैक को असम हाई स्कूल लीवींग सर्टिफिकेट की परीक्षा (10वीं बोर्ड) में बैठने की अनुमति दे दी गई है। उसे एक स्पेशल केस माना गया है।  

 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आइजैक का कहना है,


'मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं। मैं आइजैक न्यूटन का प्रशंसक हूं। मुझे लगता है कि मैं उनके जैसा हूं और हम दोनों का नाम भी एक जैसा है।'


वह अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा है। उसके पिता जेनखोलियन ने कहा कि आइजैक को 10वीं की परीक्षा में बैठने के लिए पहले तो अधिकारियों ने उम्र 12 से 15 साल लिखवाने के लिए कहा लेकिन फिर उन्होंने बच्चे की लगन और जुनून को देखते हुए उच्च अधिकारियों से संपर्क किया और यह सब मुमकिन हो पाया।


जेनखोलियन ने बताया,

'हम बहुत खुश हैं और डिपार्टमेंट को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने मेरे बेटे को यह अवसर दिया।'


अगर टैलेंट हो तो उम्र सिर्फ एक नंबर रह जाता है। आइजैक के अलावा इसका उदाहरण हैदराबाद के सिद्धार्थ श्रीवास्तव पिल्लई भी है जिसे महज 12 साल की उम्र में ही एक मल्टीनेशनल कंपनी में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी मिली है। सिद्धार्थ की स्टोरी आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं।




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