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सरकारी बैंकों को मजबूत करना प्राथमिकता है: वित्तमंत्री

योरस्टोरी टीम हिन्दी
21st Sep 2015
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पीटीआई


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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने की जरूरत पर बल देते हुए वित्त मंत्री अरण जेटली ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है एनपीए का स्तर कम करना और उन्हें मजबूत करने के बाद नयी पूंजी जारी करने और अपेक्षाकृत कमजोर बैंकों का विलय जैसी पहलें बाद में होंगी।

बैंकों को मजबूत करने संबंधी की गई पहलों के बारे में जेटली ने कहा ‘‘सिर्फ 70,000 करोड़ रपए ही नहीं . अतिरिक्त पूंजी के जरिए 1.10 लाख करोड़ रुपए आ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘हमारा विचार यह है कि पहले बैंकों को मजबूत किया जाए और फिर पूंजी जारी की जाए। मैं एनपीए :वसूली न किए जा सकने वाले रिण: के मौजूदा स्तर पर पूंजी जारी नहीं करूंगा। मैंने तीन-चार साल का खाका तैयार किया है। अगले तीन साल में हम बेसल-3 के मानदंडों का अनुपालन कर लेंगे। इसलिए 1.80 लाख करोड़ रपए का निवेश होना है जिसमें बजट के जरिए 70,000 करोड़ रपए शामिल है।’’ उन्होंने सिंगापुर और हांगकांग की चार दिन की यात्रा के आखिरी दिन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘‘पहली कोशिश बैंकों को मजबूत करने की है। पहले हमें उनका एनपीए कम करना होगा तभी बैंकों को पूंजी जारी किया जाएगा।’’ यह पूछने पर कि क्या वह कुछ बैंकों के विलय पर विचार कर रहे हैं, जेटली ने कहा, ‘‘यह विकल्प बैंकों को मजबूत करने के बाद खुलेगा।’’

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