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मास्टरशेफ इंडिया सीजन-1 की विनर से मिलिए जिन्होंने टीचिंग से शुरू किया था अपना सफर

पंकज भदौरिया अब बन गई हैं राइटर

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5th May 2018
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हममें से कितने लोग एक सधी हुई ज़िंदगी को छोड़कर अपने सपनों के पीछे चलने की हिम्मत करेंगे, वह भी सिर्फ़ अपने जुनून के भरोसे? हममें से कितने लोग ऐसे रास्तों पर चलने को तैयार हैं, जहां कम लोग जाना पसंद करते हैं?

पंकज भदौरिया

पंकज भदौरिया


जब उन्होंने एक लेखक और विश्लेषक के तौर पर अपनी नई पारी की शुरूआत की, तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। अब पंकज के नाम पर 5 बेस्ट सेलर किताबे हैं।

2010 में मशहूर टीवी रियेलिटी शो 'मास्टर शेफ़' जीतने वाली पंकज भदौरिया अब पेशे से लेखक और फ़ूड एक्सपर्ट हैं। पंकज इस शो में आने से पहले 16 साल तक लखनऊ में एक शिक्षिका के रूप में अपनी ज़िंदगी बिता रही थीं। पंकज की कहानी साधारण नहीं हैं, इसमें असाधारण महत्वकांक्षा का तड़का है। हममें से कितने लोग एक सधी हुई ज़िंदगी को छोड़कर अपने सपनों के पीछे चलने की हिम्मत करेंगे, वह भी सिर्फ़ अपने जुनून के भरोसे? हममें से कितने लोग ऐसे रास्तों पर चलने को तैयार हैं, जहां कम लोग जाना पसंद करते हैं?

हम सब पंकज भदौरिया की शानदार कहानी से कुछ न कुछ सीख सकते हैं। 2010 में 'मास्टर शेफ़' जीतने के बाद पंकज रूकी नहीं, उन्होंने 'शेफ़ पंकज का ज़ायका', 'किफ़ायती किचन', 'सेल्स का बाज़ीगर', 'रसोई' और '3 कोर्स विद पंकज' जैसे अनोखे कार्यक्रमों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी मौजूदगी बनाए रखी, और जल्द ही वह कई ब्रैंड्स का चेहरा बन गईं। इसीलिए जब उन्होंने एक लेखक और विश्लेषक के तौर पर अपनी नई पारी की शुरूआत की, तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। अब पंकज के नाम पर 5 बेस्ट सेलर किताबे हैं।

योरस्टोरी के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में पंकज ने अपनी पूरी कहानी हमारे साथ साझा की। साथ ही उन्होंने अपने भविष्य के प्लान के बारे में भी हमें बताया।

योरस्टोरी: क्या आप अपने बारे में कुछ बताना चाहेंगी?

पंकज भदौरिया: मैं दिल्ली में पैदा हुई और मेरी स्कूलिंग भी वहीं से पूरी हुई। मैंने आगे की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की, जहां मैंने शिक्षा और अंग्रेज़ी साहित्य में डिग्री हासिल की।

योरस्टोरी: आपको हमेशा से खाना बनाने का शौक था?

पंकज भदौरिया: मैंने 11 साल की कम उम्र से ही खाना बनाना शुरू कर दिया था। मैं जो भी करती थी, मेरे परिवार के लोग मुझे उसमें हमेशा प्रोत्साहित करते थे और साथ में मुझे सिखाते भी थे, और इसी तरह मैं अपने काम में बेहतर होती गई।

योरस्टोरी: आप 'मास्टर शेफ़' शुरू होने से पहले कई साल तक शिक्षिका थीं...

पंकज भदौरिया: हां, मैंने आईएससी क्लासेस में बतौर अंग्रेज़ी शिक्षक अपने करियर की शुरूआत की थी। 'मास्टर शेफ़' के ऑडिशन के लिए कॉल आने के बाद मेरी ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल गई और मैंने अपनी 16 साल पुरानी नौकरी छोड़ दी।

योरस्टोरी: अपने 'मास्टर शेफ़' के सफ़र के बारे में हमें कुछ बताइये। आपका अनुभव कैसा रहा?

पंकज भदौरिया: 'मास्टर शेफ़' मेरे लिए एक टर्निंग पॉइंट की तरह था। टॉप 12 में चुना जाना बेहद मुश्किल था, लेकिन वहीं से मुझे आगे आने वाले संघर्ष के लिए प्रेरणा मिली। उसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं एक बार 'डेंजर ज़ोन' में भी आई, पर भगवान की दया से सब कुछ ठीक रहा और मैं जीत गई।

योरस्टोरी: 'मास्टर शेफ़' ने आपकी ज़िंदगी को कैसे बदला? क्या आप फ़ूड और कुकिंग को अलग अलग देखती हैं?

पंकज भदौरिया: 'मास्टर शेफ़' का पहला सीज़न जीतना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। 'मास्टर शेफ़' ने ही मुझे एक आम शिक्षक से एक ख़ास शेफ़ में बदला। उसके बाद मैंने खाने को एक अलग नज़रिये से देखना शुरू किया।

योरस्टोरी: खाने की दुनिया में आप एक सेलेब्रिटी हैं, यह अनुभव आपके लिए कैसा रहा ?

पंकज भदौरिया: 'मास्टर शेफ़' की वजह से मेरी पहुंच ज़्यादा लोगों तक बढ़ी, और मैं अपने काम को ज़्यादा लोगों के साथ साझा कर पाई और इसके लिए मेरे टेलिविज़न प्रोग्रैम एक अहम ज़रिया बने।

योरस्टोरी: आप एक मशहूर लेखक भी हैं। आप अपनी किताबों के लिए विषय कैसे चुनती हैं?

पंकज भदौरिया: मैं बहुत ध्यान से अपनी किताबों के विषय चुनती हूं। मुझे चुनौतियां पसंद हैं, इसलिए मैं ऐसे विषयों पर लिखना पसंद करती हूं, जिसके बारे में मुझे पढ़ने और रीसर्च करने का मौक़ा मिले। जहां 'चिकन फ़्रॉम माय किचन' हमारी देसी चिकन करी के बारे में है, वहीं 'स्पाइस मिक्स' में हमारे मसालों का ज़िक्र है।

योरस्टोरी: 'फ़्यूज़न फूड' के बारे में आपके क्या विचार हैं?

पंकज भदौरिया: यह पुराने और नए को मिलाने का एक रोचक तरीक़ा है। इससे हमें नए नए स्वाद के बारे में पता चलता है।

योरस्टोरी: आपके लिए कम्फ़र्ट फ़ूड क्या है?

पंकज भदौरिया: सादी खिचड़ी, जिसपर मक्खन और पापड़ ऊपर से डाले गए हों।

योरस्टोरी: आप लेटेस्ट फ़ूड ट्रेन्ड के बारे में कैसे जानती हैं और 2018 के लिए 3 नए फ़ूड ट्रेंड क्या हैं?

पंकज भदौरिया: मैं इंडस्ट्री के लेटेस्ट ट्रेंड के साथ ख़ुद को अपडेट रखती हूं, मेरे लिए नए फ़ूड ट्रेंड होंगे:

• ज़्यादा लोग शाकाहार की तरफ़ बढ़ेंगे और इससे पौधों पर आधारित खाने और सूपर फ़ूड की मांग बढ़ेगी।

• खाना बनाने और परोसने के तरीक़ों में तकनीक का प्रभाव पड़ेगा।

• स्थानीय क्यूज़ीन और खाने को मुख्य धारा में जगह मिलेगी।

योरस्टोरी: अक्सर यह कहा जाता है कि दुनिया के बड़े शेफ़्स में ज़्यादातार पुरुष हैं। आपका इसके बारे में क्या कहना है?

पंकज भदौरिया: यह बहुत ही क्रूरतावादी बयान है! आज के माहौल में महिलाओं के पास नौकरियां चुनने का अधिकार है, ख़ासकर किचन सेक्टर में। हां, पहले कुछ समस्या ज़रूर थी मगर अब ऐसा नहीं है। अब हर क्षेत्र में महिलाओं का टैलेन्ट सामने आ रहा है, और किचन इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है।

योरस्टोरी: आपका आगे का प्लान क्या है?

पंकज भदौरिया: मैं खाना बनाने की शिक्षा पर काम करना चाहूंगी, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसे करियर के रूप में चुन पाएं। मैं अपनी ऐकैडमी और रेस्त्रां को अधिक शहरों तक ले जाना चाहती हूं और किताबें लिखना चाहती हूं, और इन सबके साथ-साथ नए टीवी शो बनाना चाहती हूं।

यह भी पढ़ें: तेज बुखार में ड्रिप चढ़ाते हुए दिया था मेन्स का एग्जाम, पहले प्रयास में हासिल की 9वीं रैंक

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