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'शिप्लर'... नई कंपनी, नवीनतम तकनीक और उम्दा सर्विस का दावा

- मुंबई में शुरू हुई स्टार्टअप फर्म शिप्लर - कंपनी के पास 75 ट्रक हैं  -फिलहाल मुंबई में ऑपरेट करती है।- शिप्लर नवीनतम तकनीक का प्रयोग कर रही है जिससे ग्राहकों को अपना सामन ट्रैक करने और बाकी चीजों में आसानी होती है।

17th Aug 2015
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भारत में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के उत्थान ने कई दूसरी कंपनियों के लिए बाजार को खोल दिया है। ये कंपनियां ई-कॉमर्स में आए बूम से सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं और इन्हें जबर्दस्त फायदा पहुंचा है। इसके कारण काफी युवाओं को रोजगार मिला है व देश के लोगों की भी ई-कॉमर्स के जरिए जिंदगी थोड़ी आसान बनी हैं आज बाजार में कई वेबसाइट्स मौजूद हैं जिनके जरिए आप घर बैठे सामान खरीद सकते हैं ये कंपनियां सामान को आपके घर तक तय समय में पहुंचा देती हैं इसके अलावा आप इन साइट्स के माध्यम से विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। ई-कॉमर्स का सीधा फायदा विभिन्न लॉजिस्टिक कंपनियों को भी हुआ है इसके अलावा कई नई स्टार्टअप्स बाजार में आई हैं और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।

एक ऐसी ही नई स्टार्टअप कंपनी है मुंबई बेस्ड शिप्लर । ये एक मोबाइल पर आधारित बिजनेस है जिसके द्वारा आप टैंपू की बुकिंग कर सकते हैं और अपने सामान की डिलिवरी करवा सकते हैं। कंपनी के संस्थापक सदस्यों में कौस्तुब पांडे, विनय जुल्मे, कार्तिक कचोलिया, प्रतिभी पठानिया और सुधीर हैं। ये सारे लोग आईआईटी से इंजीनियरिंग कर चुके हैं। कौस्तुब इससे पहले बीसी रेडियो और हाउजिंग.कॉम के साथ काम कर चुके हैं वहीं विनय को वेब डेवलप्मेंट में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है।

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अभी कंपनी की शुरूआत हुए कुछ ही महीने हुए हैं लेकिन इतने कम समय में ही कंपनी को प्रतिदिन 100 से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। और कंपनी मुंबई में 600 से ज्यादा एसएमई के साथ काम कर रही है। अभी कंपनी के पास लगभग 75 वाहनों की फ्लीट है।

एक गाड़ी से दिन के 2 ऑर्डर बुक किये जाते हैं और कंपनी मुंबई के बाकी जगहों में अपने विस्तार के साथ इस संख्या को 2 ऑडर को 4 करने की दिशा में काम कर रही है। सिपलर फिलहाल एसएमई यानी स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजिज के साथ ही काम कर रहा है। शिप्लर ने अपने कस्टमर्स के लिए एक ऐप भी लांच की है। कंपनी को हाल ही में स्नैपडील के फाउंडर कुनाल बहल से भी मदद मिली है। सिपलर से जुडे लोग मानते हैं कि ये मदद उनकी कंपनी की ग्रोथ में मील का पत्थर साबित होगी। इस आर्थिक मदद से सिपलर अपनी तकनीक और सिस्टम को और दुरूस्त बनाने में लगा रहा है ताकि कंपनी का विस्तार हो सके।

शिप्लर में कस्टमर अपने सामान को ट्रैक कर सकता है कि अभी उनका सामान किस स्थान पर है और उसे पहुंचने में लगभग कितना समय लगेगा । कंपनी से जुडे लोगों का दावा है कि उनकी कंपनी तकनीक का बहुत अच्छी तरह से प्रयोग करती हैं उनकी गाड़ी ऑर्डर बुक करने के 25 मिनट के अंदर गंतव्य तक पहुंच जाती है।

इसी क्षेत्र में और भी कई और कंपनियां पहले से काम कर रही हैं लेकिन कौस्तुब बताते हैं कि उनकी कंपनी काम में बिलकुल नयी तकनीक का प्रयोग कर रही है और यही चीज उन्हें उनके प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है। जहां बाकी कंपनियां केवल कॉल से ऑर्डर लेती हैं वहीं शिप्लर तकनीक के प्रयोग से अपने कस्टमर्स को विभिन्न सुविधाएं देता है जैसे सामन ट्रैक करने की इत्यादि और शायद इसी लिए इतने कम समय में शिप्लर इतनी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

आने वाले समय में भारत में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री के उत्थान ने कई दूसरी कंपनियों के लिए बाजार को खोल दिया है। ये कंपनियां ई-कॉमर्स में आए बूम से सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं और इन्हें जबर्दस्त फायदा पहुंचा है। इसके कारण काफी युवाओं को रोजगार मिला है व देश के लोगों की भी ई-कॉमर्स के जरिए जिंदगी थोड़ी आसान बनी हैं आज बाजार में कई वेबसाइट्स मौजूद हैं जिनके जरिए आप घर बैठे सामान खरीद सकते हैं ये कंपनियां सामान को आपके घर तक तय समय में पहुंचा देती हैं इसके अलावा आप इन साइट्स के माध्यम से विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। ई-कॉमर्स का सीधा फायदा विभिन्न लॉजिस्टिक कंपनियों को भी हुआ है इसके अलावा कई नई स्टार्टअप्स बाजार में आई हैं और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।

एक ऐसी ही नई स्टार्टअप कंपनी है मुंबई बेस्ड शिप्लर । ये एक मोबाइल पर आधारित बिजनेस है जिसके द्वारा आप टैंपू की बुकिंग कर सकते हैं और अपने सामान की डिलिवरी करवा सकते हैं। कंपनी के संस्थापक सदस्यों में कौस्तुब पांडे, विनय जुल्मे, कार्तिक कचोलिया, प्रतिभी पठानिया और सुधीर हैं। ये सारे लोग आईआईटी से इंजीनियरिंग कर चुके हैं। कौस्तुब इससे पहले बीसी रेडियो और हाउजिंग.कॉम के साथ काम कर चुके हैं वहीं विनय को वेब डेवलप्मेंट में 7 साल से ज्यादा का अनुभव है।

अभी कंपनी की शुरूआत हुए कुछ ही महीने हुए हैं लेकिन इतने कम समय में ही कंपनी को प्रतिदिन 100 से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। और कंपनी मुंबई में 600 से ज्यादा एसएमई के साथ काम कर रही है। अभी कंपनी के पास लगभग 75 वाहनों की फ्लीट है।

एक गाड़ी से दिन के 2 ऑर्डर बुक किये जाते हैं और कंपनी मुंबई के बाकी जगहों में अपने विस्तार के साथ इस संख्या को 2 ऑडर को 4 करने की दिशा में काम कर रही है। शिप्लर फिलहाल एसएमई यानी स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजिज के साथ ही काम कर रहा है। शिप्लर ने अपने कस्टमर्स के लिए एक ऐप भी लांच की है। कंपनी को हाल ही में स्नैपडील के फाउंडर कुनाल बहल से भी मदद मिली है। शिप्लर से जुडे लोग मानते हैं कि ये मदद उनकी कंपनी की ग्रोथ में मील का पत्थर साबित होगी। इस आर्थिक मदद से सिपलर अपनी तकनीक और सिस्टम को और दुरूस्त बनाने में लगा रहा है ताकि कंपनी का विस्तार हो सके।

शिप्लर में कस्टमर अपने सामान को ट्रैक कर सकता है कि अभी उनका सामान किस स्थान पर है और उसे पहुंचने में लगभग कितना समय लगेगा । कंपनी से जुडे लोगों का दावा है कि उनकी कंपनी तकनीक का बहुत अच्छी तरह से प्रयोग करती हैं उनकी गाड़ी ऑर्डर बुक करने के 25 मिनट के अंदर गंतव्य तक पहुंच जाती है।

इसी क्षेत्र में और भी कई और कंपनियां पहले से काम कर रही हैं लेकिन कौस्तुब बताते हैं कि उनकी कंपनी काम में बिलकुल नयी तकनीक का प्रयोग कर रही है और यही चीज उन्हें उनके प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है। जहां बाकी कंपनियां केवल कॉल से ऑर्डर लेती हैं वहीं सिपलर तकनीक के प्रयोग से अपने कस्टमर्स को विभिन्न सुविधाएं देता है जैसे सामन ट्रैक करने की इत्यादि और शायद इसी लिए इतने कम समय में सिपलर इतनी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

आने वाले समय में शिप्लर 10 शहरों में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाना चाहता है वे इंटर सिटी कैटागरी में भी खुद को दूसरों से आगे देखना चाहते हैं। वे अपने जोनर की भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनी बनना चाहते हैं ।

10 शहरों में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाना चाहता है वे इंटर सिटी कैटागरी में भी खुद को दूसरों से आगे देखना चाहते हैं। वे अपने जोनर की भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनी बनना चाहते हैं ।

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