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भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुर और ताल से झंकृत ‘त्वांग’

1 लाख से ज्यादा लोग कर रहे हैं इस ऐप का इस्तेमालकई देशी और विदेशी कलाकार जुड़ेहर रोज 250 से ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं ‘त्वांग’ के साथ

18th Jun 2015
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मोबाइल पर गाने सुनने का फैशन इन दिनों चरम पर है, लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जिन्होने कई साल पहले ही इस इस बात का अनुमान लगा लिया था कि मोबाइल ना सिर्फ बात करने के लिए बल्कि उनके मनोरंजन में भी मददगार साबित होगा। तभी तो साल 2012 में शुरू हुई MobiSparks ने त्वांग की शुरूआत की। ये एक बड़ा ऑनलाइन म्जूजिक स्टोर है। जहां पर कोई भी भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़े हाई प्रोफाइल कन्सर्ट और जाकिर हुसैन जैसे सेलिब्रिटी कलाकारों को सुन सकता है। एनरोइड फोनों में छाने के बाद अब हाल ही में इसने आईओएस वर्जन भी पेश किया है।

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त्वांग के सह-संस्थापक विष्णु रानेड के मुताबिक उनके एनरोइड ऐप ने काफी अच्छा काम किया। जिसने शून्य से शुरूआत कर 1 लाख से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ा और वो भी सिर्फ 16 महीनों के दौरान। इसके लिए प्रचार से ज्यादा लोगों ने एक दूसरे को इसके बारे में बताया यही कारण है कि आज भी हर रोज 250 से ज्यादा लोग इस ऐप के साथ जुड़ रहे हैं।

अपनी रणनीति के तहत इन लोगों की पहली योजना काफी कारगर साबित हुई। जहां एक ओर आम लोगों को इसकी जानकारी मिली तो दूसरी ओर इसे लेकर लोगों में उत्साह भी था उस संगीत को लेकर जिसे वो सुनना चाहते हैं। इन लोगों को उम्मीद है कि साल के अंत तक इनके बनाए ऐप को 2 बिलियन लोग इस्तेमाल करेंगे। ये वो लोग होंगे जिनकी रूचि भारतीय शास्त्रीय संगीत में है।

पिछले दो सालों के दौरान त्वांग ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कई देशी और विदेशी संगीतकारों के साथ समझौता किया है। इससे इन लोगों को वैश्विक स्तर पर विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपना संगीत पहुंचाने में मदद मिलेगी। ऐसे संबंधों से सभी के हित एक साथ तो पूरे होंगे ही साथ ही ये इनके पूर्व निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में भी मददगार साबित होगा।

ऐनरोइड फोन के लिए साल 2012 में मोबीस्पॉर्क लॉच करने के बाद आईफोन के लिए खास ऐप लाने की मांग लगातार की जा रही थी। इस मांग को पूरा करने के लिए इन्होने 6 महीने पहले आई फोन के लिए भी वर्जन पेश कर दिया है। फीचर के मामले में आईओएस वर्जन बिल्कुल ऐनरोइड वर्जन की तरह है। त्वांग के प्रिमियम वर्जन जिसको आईओएस और ऐनराइड में इस्तेमाल किया जा सकता है उसके लिए इन लोगों के पास पहले से ही कई ऑर्डर हैं। विष्णु के मुताबिक 60 से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्होने ऐप जारी होने से पहले ही साल भर का शुल्क दे दिया है। जो इस ऐप के जल्दी विकास और नकदी के प्रवाह में मददगार साबित होगा।

त्वांग के केटलॉग में इस वक्त 1लाख से ज्यादा म्यूजिक टाइटल, 6 हजार एल्बम और 4 हजार कलाकार जुड़े हैं। खास बात ये है कि इस ऐप में सब कुछ गैर फिल्मी भारतीय संगीत है। जिसमें क्लॉसिकल, फ्यूजन, कॉन्टेमपरी, लाइव कॉन्सर्ट जैसी कई और चीजों का समावेश है, उन स्मॉर्टफोन उपभोक्ताओं के लिए जो भारतीय संगीत के मुरीद हैं। अब तक इन लोगों ने 40 से ज्यादा म्यूजिक कंपनियों के साथ समझौता किया है। इसके अलावा कई नामी कलाकारों के साथ भी समझौता किया गया है। जैसे शुभा मुद्गल, विश्व मोहन भट्ट, जाकिर हुसैन, सुधा रघुनाथन और रोनू मजूमदार शामिल हैं। इसके अलावा इन लोगों की योजना अगले 12 महीनों के दौरान 300 से ज्यादा एल्बन रिलिज करने की है। इसके लिए इनकी कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय कलाकारों और म्जूजिक कंपनियों के साथ बातचीत निर्णायक दौर पर है।

ये उद्यम साल 2012 जब मोबीस्पॉर्क लॉच किया गया था वहां से काफी आगे का सफर तय कर चुका है। विष्णु के मुताबिक जब इन लोगों ने त्वांग को जारी किया था तो इनके पास 300 से ज्यादा यूजर थे। ओईएम के साथ समझौता करने से इनको काफी फायदा मिला है। फिर चाहे वो उपभोक्ताओं की संख्या हो या इसका प्रसार। इस समझौते से मार्च, 2014 तक 50 हजार नये यूजर त्वांग से जुड़े हैं और इन लोगों को उम्मीद है कि आने वाले 12 महीनों के दौरान 2 लाख से 3 लाख नये यूजर इन लोगों के साथ जुडेंगे। त्वांग की टीम अब कई दूसरे मॉडल पर भी काम कर रही है और अब इनका ध्यान ऐसे ऐप पर है जिस पर शुल्क लगा कर आय प्राप्त की जा सके।

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