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शहीद हेमंत करकरे के नाम पर हैदराबाद की कंपनी ने बनाया 'रोबोकॉप'

5th Jan 2018
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हैदराबाद आधारित एक तकनीक कंपनी एच-बॉट रोबोटिक्स ने एक स्मार्ट पॉलिसिंग रोबोट विकसित किया है।

साभार: इंडियन एक्सप्रेस

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26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के नाम पर इस रोबोट पुलिस का नामकरण किया गया है। ये एक बीटा वर्जन रोबोट है जो कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करता है। ये पूरी तरह से मेड इन इंडिया है, इसे सभी भारतीय तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया है।

नागरिकों की सुरक्षा किसी भी देश का सबसे जरूरी मसला होता है। राज्यों की पुलिस सम्मान और लोगों के धन्यवाद की हकदार है। पुलिस बिना दिन-रात की चिंता किए हुए लोगों की सुरक्षा में डटी रहती है। हम त्यौहार मनाते हैं और वो रेडलाइट पर हमारे जश्न के रेलों पर नजर रखते हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न घट जाए। हम उत्सवों की खरीदारी करते हैं और वो गेटों पर मुस्तैदी से तैनात रहते हैं। कितना अच्छा होता न अगर कोई एक ऐसी मशीन होती जो बिना थके उनकी इस मेहनत का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध रहे। इस परिकल्पना को सच कर दिखाया है दक्षिण भारत की एक रोबोटिक्स कंपनी ने।

हैदराबाद आधारित एक तकनीक कंपनी एच-बॉट रोबोटिक्स ने एक स्मार्ट पॉलिसिंग रोबोट विकसित किया है। 'रोबोकॉप' कानून और व्यवस्था से निपटने में पुलिस और ट्रैफिक प्रबंधन को सहायता कर सकता है। यदि इसे ऑटो मोड में तैनात किया जाए, तो यह मॉल या हवाई अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर चयनित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था अपने कंट्रोल में ले सकता है। 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के नाम पर इस रोबोट पुलिस का नामकरण किया गया है। ये एक बीटा वर्जन रोबोट है जो कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करता है। ये पूरी तरह से मेड इन इंडिया है, इसे सभी भारतीय तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया है।

एच-बॉट रोबोटिक्स का दावा है कि यह दुनिया की पहली पुलिस रोबोट है जो चाल से लोगों को पहचानता है, शिकायत करता है, बम का पता लगाता है, संदिग्धों की पहचान करता है, लोगों के साथ बातचीत करता है और लोगों के प्रश्नों का उत्तर देता है। पी एस वी कृष्णन (जिन्होंने एच-बॉट रोबोटिक्स की स्थापना की और रोबोट की अवधारणा को दर्शाया) के मुताबिक, यह स्मार्ट 'रोबोकॉप' अपने ऑटोऑपरेटेड फिजिकल अपीयरेंस के साथ वास्तविक समय में इसके आस-पास के माहौल को इकट्ठा करने वाले डेटा के साथ संपर्क करता है और बिना किसी उपयोगकर्ता इंटरफेस के अनियमितताओं का पता लगाता है।

यह एक सुरक्षा रोबोट है जो विशेष रूप से सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। यह एक स्मार्ट 'रोबोकॉप' है जो सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और मोबाइल, सतर्क और जवाबदेह, विश्वसनीय और उत्तरदायी और तकनीकी प्रशिक्षित है। तेलंगाना के प्रमुख सचिव जयेश रंजन ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया, एच-बॉट अगले पांच से छह महीनों में इस क्षेत्र में उत्पाद का परीक्षण करेगा और जुलाई में रोबोट को व्यावसायिक रूप से तैनात करने का आश्वासन दिया गया है।

इस रोबोट में फ्यूचरिस्टिक बॉडी डिज़ाइन और इनबिल्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। इसमें दोहरी एलईडी लाइट्स, थर्मल इमेजिंग और आपातकालीन एम्बर फ़्लैश लाइट हैं। इसमें ऑटोमेटेड चार्जिंग डॉक स्टेशन है यह दोनों आंतरिक और नौकरियों के लिए तैनात किया जा सकता है। यह सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जा सकता है। यह सभी पुलिस संचालनों में एक मुखबिर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये ट्रैफिक ऑपरेशन में या यौन उत्पीड़न एसई टीमों का सहयोग कर सकता है। इसे डेटाबेस संभाल, नियंत्रण कक्ष निगरानी, अंतरिक्ष सुरक्षा, मैत्रीपूर्ण संपर्क और भवन के अंदर मानचित्रण के लिए एक सहायक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: मणिपुर के दो इंजीनियर दोस्तों ने शुरू किया राज्य का पहला प्लास्टिक स्टार्टअप

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