संस्करणों

ट्राई के सवालों का जवाब देने के लिए रिलायंस जियो ने मांगा समय

रिलायंस जियो ने ट्राई को पत्र लिखकर जवाब देने के लिये 29 दिसंबर तक का समय मांगा है।

28th Dec 2016
Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share

रिलायंस जियो ने दूरसंचार नियामक ट्राई के सवालों का जवाब देने के लिये 29 दिसंबर तक का समय मांगा है। ट्राई ने कंपनी से यह पूछा है, कि मुफ्त वॉयस कॉल तथा डाटा योजना की अवधि बढ़ाये जाने को मौजूदा नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। नियमों के तहत आमंत्रण योजना 90 दिनों तक सीमित होनी चाहिए।

image


नई हैपी न्यू ईयर पेशकश जियो वेलकम ऑफर से पूरी तरह भिन्न है। शुरूआती पेशकश में 4जीबी डेटा प्रतिदिन मुफ्त उपलब्ध कराया गया था। नई पेशकश में यह सीमा उचित इस्तेमाल नीति के तहत 1जीबी तय की गई है : रिलायंस जियो

ट्राई ने 20 दिसंबर को जियो को पत्र लिखकर पांच दिन में यह स्पष्ट करने को कहा था, कि आखिर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ पेशकश को नियामकीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन क्यों नहीं माना जाना चाहिए। नियामक ने यह भी पूछा कि आमंत्रण योजना के मुफ्त डाटा पेशकश को क्यों नहीं बाजार खराब करने वाला पेशकश समझा जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार रिलायंस जियो ने अब ट्राई को पत्र लिखकर जवाब देने के लिये 29 दिसंबर तक का समय मांगा है। इस बारे में रिलायंस जियो को भेजे गये ई-मेल का कोई जवाब नहीं आया।

गौरतलब है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने रिलायंस जियो से पूछा था, कि उसके द्वारा मुफ्त वॉयस और डाटा प्लान की पेशकश के विस्तार को क्यों न मौजूदा नियमनों का उल्लंघन माना जाए। इसकी वजह प्रचार या प्रमोशन से जुड़ी पेशकश की अवधि 90 दिन की होती है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने अपनी 90 दिन की वेल्कम योजना 3 दिसंबर को बंद होने से पहले मौजूदा तथा नए ग्राहकों के लिए ‘हैपी न्यून ईयर ऑफर’ की पेशकश की थी, जिसके बाद ट्राई ने कंपनी को नोटिस भेजा है। नियामक द्वारा 20 दिसंबर को लिखे गए पत्र में कंपनी से पूछा गया था, कि प्रमोशनल योजना के तहत फ्री डाटा की पेशकश को क्या न बाजार बिगाड़ने वाला माना जाए।

मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है, कि नियामक ने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 18 दिसंबर तक 6.3 करोड़ हो गई है और कंपनी जल्द ब्रॉडबैंड क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी होगी।

रिलायंस जियो ने दलील दी थी, कि पहली पेशकश में 4जीबी की सीमा समाप्त होने के बाद नवीकरण या भुगतान का विकल्प नहीं था, जबकि नई पेशकश में डेटा का रिचार्ज किया जा सकता है। इन सबके पीछे की वजह भारती एयरटेल को माना जा रहा है, क्योंकि भारती एयरटेल ने ही मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो को निर्धारित 90 दिन के बाद भी मुफ्त पेशकश को जारी रखने की अनुमति देने के ट्राई के निर्णय के खिलाफ दूरसंचार विवाद न्यायाधिकरण टीडीसैट के खिलाफ याचिका दायर की थी। 

कंपनी ने आरोप लगाया था, कि नियामक उल्लंघन को लेकर ‘मूक दर्शक’ बना हुआ है। दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) के समक्ष 25 पृष्ठ की अपनी याचिका में एयरटेल ने ट्राई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था, कि जियो 31 दिसंबर के बाद मुफ्त वॉयस और डाटा योजना उपलब्ध नहीं करा सके। कंपनी ने आरोप लगाया था, कि ट्राई के शुल्क आदेश का मार्च 2016 से लगातार उल्लंघन हो रहा है और इससे उसे नुकसान हो रहा है तथा उसके नेटवर्क पर असर पड़ रहा है क्योंकि जियो के मुफ्त कॉल के कारण कॉल की संख्या काफी बढ़ गयी है। याचिका पर सुनवाई हुई। जियो के वकील मौजूद थे, लेकिन ट्राई को अपने निर्णय के लिये 10 दिन का समय चाहिए था। मामले की अगली सुनवाई छह जनवरी 2017 को होगी।

Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags