संस्करणों
विविध

ओबामा से मुलाकात करने वाली 15 वर्षीय प्रिया चला रही हैं बाल विवाह के खिलाफ मुहिम

16th Oct 2017
Add to
Shares
300
Comments
Share This
Add to
Shares
300
Comments
Share

प्रिया की उम्र अभी 15 साल है और वह अलवर के हिलसा गांव की रहने वाली हैं। उनके घर वालों ने उनकी शादी तब तय कर दी थी जब वो सिर्फ 10 साल की थीं। लेकिन प्रिया ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया था। 

ओबामा के साथ प्रिया (सबसे दाहिने)

ओबामा के साथ प्रिया (सबसे दाहिने)


नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के संगठन बचपन बचाओ आंदोलन से जुड़ी प्रिया आज बाल विवाह के खिलाफ मुहिम चलाती हैं और लोगों को जागरूक करती हैं। 

वह अपने प्रदेश में न जाने कितनी लड़कियों के लिए प्रेरणा की स्रोत हैं। प्रिया ने अपने गांव वालों के खिलाफ खड़े होकर समाज की तमाम लड़कियों को ताकत दी है।

भारत के कई हिस्सों में आज भी बाल विवाह का चलन काफी ज्यादा है। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, एमपी, राजस्थान, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में आज भी लड़कियों की उम्र नहीं देखी जाती और बचपन में ही उनकी शादी तय कर दी जाती है। देश में जहां कानूनी रूप से लड़कियों की शादी करने की उम्र 18 साल ही वहीं आज भी ऐसे कई सारे समुदाय हैं जहां लड़कियों की शादी काफी छुटपन में ही कर दी जाती है। हालांकि कई बार समाज के जागरूक लोगों और लड़कियों के हौसले की वजह से ऐसी शादियां नहीं हो पातीं। ऐसी ही प्रेरक कहानी है राजस्थान के अलवर जिले की प्रिया जांगिड़ की।

प्रिया की उम्र अभी 15 साल है और वह अलवर के हिलसा गांव की रहने वाली हैं। उनके घर वालों ने उनकी शादी तब तय कर दी थी जब वो सिर्फ 10 साल की थीं। लेकिन प्रिया ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया था। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के संगठन बचपन बचाओ आंदोलन से जुड़ी प्रिया आज बाल विवाह के खिलाफ मुहिम चलाती हैं और लोगों को जागरूक करती हैं। आज वह बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ लड़ने वालों में पूरे राजस्थान में जानी जाती हैं। वह अपने प्रदेश में न जाने कितनी लड़कियों के लिए प्रेरणा की स्रोत हैं। प्रिया ने अपने गांव वालों के खिलाफ खड़े होकर समाज की तमाम लड़कियों को ताकत दी है।

प्रिया जब 5वीं कक्षा में थीं तभी उनकी शादी हो गई थी। एक दिन ऐसे ही वह स्कूल से घर वापस लौटीं तो उनके घरवालों ने बताया कि उनकी शादी होने वाली है। हालांकि उस वक्त प्रिया के लिए ज्यादा असामान्य बात नहीं थी क्योंकि वहां आस-पास ऐसी कई लड़कियां थी जिनकी शादी काफी कम उम्र में हो जाती थी। उन्हें तो ये भी नहीं पता था कि यह कानूनन जुर्म है। उन्हें बस इतना पता था कि अभी तो वे खाना भी नहीं बना पातीं, ऐसे में शादी करके घर कैसे बसा पाएंगी। हालांकि बचपना के चलते वे अगले दिन स्कूल में टीचर के पास गईं और उनसे खुशी-खुशी बताया कि उनकी शादी तय हो गई है।

वहां पर एक टीचर ने इस पर ध्यान दिया और कहा कि यह तौ गैरकानूनी है। इसके बाद उस टीचर ने बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। संगठन के सदस्य सीधे प्रिया के घर पहुंचे और प्रिया के माता-पिता को समझाया कि अभी प्रिया काफी छोटी है और उसकी उम्र पढ़ने-लिखने की है। उन्होंने बताया कि अगर अभी आप इसकी शादी करेंगे तो आपको जेल भी हो सकती है। इसके बाद प्रिया को थोड़ा डर लगा और उन्होंने अपनी बड़ी बहन से भी इस डर को साझा किया। उनकी बड़ी बहन ने भी समझाया कि यह गलत है। इसके बाद प्रिया ने ठान लिया कि वह अभी शादी नहीं करेंगी और जो लोग भी ऐसा करेंगे उनके खिलाफ वो आवाज उठाएंगी।

बचपन बचाओ आंदोलन संगठन के मुखिया और नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने प्रिया को मार्गदर्शन दिया और उन्हें अपने साथ जोड़ा। हालांकि इस हालात में उनके घरवाले प्रिया का साथ देने को तैयार नहीं थे और वह किसी की भी बात नहीं सुन रहे थे, लेकिन प्रिया और बचपन बचाओ आंदोलन के लोगों ने उन्हें समझाया। इसके बाद 2015 में प्रिया को कैलाश सत्यार्थी के साथ स्वीडन जाने का अवसर मिला। उन्होंने दिल्ली के सिरी फोर्ड ऑडिटोरियम में भी तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा से भी मुलाकात की थी। प्रिया अभी नौवीं कक्षा में पढ़ रही हैं। वह बताती हैं कि लोग अब मुझे पहचानने लगे हैं और इसका फायदा भी मिलता है। वाकई में आज लोग प्रिया की बातों को गंभीरता से सुनते हैं और उस पर अमल भी करते हैं। 

यह भी पढ़ें: 20 साल की रवीना हैं हिमाचल की सबसे कम उम्र की टैक्सी ड्राइवर

Add to
Shares
300
Comments
Share This
Add to
Shares
300
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें