दिव्य हैं दिव्यांग खिलाड़ी

66 CLAPS
0

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में चल रही 17वीं नेशनल पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का समापन समारोह मंगलवार को हुआ। सामान्य खिलाड़ी भी इतना अच्छा नहीं खेल पाते, जितना दिव्यांग खिलाड़ियों ने खेला है। 


पैराऐथलीट खिलाड़ी शताब्दी अवस्थी, राजस्थानa12bc34de56fgmedium"/>

पैराऐथलीट खेल का मुख्य आकर्षण किरण टाक और सूफिया मौला रहीं । दोनों ने अलग-अलग श्रेणियों में 6 स्वर्ण जीते, जो कि नेशनल रिकॉर्ड है। जबकि अनुश्री मोदी ने भी 5 स्वर्ण और 1 रजत समेत 6 पदक जीते।

योरस्टोरी के माध्यम से मैं बात कर रहा हूं खेल के उन चुनिन्दा खिलाड़ियों की जिन्होंने खेल और खेल की भावना से भी ऊपर जाकर मैदान में उपस्थित लोगों के दिलों को जीत लिया है। मुझे इन खेलों में शरीक होने का अवसर पहली दफा मिला है। इन प्रतिभाओं से मिलकर गर्व महसूस हुआ। पैराऐथलीट खेलों में कुछ एथलीटों ने विभिन्न श्रेणियों में अनेक पदक जीत कर सबको चकित कर दिया।

उड़िसा की ज्योत्सना बैरा, हरियाणा के धर्मवीर, अर्जुन अवार्ड विजेता हरियाणा के अमित सरोहा और राजस्थान की शताब्दी अवस्थी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से खेलों को नया आयाम दिया।

नेशनल खेलों में इस प्रकार पदकों की झड़ी लगाने वाले खिलाड़ियों का जोश और जज़्बा कितना होगा, उसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं, कि राजस्थान की शताब्दी अवस्थी ने कहा 'अभी तो कारवां शुरू हुआ मंजिल तो अभी बाकि है'। इस खिलाडी के इस कथन से तो लगता है आने वाले टोकियो ओलम्पिक में भारत का झंडा ऊंचा तो रहेगा ही साथ ही राष्ट्रीय गान भी कई बार बजेगा और सारा विश्व इसके सम्मान में खड़ा रहेगा।

-ये पाठक द्वारा लिखी हुई खबर है, जिसके लिए योरस्टोरी जिम्मेदार नहीं है।

Latest

Updates from around the world