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एसिड अटैक पीड़िता को रॉन्ग नंबर पर मिली 'राइट जिंदगी'

17 सर्जरीज़ से गुजर चुकी एसिड अटैक विक्टिम ललिता को मिली नई जिंदगी...

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31st May 2017
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5 साल पहले एक एसिड अटैक में बुरी तरह जल चुकी 26 साल की ललिता 17 सर्जरीज़ के बाद भी आज बेहद खुश हैं। खुशी की वजह ये है, कि उन्हें एक सच्चा जीवनसाथी मिल गया है। हाल ही में उनकी शादी हुई है, लेकिन उनकी प्रेम कहानी कुछ ज्यादा ही दिलचस्प है...

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रवि और ललिता की जोड़ी हमारे समाज को एक मजबूत संदेश देती है, कि अभी लोगों की सोच बदलने की जरूरत है।a12bc34de56fgmedium"/>

एक्टर और सुपरस्टार विवेक ओबेरॉय ने ललिता की शादी में ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ ललिता और रवि शंकर (ललिता के पति) को एक फ्लैट भेंट किया है। रवि मुंबई के कांदिवली में एक प्राइेट फर्म में सीसीटीवी ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं।

किसी छोटी सी बात पर ललिता का अपने चचेरे भाई से झगड़ा हो गया और उसने गुस्से में आकर ललिता पर एसिड फेंक दिया। इससे ललिता का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और ललिता के सारे सपने भी इस झुलस की चपेट में आकर दम तोड़ते गए। 

एक रॉन्ग नंबर पर फोन लग जाने से एसिड अटैक विक्टिम ललिता की मुलाकात रवि शंकर से हुई। दोनों ने पिछले ही सप्ताह 23 मई को मुंबई के ठाणे में जाकर शादी कर ली। ललिता का सपना था, कि वो अपने मनपसंद लड़के से शादी करें। वह अपने सपनों को जीना चाहती थीं। लेकिन, 2012 की बात है। किसी छोटी सी बात पर ललिता का उसके चचेरे भाई से झगड़ा हो गया और उसने गुस्से में आकर ललिता पर एसिड फेंक दिया। इससे ललिता का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और ललिता के सारे सपने भी इस झुलस की चपेट में आकर दम तोड़ते गए। इसके बाद उनकी जिंदगी और मुश्किल होती गई। सर्जरी के बाद सर्जरी होती रही। अस्पताल में लंबा वक्त बिताना पड़ा और काफी समय बाद वह सामान्य जिंदगी की पटरी पर वापस लौट पाईं।

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ऐसे ही एक दिन एक रॉन्ग नंबर पर ललिता की रवि शंकर से बात हो गई। ललिता को नहीं पता था कि ये रॉन्ग नंबर उनकी जिंदगी को सही रास्ते पर लाने के लिए आया है। सिर्फ दो महीने की बातचीत में दोनों में प्यार हुआ और उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया। खास बात ये है कि रवि शंकर का शरीर पूरी तरह से सामान्य है, लेकिन फिर भी बिना किसी की परवाह किए उन्होंने ललिता का हाथ थाम लिया। हमारे समाज के लिए भले ही ये असामान्य बात हो, लेकिन रवि शंकर वाकई में प्रेम और इंसानियत की अद्भुद मिसाल हैं। रवि कहते हैं,

'मैं ललिता से शुरू से ही प्यार करने लगा था और शादी के लिए मुझे सिर्फ अपनी मां से बात करनी थी। मैंने ललिता को यकीन दिलाया कि उसे भी अच्छी जिंदगी जीने का हक है। शक्ल-सूरत तो सिर्फ एक वक्त की बाते हैं। मैंने अच्छी शक्ल सूरत वालों को भी एक वक्त के बाद अलग होते देखा है। मैंने हमेशा से सोच रखा था कि मुझे इस ढर्रे को तोड़ना है।'

एक्टर और सुपरस्टार विवेक ओबेरॉय ने ललिता की शादी में ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ इस जोड़े को एक फ्लैट भेंट किया है। रवि मुंबई के कांदिवली में एक प्राइेट फर्म में सीसीटीवी ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं और रांची में उनका घर है। वह कहते हैं कि हम कहीं भी रह सकते हैं। अगर ललिता चाहेगी तो मुंबई में रहेगी और उसका मन होगा तो हम रांची में भी रह लेंगे। रवि ने रहने की चॉइस ललिता के ऊपर छोड़ रखी है।

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एसिड अटैक पीड़ितों के लिए काम करने वाले साहस फाउंडेशन के अध्यक्ष दौलत खान का कहना है, 

'इस तरह की 21 लड़कियां फाउंडेशन के साथ हैं। ऐक्टर विवेक ओबेरॉय ने एक कार्यक्रम में ललिता से मुलाकात की और उसे मुबंई में एक फ्लैट देने के साथ ही आने वाले वक्त में इलाज और पूरी सर्जरी का पैसा खुद देने का वादा किया।'

भारत में अभी भी लड़कियों और महिलाओं पर तेजाब फेंकने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। महिलाओं को कमतर समझने और उन्हें प्रताड़ित करने की मानसिकता उनकी जिंदगी तबाह कर देती है। फिर उन्हें पूरी जिंदगी तकलीफ में गुजारनी पड़ती है। लेकिन ऐसी कुछ कहानियां भी सामने आती हैं जो समाज के दूसरे पहलू से भी रूबरू करवाती हैं। रवि और ललिता की जोड़ी हमारे समाज को एक मजबूत संदेश देती है कि अभी लोगों की सोच बदलने की जरूरत है।

-मन्शेष कुमार

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