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अपना सपना पूरा करने के लिए इन महिला उद्यमियों से सीखें सफलता के गुर

- कैसे बनीं यह आम महिलाएँ खास। - दुनिया भर की महिलाओं को प्रेरित करती हैं यह महिला उद्यमी। - मेहनत और आत्मविश्वास से जीती जंग।

24th Apr 2015
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क्या आप जानते हैं कि भारतीय महिलाएँ तकनीक और कंप्यूटर्स के इस्तेमाल में विश्व में सबसे तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं। आई.ए.एम.ए.आई. की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के शहरी इलाकों में रहने वाली महिलाओं के इंटरनेट इस्तेमाल में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो भारत में महिला सशक्तिकरण को तो दर्शाता ही है साथ ही भारत के विकास के लिए भी शुभ संकेत है। इससे यह बात भी सिद्ध होती है कि भारत की महिलाएं तरक्की कर रहीं हैं और कोई भी देश सही मायने में तभी आगे बढ़ सकता है जब वहां की महिलाएं जागरुक होती हैं।

इसके बावजूद भारत में महिला उद्यमियों की संख्या आज भी काफी कम है। यह केवल 10 प्रतिशत है, लेकिन इन महिला उद्यमियों ने अपने बेहतरीन काम की बदौलत न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में भी अपनी पहचान बनाई और लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनीं।

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आइए जानते हैं उन्हीं कुछ सफल महिला उद्यमियों के बारे में कि कैसे उन्होंने मेहनत के बल पर इतनी सफलता पाई और कैसे वे बाकी लोगों के लिए प्रेरणा बनीं। यह महिलाएं सीरियल एंटरप्रन्योर हैं। सीरियल एंटरप्रन्योर वो होते हैं जो एक से ज्यादा कंपनियों की शुरूआत करते हैं या फिर उनके संस्थापक सदस्यों में से होते हैं। आइए जानते हैं कुछ सफल सीरियल महिला एंटरप्रन्योर के बारे में -

मीना गणेश -

आईआईएम कोलकाता से एमबीए करने वाली मीना ने अपना कैरियर एनआईआईटी से शुरू किया। फिर वे प्राइसवाटरहाउसकूपर्स और माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ीं। वर्ष 2000 में मीना नेक्स्टमर एसेट के नाम से एक बीपीओ की सह संस्थापक बनीं। कस्टमर एसेट छोडऩे के बाद वे मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में टेस्को में शामिल हो गईं। यहां पांच साल के अपने कार्यकाल में उन्होंने भारत में टेस्को के आईटी और बैंक ऑफिस हब की स्थापना की। उसके बाद उन्होंने अपने पति के द्वारा स्थापित एक ऑनलाइन ट्यूशन कंपनी टूटोर्विस्टा में सह प्रवर्तक के रूप में कार्य किया। आज वह पोर्शिया मेडिकल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो भारत के घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।

वेलरी रोजिकी वागोनेर -

हाल ही में जिप डायल कंपनी न्यूज़ में रही। यह भारत की पहली कंपनी है जिसे ट्विटर ने खरीदा है। जिप डायल एक अनूठा प्रयास था जो काफी सफल रहा। जिप डायल मार्केटिंग के लिए क्लाइंट्स को ग्राहकों के नंबर मुंहैया करवाती है। ग्राहक एक नंबर पर फोन करते हैं और फोन लगने से पहले ही काट देते हैं ताकि उनका बिल न आए और फिर उस नंबर को जिप डायल विभिन्न कंपनियों को देता है और कंपनी वाले ग्राहकों को फोन करके अपने उत्पाद के बारे में जानकारी देते हैं। वेलरी जिप डायल की सह-संस्थापक व सीईओ हैं। इससे पहले उन्होंने ईबे के साथ भी काम किया है। सन 2011 में वेलरी को विमेन इन लीडरशिप फॉरम ने लीडिंग इन टेक्नोलॉजी अवॉर्ड से नवाजा। यह पुरस्कार मुंबई में प्रदान किया गया।

कविता अय्यर -

कविता एक बेहद सफल सीरियल एंटरप्रन्योर हैं। 2014 में फॉच्र्यून इंडिया द्वारा जारी की गई अपनी पहली 'अंडर 40' लिस्ट में सात महिलाओं को भी शुमार किया गया है। कविता अय्यर का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। कविता ने वर्ष 2007 में वेंचर कैपिटल की मदद से पहले बॉयोटेक स्टार्टअप की स्थापना की थी। सन 2011 तक कंपनी ने कई नामी फार्मा कंपनियों के साथ करार कर लिया था और काफी मुनाफा भी कमा लिया था। फिर साल 2013 में कविता ने थेरामाइट नोवोबॉयोलॉजिक्स कंपनी की शुरुआत की। कविता इस कंपनी की निदेशक एवं सीओओ हैं। कंपनी ने अपनी शुरूआत के कुछ महीनों में ही 27.5 करोड़ रुपये जुटा लिये थे।

वाणी कोला -

वाणी कोला एक सफल महिला उद्यमी हैं। वाणी ने कई कंपनियों की शुरूआत की। सन 1996 में उन्होंने राइटवर्कस नाम की कंपनी की शुरूआत की। इसके बाद सर्टर सॉफ्टवेयर कंपनी की नीव रखी जहां उन्होंने 2001-2005 तक बतौर सीईओ काम किया। वाणी सपने देखने में विश्वास रखती हैं और फिर उन सपनो को पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत करती हैं। यही उनकी सफलता का मूल है।

अनीता रोडिक -

जब भी महिला सशक्तिकरण की बात आती है अनिता रोडिक का नाम जरूर आता है। ब्रिटेन के छोटे से गांव लिटिल हैम्पटन में सन 1942 में जन्मी इस महिला ने जो कर दिखाया वो कल्पनाओं के परे है। गांव के आसपास लगे औषधीय पौधों को अनिता एकत्र करतीं और कॉस्मेटिक्स बनाकर गांव के लोगों को बेचतीं। देखते देखते अनिता के इस प्रयास को आस-पास के गांवों में भी अपनाया गया। सन 1976 में अनिता ने इंग्लैंड में 'द बॉडी शॉप' नाम से एक दुकान खोल दी। जहां महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए जाने वाले कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स को बेचा जाने लगा। सन 2006 में भारत में 'द बॉडी शॉप' की शुरूआत हुई और आज दुनिया भर में बॉड़ी शॉप की हजारों दुकाने हैं। सन 2006 में प्रसिद्ध ब्रांड लोरियाल ने 'द बॉडी शॉप' का अधिग्रहण कर लिया।

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