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'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' देखने के बाद अर्थशास्त्री से पत्रकार बने सोमेश चंद्रन को आया एक अनोखा आइडिया

YS TEAM
12th Jul 2016
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जिया तू हज़ार साला

जिया हो तू भोर बा लाला

जिया तू हजार साला

जिया तू हजार

तानी नाची के

तानी गाई के,

तानी नाची गाई सबके मन बेहलावा रे भईया...

ये गाना हर उस व्यक्ति को याद होगा, जिसने निर्देशक अनुराग कश्यप निर्देशित फ़िल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर देखी होगी। मगर क्या आप इस गाने का अर्थ समझते हैं?

औरों के मुकाबले अर्थशास्त्र के छात्र रहे 24 साल के सोमेश चंद्रन एक समय ये समझ चुके थे कि उन्हें क्या करना है। एक समय ये आया कि अर्थ शास्त्र के सिद्धांत, उसके आँकड़े सब के सब सोमेश को बोर किये जा रहे थे। जैसे-तैसे उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और उसके बाद इन्होंने पत्रकारिता में अपना हाथ आज़माया जहाँ इन्होंने डीएनए, टाइम्स इंटरनेट, स्पोर्ट्सकीड़ा, द क्विंट आदि के साथ अपने काम कर सफलता के नए शिखर छुए। सोमेश अपने काम से काफ़ी संतुष्ट थे मगर कुछ ऐसा था जो इन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। इन्हें ऐसा कुछ करना था, जिससे ये अपनी रचनात्मकता को और बेहतर ढंग से बाहर लेकर आएं।

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सोमेश बताते हैं कि “2014 में गैंग्स ऑफ़ वासेपुर जैसी बेहतरीन फ़िल्म देख रहा था मगर एक टिपिकल दक्षिण भारतीय होने और हिंदी न जानने के बाद ये मेरे लिए बड़ा मुश्किल था कि मैं इस फ़िल्म को समझ सकूँ”। “हालाँकि मुझे अलग – अलग तरह के संगीत और भाषाएँ पसंद हैं मगर इसके बाद भी फ़िल्म देखते हुए मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसके बाद मेरे दिमाग में ये विचार कौंधा कि मेरे अलावा भी इस देश और दुनिया में ऐसे लोग बहुतायत में होंगे जो कुछ वाक्य या कुछ शब्दों का अर्थ समझ नहीं पाते।'

इसके बाद सोमेश के दिमाग में एक आईडिया ने जन्म लिया और इन्होंने गाने के बोल एक ट्यूशन टीचर और एक हिंदी कवि की मदद से डिकोड करना शुरू कर दिये। जैसे – जैसे ये आगे बढ़ते गए इनको महसूस हुआ कि ये एक ऐसा क्षेत्र हैं, जहाँ काफ़ी काम किया जा सकता है और इस तरह इनके द्वारा दोहाज़ डॉट कॉम की स्थापना की गयी। दोहाज़ डॉट कॉम एक ऐसी वेबसाइट है जिसमें आप गाने के बोल और उसका अर्थ खोज सकते हैं।

दोहाज़ डॉट कॉम की टीम

सोमेश फ़िलहाल मुंबई में रहते हैं। इनके अलावा टीम में अन्य पांच सदस्य हैं, जो देश के अलग अलग हिस्सों में रहकर वेबसाइट के लिए सेवा दे रहे हैं। आपको बताते चलें कि पुणे में स्थित युवा डेवलपर्स की एक टीम इस वेबसाइट के तकनीकी पहलुओं पर काम कर रही है। ये टीम वेबसाइट के विकास पर भी ध्यान केन्द्रित किये हुए हैं। तो आखिर ये फैसला कैसे किया जाता है कि किन गानों पर काम करना है?

सोमेश के अनुसार “ये पूरा प्लेटफॉर्म फ़िल्म संगीत और स्वतंत्र संगीत के साथ-साथ हिंदी और उर्दू काव्य का मिश्रण है। ” साथ ही दोहाज़ बेहतरीन धुनों और अच्छे गीतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है, पर इसके लिए टीम खोजना एक बेहद मुश्किल काम था। दोहाज़ के लिए टीम खोजने में इन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

आज सोमेश अपनी टीम से खुश हैं और उसे एक सुपर टैलेंटेड टीम मानते हैं। सोमेश अपने संग और लेखकों को जोड़ना चाहते हैं ताकि ये ज्यादा से ज्यादा गानों को डिकोड कर सकें। शुरुआती दौर में वेबसाइट के लिए लेखक खोजना इनके लिए एक टेढ़ी खीर साबित हुआ है क्योंकि इस काम के लिए सही बैलेंस बनना बहुत ज़रूरी है। साथ ही इन्हें ऐसे लोग भी मुश्किल से ही मिले जो अच्छा भी लिखते हों और उन्हें संगीत की भी समझ हो।

सोमेश बताते हैं कि हम प्रत्येक बॉलीवुड गाने को डिकोड नहीं करना चाहते हमें केवल और केवल वही गाने डिकोड करने हैं, जिनका कोई अर्थ हो और जिनके पीछे कोई सन्देश छुपा हो, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर दे।

वेबसाइट का वाणिज्यिक पहलू

नयी होने के बावजूद आज ये वेबसाइट हर माह 1000 से 2000 के बीच यूनीक यूज़र को अपनी तरफ़ आकर्षित करती है। आज सोमेश और उनकी टीम इस कोशिश में हैं कि कैसे वो विज्ञापनों के ज़रिए इस वेबसाइट से रेवेन्यू हासिल कर सकें। यदि इस वेबसाइट के भविष्य की बात हो तो, ओरिजिनल कंटेंट के लिए अलग-अलग ऑनलाइन और प्रिंट पोर्टलों से संपर्क स्थापित करने के बाद दोहाज़ जल्द ही दूसरे म्यूजिक हाउस से जुड़ेगा वर्तमान में ये लोग म्यूजिक स्ट्रीम वेबसाइटों से भी बातचीत कर रहे हैं। वहीँ दूसरी तरफ़ ये वीडियो ट्रेंड में भी अपनी पहचान बनाना चाहते हैं जिसके लिए ये अपने कंटेंट को वीडियो में जल्द ही पेश करने वाले हैं।

दोहाज़ आज तकरीबन 20 कलाकारों, जिनमें प्रसिद्ध फोक रॉक बैंड “द रघु दीक्षित प्रोजेक्ट, उर्दू रैपर नैज़ी शामिल हैं, के साथ पार्टनरशिप कर चुका है। ज्ञात हो कि बहुत ही कम समय में ये वेबसाइट बॉलीवुड में भी लोकप्रिय हो चुकी है। सोमेश के अनुसार ट्विटर पर भी कई लोग जैसे वरुण ग्रोवर, जूही चतुर्वेदी इनके द्वारा किये गये काम की तारीफ़ कर चुके हैं।

क्या चीज़ें है जो इन्हें दूसरों से अलग करती हैं

सोमेश के अनुसार “आज कई ऐसी वेबसाइट मौजूद हैं, जहाँ एक यूज़र बॉलीवुड गाने के लिरिक खोज सकता है। मगर दोहाज़ की खासियत ये हैं कि यहाँ एक यूजर को न केवल गाने का अनुवाद बल्कि उसके अर्थ को विस्तार से समझाया जाता है। यहाँ आप संगीत को खोज भी सकते हैं और उसके डिकोड हुए भाग को देख भी सकते हैं। ”

दोहाज़ में पड़े लिरिक को क्लिक करने के बाद एक पाठक न केवल गाने के बोल देख सकता है बल्कि उसके अर्थ. उसके संगीत और परिवेश को भी समझ सकता है। सोमेश मानते हैं कि ऐसा करके वो वेबसाइट संग एक यूज़र को गहराई से जोड़ रहे हैं। हालाँकि सोमेश और उनकी टीम के लिए ये देखना दिलचस्प रहेगा कि वो इस क्षेत्र से जुडी अन्य वेबसाइटों जैसे बॉलीमीनिंग डॉट कॉम, बॉलीवुड हंगामा, सांगोपीडिया इत्यादि को टक्कर दे पाते हैं या नहीं साथ ही इनकी टीम इस बात पर भी फोकस कर रही है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस साइट तक लाया जाये।

गौरतलब है कि आज सांगोपीडिया हर माह 2.5 लाख पेज व्यू और बॉलीमीनिंग 5 लाख पेज व्यू लेकर आती है।

भविष्य में दोहाज़ की योजना एक ऐसा प्लेट फॉर्म बनने की है, जहाँ एक कलाकार अपनी कला और रचनात्मकता को जनता के समक्ष बेहतर और निखरे हुए ढंग से दर्शा सके ताकि श्रोता या दर्शक उससे कुछ हासिल कर सकें।

सोमेश कहते हैं कि मैं उम्मीद करता हूँ कि भविष्य में वरुण ग्रोवर, रहमान, जावेद अख्तर, गुलज़ार जैसे महान लोग दोहाज़ द्वारा लोगों को संगीत, उनके बोल, उनके अर्थ जैसी चीज़ों से रु-ब-रु करा सकें। साथ ही हम उन मूवीज के साथ भी काम करना चाहेंगे, जिनका संगीत अपने में कोई अर्थ लिए हो। सोमेश ये भी मानते हैं कि जल्द ही वो दिन भी आएगा जब खुद यूज़र साइट पर आकर गाने का अर्थ बताएँगे।

मूल- प्रतीक्षा नायक

अनुवादक - बिलाल एम जाफ़री 

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