संस्करणों
विविध

आखिरी बार मुंबई से कोच्चि के लिए रवाना हुआ विमानवाहक पोत आईएनएस विराट

YS TEAM
23rd Jul 2016
Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share

इस साल के अंत में सेवा से हटने जा रहा भारत का विशाल विमानवाहक पोत आईएनएस विराट आज दोपहर आखिरी बार मुंबई से कोच्चि के लिए रवाना हुआ। इस नौसैनिक पोत की सेवानिवृति से पहले यह उसकी आखिरी जलयात्रा है। वह कोचीन शिपयार्ड के एसेंशियल रिपेयर्स एंड ड्राई डॉकिंग (ईआरडीडी) के लिए रवाना हुआ है।

पश्चिमी नौसैनिक कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा और कमान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पोत का दौरा किया और उसके रवाना होने से पहले क्रू के सदस्यों से बातचीत की। पश्चिमी नौसैनिक कमान के हेलीकॉप्टरों और ‘फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट’ ने पत्तन से इस विशाल पोत को विदा किया।

एक रक्षा प्रवक्ता ने यहां बताया, ‘‘यह नौसेना के लिए एक भावुक क्षण था, क्योंकि आईएनएस विराट आखिरी बार अपनी ताकत से मुंबई के नौसैनिक डॉकयार्ड से रवाना हो रहा था। ईआरडीडी के पूरे हो जाने पर पोत को वापस किसी सहारे के जरिए मुंबई लाया जाएगा।’’ आईएनएस विराट 12 मई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। ‘सी हैरियर’ :व्हाइट टाइगर - लड़ाकू विमान:, ‘सीकिंग 42बी’ (हार्पून - पनडुब्बी निरोधक हेलीकॉप्टर) और ‘सीकिंग 42सी’ (कमांडो वाहक हेलीकॉप्टर) और ‘चेतक’ (एंजेल्स -एसएआर हेलीकॉप्टर) जैसे विमान आईएनएस विराट पर तैनात किए जाते थे। ‘सी हैरियर’ बेड़ा भी मई 2016 में गोवा में सेवानिवृत हुआ था। (पीटीआई)

image


उल्लेखनीय है कि भारतीय नौसेना की अग्रिम पंक्ति का यह पोत लंबे समय से सेना की सेवा में है। 1997 में भारतीय नौसेना पोत विक्रांत के सेवामुक्त कर दिए जाने के बाद इसी ने विक्रांत के रिक्त स्थान की पूर्ति की थी। इस पोत ने सन 1959 में रायल नेवी (ब्रिटिश नौसेना) के लिए कार्य करना शुरु किया एवं 1985 तक वहाँ सक्रिय रहा। इस का प्रथम नाम एच एम एस हर्मस था। 1986 में भारतीय नौसेना ने कई देशो के युद्ध पोतों की समीक्षा करने के बाद इसे रॉयल नेवी से ख़रीद लिया। बाद इसमें कई तकनीकी सुधार किये गये। इसे भारतीय नौसेना में 12 मई 1987 को इसे आधिकारिक रूप से सम्मलित कर लिया गया।

विराट पर 12 डिग्री कोण वाला एक स्की जंप लगा है, जो सी हैरीयर श्रेणी के लड़ाकु वायुयानों के उड़ान भरने में कारगर होता है। इस पोत पर एक साथ 18 लड़ाकू वायुयान रखे जा सकते हैं। पोत पर 750 लोगों के रहने की जगह तो है ही, चार छोटी नावें भी रहती हैं, जो पोत से तट तक सैनिकों को ले जा सकती हैं।

Add to
Shares
0
Comments
Share This
Add to
Shares
0
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags