संस्करणों

डिजिटल लाइब्रेरी से बनेगा 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए यूज़र बेस

YS TEAM
2nd Aug 2016
Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एनडीएल परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है जिसका लक्ष्य पठन पाठन के साधनों यानी पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की तलाश के लिए एक एकल खिड़की सुविधा के साथ एक आभासी रिपोजिटरी तैयार करना है।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने अप्रैल 2015 में एक पायलट परियोजना शुरू करने का काम आईआईटी खड़गपुर को सौंपा था, जिसके दूसरे चरण के लिए हाल ही में 48.75 करोड़ रुपया जारी किया गया है।

दूसरे चरण की शुरूआत अगले साल जनवरी से होगी। इस योजना के तहत 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए एक यूज़र बेस बनाया जाएगा जिसमें काफी संख्या में अध्ययन सामग्री होगी और इसमें 1000 संस्थानों की सहभागिता होगी।

image


आईआईटी खड़गपुर के निदेशक पीपी चक्रवर्ती ने बताया, ‘‘एनडीएल देश की अलग अलग पृष्ठभूमि से अलग अलग अपेक्षाओं के साथ आने वाले अलग अलग भाषाभाषियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक ई-सामग्री की आसान पहुंच मुहैया कराने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।’’ एनडीएल अधिकारियों ने बताया कि वे शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए एक मोबाइल एप, ऑडियो बुक, स्थानीय भाषा सामग्री और एक यूज़र इंटरफेस का भी निर्माण करेंगे।

इसमें दसवीं और 12 वीं कक्षा के छात्र विभिन्न विषयों से जुड़ी सामग्री की खोज कर सकेंगे। इस समय एनडीएल में 14.6 लाख अध्ययन सामग्रियों हैं और 230 संस्थानों के 2.3 लाख उपभोक्ता है। पहला चरण मार्च 2018 में समाप्त होगा।- पीटीआई

Add to
Shares
1
Comments
Share This
Add to
Shares
1
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags