संस्करणों
प्रेरणा

पारंपरिक ट्रकिंग कंपनी को ‘कोल्डएक्स’ के माध्यम से कोल्ड चेन लाॅजिस्टिक्स में बदलकर पिता का बढ़ाया ‘गौरव’

गौरव जैन ने पिता की स्वास्तिक रोडलाइंस को बंदी के कगार से निकालकर ‘कोल्डएक्स’ के द्वारा पहुंचाया बुलंदियों परएकीकृत कोल्ड चेन लाॅजिस्टिक्स के क्षेत्र में अनुकूलित आपूर्ती श्रंखला समाधान पेश करने वाली देश की अग्रणी कंपनी है कोल्डएक्सगौरव जैन ने वर्ष 1999 में पिता की कपनी में काम करना प्रारंभ किया और 2007 में बने क्षेत्र के अग्रणीवर्तमान में इनके पास पास 825 ट्रक और 1500 वाहन चालकों का एक विशाल बेड़ा है

14th Oct 2015
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

गौरव जैन एक दृढ़ उद्यमी हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में स्वास्तिक रोडलाइंस के माध्यम से व्यापार की दुनिया में कदम रखा था। ट्रकिंग के क्षेत्र में काम करने वाली इस कंपनी को उनके पिता ने अपने दो अन्य साथियों के सहयोग से स्थापित किया था। करीब तीन दशक पहले प्रारंभ हुई स्वास्तिक का नाम अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों में आता था लेकिन उनका समूचा व्यापार मुख्यतः एक बड़े उपभोक्ता, जेके टायर्स पर निर्भर था। ऐसे में जब उनके इस उपभोक्ता ने अपने हाथ पीछे खींचे तो कंपनी एकाएक इस झटके को झेलने में असमर्थ दिखाई दी और इस परिस्थिति में अपने कदम आगे बढ़ाते हुए युवा गौरव ने कामकाज को अपने हाथों में लिया। उन्होंने कोल्ड चेन लाॅजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक बड़े अवसर को भांपा और उस दिशा में एक बड़ा दांव खेला। कैडबरी उनकी पहली उपभोक्ता थी और उसने इन्हें परिस्थितियों को बदलने मे बहुत मदद की। बीते वर्षों के दौरान गौरव कंपनी को सिर्फ लाॅजिस्टिक्स से कोल्ड चेन के व्यापार की अग्रणी कंपनी बनाने में सफल रहे हैं। वर्ष 2007 के बाद से स्वास्तिक रोडलाइंस ने कोल्डएक्स (ColdEX) के ब्रांड के तहत काम करना प्रारंभ किया।

image


वर्तमान में कोल्डएक्स देश की अग्रणी एकीकृत कोल्ड चेन लाॅजिस्टिक्स कंपनी है जो अपने उपभोक्ताओं को प्रारंभ से अंत तक अनुकूलित आपूर्ती श्रंखला समाधान उपलब्ध करवा रही है। कोल्डएक्स क्यूएसआर श्रंखलाओं के अलावा कन्फैक्शनरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, दवाईयों, अंडा, मांस, फल और सब्जियों आदि उद्योगों के कई बड़े और अग्रणी नामों के साथ व्यापार कर रही है। वर्तमान में कोल्डएक्स के 6 वेयरहाउस या गोदाम हैं जिनमें से 5 किराये पर हैं और एक खुद का खरीदा हुआ है, और आने वाले 18 महीनों में ये अपनी कोल्ड स्टोरेज क्षमता को 6 हजार पैलेट्स से बढ़ाकर 30 हजार करने की प्रक्रिया में हैं। गौरव कहते हैं, ‘‘हमारे पास 825 ट्रक और 1500 वाहन चालकों का एक विशाल बेड़ा है। वितरकों से लेकर अंतिम छोर पर बैठे उपभोक्ता तक उत्पाद सफलतापूर्वक पहुंचाने की दिशा में भी हम कदम बढ़ा रहे हैं और जल्द ही हम अपने बेड़े में मौजूद स्कूटरों की संख्या को 10 से बढ़ाकर 400 करने जा रहे हैं।’’

वर्ष 2007 के बाद से कोल्डएक्स ने इस व्यापार क्षेत्र में सक्रिय कुछ सबसे बड़े उपभोक्ताओं को अपने पाले में करने में सफलता पाई है। इन्होंने सबवे, डाॅमीनोज़ पिजा, स्टारबक्स और केएफसी जैसे भारत में संचालन करने वाले जाने माने और दिग्गज अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों को लाॅजिस्टिक सहायता प्रदान करने के अलावा वितरण सेवाएं भी सफलतापूर्वक उपलब्ध करवाई हैं। गौरव कहते हैं, ‘‘बीते वर्ष ‘यम! ब्रांड्स’ के माध्यम से हम क्यूएसआर के क्षेत्र में एकीकृत सेवाओं के लिये अपने पहले उपभोक्ता को पाने में सफल रहे। यह वह ब्रांड है जो भारत में केएफसी, पिज्जा हट और टाको बेल को संचालित करता है।’’ कोल्डएक्स, केएफसी के लिये प्रतिदिन 80 विक्रेताओं से उत्पाद उठाता है और फिर उस जमे हुए माल को शून्य से 18 डिग्री नीचे के तापमान पर यम! ब्रांड्स के 6 वितरण केंद्रों तक पहुंचाता हैं। साथ ही क्यूएसआर के अलावा कोल्डएक्स नेस्ले इंडिया, हर्षे इंडिया, अमूल, क्लालिटी वाॅल्स और ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन जैसे उपभोक्ताओं के माध्यम से दवाईयों, फलों और कन्फैक्शनरी के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कर करवा रही है। गौरव बताते हैं, ‘‘आज हमारे पास करीब 200 करोड़ रुपये की शीर्ष-पंक्ति है और हम बीतें पांच वर्षों से 35 प्रतिशत सालाना की दर्ज से आगे बढ़ रहे हैं।’’

भारत में तापमान नियंत्रित लाॅजिस्टिक का उद्योग करीब 12 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के बीच का होने का अनुमान है और उम्मीद की जा रही है कि यह आगामी 3 से 5 वर्षों के दौरान कम से कम 20 प्रतिशत सालाना की दर से वृद्धि करेगा। इसका एक सबसे बड़ा कारण यह है कि बीते कुछ समय में तापमान के प्रति संवेदनशील और बहुत जल्द खराब होने वाले माल की खपत में काफी वृद्धि हुई है। भारत सरकार ने भी कोल्ड चेन उद्योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता को पहचाना है और अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिये कई बढ़ावा देने वाली योजनाएं लेकर आई है। वर्ष 2011-12 के बजट में कोल्ड चेन के क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया गया। बजट में कन्वेयर बेल्ट जैसी कोल्ड चेन के बुनियादी ढांचे में प्रयोग होने वाली वातानुकूलन उपकरणों और रेफ्रीजरेशन पैनलों में उत्पाद शुल्क में छूट प्रदान की गई। सरकार की इस पहल के बाद इस क्षेत्र में काम करने वालों को प्रोत्साहन मिला है।

लेकिन जैसा कि हर व्यापार में होता है इसमें भी सामने आने वाली चुनौतियां कुछ कम नहीं हैं। कोल्ड चेन लाॅजिस्टिक्स का क्षेत्र एक पूंजी प्रधान व्यापार का क्षेत्र है जिसमें उपकरण, वाहन, तापमान नियंत्रित भंडारण इत्यादि के लिये अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता होती है। गौरव कहते हैं, ‘‘इस सबके अलावा इस क्षेत्र में तापमान का पालन करना सबसे सख्त आवश्यकता है जिसके लिये हम पूरी तरह से ऊर्जा पर निर्भर होते हैं। कोल्ड चेन के व्यापार को भी भारत में भी दुनिया के किसी भी अन्य क्षेत्र की ही तरह ही चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।’’

image


कोल्डएक्स भारत में इस क्षेत्र में अनुभव से लबरेज एक अग्रणी कंपनी है। गौरव कहते हैं, ‘‘हमनें आने वाले 5 वर्षों के लिये विकास की योजना का खाका तैयार कर रखा है और इस दौरान हम बड़ी आसानी से 700 करोड़ रुपये के व्यापार के आंकड़े को पाने में सफल रहेंगे।’’ फिलहाल कोल्डएक्स पहले से ही 6 प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय क्यूएसआर कंपनियों को सेवाएं प्रदान कर रहा है। कंपनी का मानना है कि कम से कम 40 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बड़ी गंभीरता से भारतीय बाजार पर नजर रखे हुए हैं।

फिलहाल जब इनका राजस्व व्यापार-से-व्यापार माॅडल पर आधारित है कोल्डएक्स का इरादा अपनी एकीकृत सेवाओं के माध्यम से उस अंत उपभोक्ता तक अपनी पहुंच बनाने का है जो बर्गर और फ्राई खाता है। कोल्डएक्स को एक ऐसी स्थिति में होना चाहिये जहां वह शहर की भीतरी सड़कों और संकरी गलियों के जाल से निकलते हुए उस अंत उपभोक्ता या खुदरा दुकान तक पहुंच सके। गौरव कहते हैं, ‘‘अगर हम आपूर्ति श्रंखला के इस अंतिम छोर तक अपनी पहुंच बनाने में सफल रहे तो हमारा अगला निशाना ई-काॅमर्स कंपनियां होंगी। इसके अलावा हम फास्ट फूड चेनों के लिये एक अलग सेवा पेश करने की स्थिति में भी होंगे।’’ कोल्डएक्स इस बात का सजीव उदाहरण है कि कैसे एक परंपरागत भारतीय व्यापार तकनीक को अपनाकर और समय के साथ खुद को बदलकर बाजार में प्रतिदिन आ रहे स्टार्टअप्स के सामने चुनौती पेश कर सकता है।

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags