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चाय बनाने के झंझट से पाएं मुक्ति, ऑनलाइन बुक कराएं और लें चुस्की...

- छोटू चायवाला भारत की पहली ऑनलाइन चाय की दुकान।- अभी केवल मुंबई के बांद्रा में ही उपलब्ध है सेवा।- तेजी से फेमस हो रहा है छोटू चायवाला।

16th Jun 2015
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नितिन पुर्सवानी ने 2011 में ज़ैपो की शुरुआत की। ज़ैपो एक ऐसी साइट है जो छोटे-छोटे बिजनेस को ऑनलाइन बिक्री में मदद करता है यानी उनके ऑनलाइन स्टोर खुलवाले में मदद करता है। क्योंकि जब कोई ई-कॉमर्स बिजनेस करता है तो उसे कई तरह की समस्याओं से गुजरना होता है ऐसे में ज़ैपो एक ऐसा ऑनलाइन मंच है जहां आप इन समस्याओं से नहीं गुजरते बस एक अमाउंट देकर आपका ऑनलाइन स्टोर खुल जाता है। ज़ैपो छोटी-छोटी ऑनलाइन बिजनेस साइट्स को एक प्रकार से छत उपलब्ध कराता है। छोटी कंपनियों के लिए भी ज़ैपो से जुडऩा बहुत सिम्पल और कॉस्ट इफेक्टिव सौदा है।

ज़ैपो तेजी से विकास कर रहा है और नितिन चाहते हैं कि ई-कॉमर्स ऑनलाइन मार्किट में आए इस बूम का फायदा छोटी-छोटी कंपनियों को भी उठाना चाहिए और अपना बिजनेस फैलाना चाहिए।

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ज़ैपो लगातार नए प्रोडक्ट मेकर्स को अपने प्रोफाइल में जोड़ रहा है हाल ही में ज़ैपो ने अपने प्रोफाइल में छोटू चायवाला डॉटकॉम को जोड़ा है। छोटू चायवाला डॉटकॉम एक प्रयास है मुंबई के लोगों को ऑनलाइन चाय उपलब्ध कराने का। मुंबई जहां की आबादी 12 मिलियन से अधिक है। और यहां के लोगों के बीच चाय एक बहुत फेमस पेय है। मुंबई में हर गली नुक्कड़ में आप किसी चाय वाले की दुकान में लोगों की भीड़ देख सकते हैं। ज़ैपो की टीम को चायवालों के काम ने बहुत आकर्षित किया। चायवाले का जीवन बहुत ज्यादा व्यस्त होता है। सुबह सूर्य उदय के साथ ही वे अपनी दुकान लगा देते हैं और देर रात तक लोगों को चाय पिलाने का सिलसिला जारी रहता है। यह उनका रोज का काम है। इसके अलावा वे ऑफिसों और घरों में भी सही टाइम पर चाय की डिलीवरी करते हैं। चायवालों की यही दिनचर्या और अनुशासन छोटू चायवाला डॉटकॉम को शुरु करने की प्रेरणा बना।

जब नितिन ने इस आइडिया पर काम करने का मन बनाया तो सबसे पहले उन्होंने अपनी टीम के लोगों को चायवालों के पास भेजा और टीम के सदस्यों ने चायवालों को ऑनलाइन और सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में बताया।

यह बातें सुनकर चार चाय वाले तुरंत इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए। उसके बाद नितिन ने इस प्रोजेक्ट को फाइनल किया। फिर चाय का रेट और छोटी-मोटी अन्य चीज़ें भी तय की गईं। फिर 24 घंटे के अंदर वेबसाइट तैयार कर दी गई। बांद्रा को पहले डेस्टीनेशन के तौर पर चुना गया। इसका मुख्य कारण यह रहा कि बांद्रा का इलाका एक बड़ा बिजनेस सेंटर है।

यह लोग चाय वालों को पेपरकप्स व टी-शर्ट देते हैं। साइट लॉच होने के तीन सप्ताह के अंदर ही इन्हें पचास से अधिक ऑडर मिल गए। छोटू चायवाला ने सत्तर रुपए प्रति सप्ताह की दर से चाय की सब्सक्रिप्शन लेनी शुरु की। यह इनकी सबसे न्यूनतम दर है। यानी इनका सबसे छोटा ऑर्डर। जिसमें सप्ताह में पांच बार ग्राहक के पास चाय भेजी जाएगी। इसके अलावा इनके पास दो सप्ताह या फिर एक महीने का सब्सक्रिप्शन ऑडर्स भी है। फिलहाल यह सुविधा केवल बांद्रा तक सीमित है लेकिन इसे बांद्रा के अलावा मुंबई के अन्य हिस्सों तक भी लेकर जाने की योजना है। जिसके लिए इन्हें और चाय वालों से भी बात करनी होगी। चायवाला डॉटकॉम के प्रचार के लिए नितिन ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। ज़ैपो तीस लोगों की टीम है जिसका ऑफिस बैंगलोर और मुंबई में है। ज़ैपो ने अपने बिजनेस का बहुत तेजी से विकास किया है। पिछले कुछ सालों में ही 12 सौ ई-कॉमर्स ऑनलाइन स्टोर्स ज़ैपो चला रहा है। भविष्य में ज़ैपो बड़ी संख्या में और भी छोटे-छोटे बिजनेस को अपनी छत के नीचे लाने की योजना बना रहा है।

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