जो ख़रीद नहीं सकते पर इस्तेमाल कर के देखना चाहते हैं, वो सब अब मिलेगा Mutterfly पर

By yourstory हिन्दी
August 29, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:17 GMT+0000
जो ख़रीद नहीं सकते पर इस्तेमाल कर के देखना चाहते हैं, वो सब अब मिलेगा Mutterfly पर
एक दिन के लिए कुछ किराए पर चाहिए? Mutterfly आपको दे रहा है ये सुविधा
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अगर वीकेंड में इलेक्ट्रिक तंदूर और karaoke सेट मिल जाये तो वीकेंड का मज़ा दोगुना हो सकता है न? और कैसा रहे अगर आपका प्यार आपको हेलीकॉप्टर पर प्रपोज़ करे? मुंबई का Mutterfly ऐप आपके ये सभी सपने पूरे कर सकता है।

अक्षय

अक्षय


अक्षय भाटिया द्वारा शुरू किया गया Mutterfly, किराए पर लोगों को सामान उपलब्ध करा कर हर दिन सफलता की नयी सीढ़ियां चढ़ रहा है। ये लोगों को ऐसी चीज़ें भी किराये पर देता है जो आम तौर पर किराये पर उपलब्ध नहीं होतीं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, पार्टी गियर, कैमरा, yacht, और हेलीकॉप्टर।

किराये पर सामान देने वाला ऐप, Mutterfly शेयरिंग के ज़रिये लोगों को घर का सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पार्टी गियर, कैमरा, yacht, यहाँ तक कि हेलीकॉप्टर तक किराए पर उपलब्ध करा रहा है। अगर वीकेंड में इलेक्ट्रिक तंदूर और karaoke सेट मिल जाये तो वीकेंड का मज़ा दोगुना हो सकता है न? और कैसा रहे अगर आपका प्यार आपको हेलीकॉप्टर पर प्रपोज़ करे? मुंबई का Mutterfly ऐप आपके ये सभी सपने पूरे कर सकता है।

अक्षय भाटिया द्वारा शुरू किया गया Mutterfly, किराए पर लोगों को सामान उपलब्ध करा कर हर दिन सफलता की नयी सीढ़ियां चढ़ रहा है। ये लोगों को ऐसी चीज़ें भी किराये पर देता है जो आम तौर पर किराये पर उपलब्ध नहीं होतीं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, पार्टी गियर, कैमरा, yacht, और हेलीकॉप्टर। अभी तक ये ऐप मुंबई और पुणे में ही सुविधाएं उपलब्ध कराता है।

वैसे Mutterfly की शुरुआत इस रूप में नहीं हुई थी। 27 वर्षीय अक्षय, जो पहले Morgan Stanley में बैंकर रह चुके हैं, ने 2015 में खाना शेयर करने के प्लेटफ़ॉर्म के रूप में इस ऐप की शुरुआत की थी। ये ऐप खाने के शौकीनों को home chefs से जोड़ता था। कुछ महीनों में ही उन्हें समझ आ गया कि सप्लाई की समस्या के कारण ये काम ज़्यादा नहीं चल पायेगा।

अक्षय ने उस सर्वे को फिर से देखा जो उन्होंने Mutterfly के शुरूआती दिनों में किया था। उन्होंने पाया कि एक आम भारतीय घर में लगभग 30,000 रूपये का ऐसा सामान पड़ा होता है जिसका इस्तेमाल नहीं किया जाता। घरों में पायी जाने वाली ऐसी चीज़ों में barbecue grill सबसे आम है। इसी तरह, leg massagers भी हैं। ये वो चीज़ें हैं जिन्हें लोग ख़रीद तो लेते हैं लेकिन इस्तेमाल कम ही करते हैं। इसी से उन्हें Mutterfly को नया रूप देने का ख़याल आया।

जनवरी 2017 में इसे शुरू किया गया। अक्षय ने बहुत छोटी टीम से शुरुआत की थी, जिसमें केवल तीन लोग थे, जिनमें एक android developer और एक CTO शामिल था। अब इस स्टार्ट अप में एक logistics टीम को मिलाकर 15 कर्मचारी हैं।

Mutterfly क्यों?

Mutterfly पांच segments में सामान उपलब्ध कराता है, घरेलू सामान, फ़ोटोग्राफ़ी (कैमरा, लेंस, ड्रोन आदि), गेमिंग, हाउस पार्टी का सामान (स्पीकर, मशीनें, LED TVs, कराओके सेट), इलेक्ट्रॉनिक्स (लैपटॉप, फ़ोन, प्रोजेक्टर), luxury premium rentals (yacht, विंटेज कारें, हेलीकॉप्टर) और बाहर ले जाने का सामान (जूते, walking sticks, लाईट, टेंट, ट्रेकिंग बैग़पैक). ये ऐप Android और iOS प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है।

Mutterfly लगभग 72,000 लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और हर महीने 3,500 लोग इससे सुविधाएं लेते हैं। अक्षय बताते हैं कि हर महीने इस संख्या में 20 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हो रहा है और 55 प्रतिशत लोग इसे बार-बार इस्तेमाल करते हैं। अक्षय मानते हैं कि मिडल-क्लास लोग भी महंगी चीज़ों को इस्तेमाल करने का अनुभव लेना चाहते हैं। भारत में अगले तीन सालों में लगभग 35 मिलियन गेमर होंगे लेकिन बीते तीन सालों में केवल तीन लाख consoles बिके हैं।

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अक्षय कहते हैं कि इन संख्याओं में बहुत बड़ा अंतर है। एक console की क़ीमत Rs 30,000-40,000 के बीच होती है, जबकि Mutterfly पर ये Rs 800 से Rs 1,500 में ही एक रात के लिए लिया जा सकता है। इसी तरह लगभग इतने ही पैसों में आप एक रात के लिए अपने घर को पार्टी एरिया में तब्दील कर सकते हैं।

luxury segment में Mutterfly चार घंटे के लिए yacht देने के लिए आठ लोगों से प्रति व्यक्ति Rs 1,100 लेता है। हेलीकॉप्टर की सैर के लिए हर घंटे के Rs 8,500 रुपये लगते हैं, ट्रेकिंग का सामान एक हफ़्ते के लिए लेने के लिए बस Rs 1,500 देने होते हैं। लैपटॉप लेना हो तो एक हफ़्ते के लिए Rs 2,300 (Windows) या Rs 5,000 (Mac) देकर लिया जा सकता है।

Mutterfly से सामान लेने के लिए आपको एक रेंट एग्रीमेंट बनवाना होता है और वोटर ID, PAN, आधार कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट देने होते हैं। इसके अलावा आपको Rs 6,500-Rs 10,000 सिक्योरिटी डिपोज़िट के रूप में जमा कराने होते हैं।

चुनौतियां

सबसे पहले तो उन्हें लोगों को रेंटल वेबसाइट्स का इस्तेमाल करने के लिए मनाना था, इसके बाद उन्हें क्वालिटी का भी ध्यान रखना था। Mutterfly का मुक़ाबला Rentomojo और Furlenco जैसे दूसरे रेंटल प्लेटफ़ॉर्म से है लेकिन वो इनसे एक मामले में अलग है। अक्षय बताते हैं कि उनके प्रतिद्वंदी फ़र्निचर और घर का सामान ही किराये पे देते हैं और लम्बे समय के लिए ही देते हैं, जबकि उनका मॉडल अलग है। वो और भी कई चीज़ें उपलब्ध कराते हैं और आप इन्हें एक दिन के लिए भी ले सकते हैं।

अक्षय बताते हैं कि भारत में रेंटल मार्केट लगभग तीन मिलियन डॉलर की है लेकिन ये अभी अपने शुरूआती दौर में है। संयुक्त राष्ट्र में 21 प्रतिशत लोग किराए पे सामान लेते हैं और चीन में तीन प्रतिशत, भारत के बारे में सही-सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन ये 1 प्रतिशत से भी कम है।

बढ़ रहा है व्यापार

Mutterfly का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष के आख़िर तक तीन करोड़ का रेवेन्यु बनाने का है और अगले वित्तीय वर्ष तक 9 करोड़ तक का। इसका 90 प्रतिशत व्यापार मुंबई में है और बाकी पुणे में। फ़िलहाल Mutterfly फंडिंग के लिए कुछ निवेशकों से बात कर रहा है। ये स्टार्ट अप जल्द ही दिल्ली और बेंगलुरू में भी सुविधाएं देना शुरू करना चाहता है और luxury segment में विंटेज कारें भी शामिल करना चाहता है। अक्षय बताते हैं कि वो वेडिंग कंपनियों से बात कर रहे हैं और बेबी प्रोडक्ट्स का segment भी शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा वो co-working spaces भी शामिल करने की इच्छा रखते हैं।

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