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हॉलीवुड फिल्में देखकर विशाल अग्रवाल के मन में आया था‘MediSOS’ का आइडिया

योरस्टोरी टीम हिन्दी
22nd Feb 2017
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हॉलीवुड की फिल्मों में होने वाले दिलचस्प प्रयोग कुछ लोगों के वास्तविक जीवन को प्रभावित कर जाते हैं। यही वजह है कि जब 22 साल के विशाल अग्रवाल ने हॉलीवुड फिल्मों में देखा की आपातकालीन स्थिति में लोग 911 नंबर को डॉयल करते हैं तब उनके दिमाग में ‘मेडिएसओएस’ शुरू करने का आइडिया आया।

‘मेडिएसओएस’ की स्थापना जनवरी, 2015 में हुई। ये एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो आपातकालीन स्थिति में अपने यूजर्स को मदद मुहैया कराता है। इस प्लेटफॉर्म के कई फीचर्स हैं जैसे आपातकालीन स्थिति में मदद और मेडिकल से जुड़ी सुविधायें देने का काम करता है। खास बात ये है कि ये अपने यूजर्स के चिकित्सा और स्वास्थ्य से जुड़े शड्यूल की सारी जानकारी रखता है ताकि उनकी सेहत नियंत्रण में रहे। ये स्टार्टअप अपने यूजर्स के जानने वाले लोगों को भी एक दूसरे के साथ जोड़कर रखता है, ताकि एक ऐसा ईकोसिस्टम तैयार किया जाये जहां पर लोग एक दूसरे की मदद कर स्वस्थ जीवन जी सकें।


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विशाल के मुताबिक, “हम देश भर में एक ऐसा प्राइवेट नेटवर्क तैयार करना चाहते हैं जो लोगों को इस बात की छूट दे कि वो किसी भी आपातकालीन स्थिति में एक दूसरे के साथ जुड़ सकें और मुश्किल वक्त में उनको जल्द से जल्द जवाब मिलने के साथ मदद मिल सके।”

विशाल खुद एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होने ‘मेडिएसओएस’ की शुरूआत कॉलेज की पढ़ाई खत्म होते ही शुरू कर दी थी। शुरूआत में उन्होने इसके लिए 1लाख डॉलर का निवेश किया जो उन्होने अपने परिवार और दोस्तों से लिये। तब उनके सामने बड़ी चुनौती थी बाजार का सही विश्लेषण और ऐसे कौन से फीचर हों जिनके साथ इस प्लेटफॉर्म को शुरू किया जाये।

फिलहाल मेडिएसओएस दिल्ली में काम कर रहा है और इनके पास आठ सदस्यों की एक टीम है। कारोबार के विकास से जुड़ी टीम देश के कई जगहों जैसे भुवनेश्वर, कोलकाता और बेंगलुरू में भी काम कर रही है।

‘मेडिएसओएस’ कई तरह की सेवाएं मुहैया कराता है जैसे फर्स्ट एड, एसओएस, हेल्थ रिकॉर्ड मैनेजमेंट, बीमारी और दवाईयों से जुड़े इंतजाम, ई-मेडिकल आईडी और हैल्थ कनेक्ट। इसके अलावा ये कॉरपोरेट को तफ्सील से सपोर्ट सिस्टम प्रदान करता है। जहां पर ये कॉरपोरेट कर्मचारियों को डॉक्टर की सेवाएं, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और फार्मेसियों की सुविधाएं प्रदान करता है।

एसओएस सुविधाओं के तहत इसके उपयोगकर्ता आपातकालीन स्थिति में अपने आसपास जरूरी लोगों से संपर्क कर सकते हैं। ये आसपास के अस्पतालों की सूची प्रदान करता है। साथ ही अपने उपयोगकर्ताओं को ये एसओएस स्क्रीन में हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। ये विस्तृत तरीके से उपयोगकर्ता के स्वास्थ्य पर नजर रखता है। इसका फायदा ये होता है कि उपयोगकर्ता अपनी सेहत से जुड़े डाटा को सुरक्षित रख सकता है। ये एक हेल्थ प्लानर के तौर पर भी काम करता है जो उपयोगकर्ता को बताता है कि कब उसे दवाई लेनी है, कब अपने टेस्ट कराने हैं या स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे काम करने हैं।

स्वास्थ्य रिकार्ड का प्रबंधन.. ‘मेडिएसओएस’ विभिन्न कॉरपोरेट को डेटा विश्लेषण की सुविधा भी देता है। इसके जरिये वो अपने पास हेल्थ रिकॉर्ड को संभाल कर रख सकते हैं। ‘मेडिएसओएस’ कर्मचारियों को बताता है कि कैसे वो अपनी सेहत को ठीक रख सकते हैं साथ ही उसे और कैसे बेहतर बना सकते हैं। ‘मेडिएसओएस’ इसके अलावा विभिन्न कॉरपोरेट के लिए स्वास्थ्य से जुडे मानकों की तुलना के लिए अलग अलग मॉडल पेश करता है। इस पूरे मॉडल में कई तरह की चीजों का समावेश किया गया है जैसे नये रिकॉर्ड को शामिल करना, पुराने रिकॉर्ड को संशोधित करना और ये सब नये और पुराने कर्मचारियों के लिये इस्तेमाल किया जा सकता है। ‘मेडिएसओएस’, जेंड फ्रेमवर्क, पीएचपी, माई एसक्यूएल, एनरोइड नेटिव और एसओएस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है। इस स्टार्टअप की योजना अगले एक साल के अंदर ओरेकल और जावा प्लेटफॉर्म में भी उतरने की है।

विशाल के मुताबिक “आय के लिए हमारा मुख्य ध्यान कॉरपोरेट सेक्टर की ओर है और हम इंश्योरेंश के साथ दवा कंपनियों के लिए डेटा एनालिटिक्स पर ध्यान देना चाहते हैं। कारोबार के विस्तार के लिए हम डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं साथ ही देश के अलावा अमेरिका में विभिन्न कॉरपोरेट के लिए कैम्पेन चला रहे हैं ताकि लोग हमारे उत्पाद और उसकी विशेषताओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकें।” विशाल बताते हैं कि “हमारे पास छोटे और बड़े उद्योंगो के लिए कॉरपोरेट मॉडल हैं जहां पर हम उनको कई तरह की सुविधाएं प्रदान करते हैं जैसे हेल्थ रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से संभाल कर रखना। इसके साथ उनको कई तरह की सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जैसे डॉक्टर, अस्पताल की सेवाएं, पैनल में शामिल पैथलॉजी लैब।” ‘मेडिएसओएस’ कर्मचारियों के डेटा विश्लेषण के अधार पर इंश्योरेंश की सुविधाएं भी प्रदान करता है।”

भविष्य पर नजर--पिछले दो महिनों के दौरान ‘मेडिएसओएस’ से दो सौ लोग ऐप के जरिये और तीन सौ लोग पोर्टल कर जरिये जुड़ चुके हैं। इस स्टार्टअप को उम्मीद है कि वो आय के मामले में अगले दो तीन सालों के अंदर 6 से 7 मिलियन डॉलर हासिल कर लेगा। इनको उम्मीद है कि साल 2015-16 में इनकी आय 5 लाख डॉलर के आसपास रहेगी। ‘मेडिएसओएस’ फिलहाल एनरोइड प्लेटफॉर्म पर है और जल्द ही इसके आईओएस में भी उतरने की उम्मीद है।

योर स्टोरी का मानना है ...स्टार्टअप हेल्थकेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल हैल्थ की सेवाओं से जुड़े साढे सात हजार स्टार्टअप पूरी दुनिया में हैं। इनमें बड़ी संख्या इलाज के खर्च, हेल्थ केयर से जुड़ी जागरूकता, मेडिकल टूरिज्म की बढ़ती मांग, जल्द रोग की पहचान, स्वास्थ्य बीमा की बढ़ती पैठ जैसे कई चीजें है जो इस सेक्टर में अग्रसर हैं।

हेल्थकेयर के क्षेत्र में प्रति व्यक्ति खर्च जहां साल 2012 में 61 डॉलर था वो अब बढ़कर 89 डॉलर हो गया है। इंडिया ब्रांड इक्विटी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 तक हैल्थटैक उद्योग 280 बिलियन डॉलर का हो सकता है। इसी तरह औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के डेटा बताते हैं कि साल 2000-2015 के बीच अस्पताल और डाइग्नोस्टिक सेंटर में 3.21 बिलियन डॉलर का विदेश निवेश हुआ है। प्रैक्टो, पोटरिया मीडिया, ला रेनन, लाइब्रेट, मेडवैल जैसे कुछ वेंचर्स हैं जो हेल्थकेयर सैक्टर के बड़े खिलाड़ी हैं। फिलहाल देखने वाली बात ये है कि मेडिएसओएस इस सेक्टर में क्या छाप छोड़ती है। 

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