संस्करणों
विविध

'कर्मचारियों' के लिए खुशखबरी, 20 लाख तक की ग्रैच्युटी होगी टैक्स फ्री

15th Jan 2018
Add to
Shares
118
Comments
Share This
Add to
Shares
118
Comments
Share

ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पांच साल या अधिक की सर्विस के बाद नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर कोई कर नहीं देना होगा। अगले महीने शुरू होने वाले बजट सत्र में एक विधेयक पेश कर इस कानून में संशोधन होने वाला है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


इस नये संशोधन से निजी क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के लोक उपक्रमों तथा सरकार के अंतर्गत आने वाले उन स्वायत्त संगठनों के कर्मचारियों (जो केंद्रीय सिविल सेवाओं (पेंशन) नियम के दायरे में नहीं आते) की ग्रेच्युटी सीमा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगी।

यह विधेयक पारित होने के बाद संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर किसी भी तरह के टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा।

ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पांच साल या अधिक की सर्विस के बाद नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर कोई कर नहीं देना होगा। अगले महीने शुरू होने वाले बजट सत्र में एक विधेयक पेश कर इस कानून में संशोधन होने वाला है। यह विधेयक पिछले महीने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था। एक बार यह विधेयक पारित होने के बाद सरकार को कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा के लिए इसे बार-बार करने की जरूरत नहीं होगी।

इस मामले में पिछले साल सितंबर के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक 2017 को संसद में पेश किए जाने को मंजूरी दे दी थी। इस संशोधन से निजी क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के लोक उपक्रमों तथा सरकार के अंतर्गत आने वाले उन स्वायत्त संगठनों के कर्मचारियों जो केंद्रीय सिविल सेवाओं (पेंशन) नियम के दायरे में नहीं आते, उनकी ग्रेच्युटी सीमा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगी। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपए है।

केंद्रीय सिविल सेवाएं (पेंशन) नियम, 1972 के तहत ग्रेच्युटी के संदर्भ में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए भी यह प्रावधान समान था लेकिन 7वें वेतन केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को अमल में लाने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए एक जनवरी 2016 से यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई। यह विधेयक पारित होने के बाद संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर किसी भी तरह के टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 संसद के बजट सत्र में पारित होगा। सरकार संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी को करमुक्त रखने की सुविधा देना चाहती है। इस संशोधन से निजी क्षेत्रों और सरकार के अधीनस्थ सार्वजनिक उपक्रमों या स्‍वायत्त संगठनों के कर्मचारियों के ग्रैच्युटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोत्तरी होगी।

यह भी पढ़ें: पिता की मौत के बाद बेटी ने मां के लिए खोजा प्यार और करवाई शादी

Add to
Shares
118
Comments
Share This
Add to
Shares
118
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें