संस्करणों
विविध

आईएएस अधिकारी ने सरकारी अस्पताल में पत्नी का प्रसव करा पेश की मिसाल

18th Nov 2018
Add to
Shares
913
Comments
Share This
Add to
Shares
913
Comments
Share

हाल ही में उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईएएस अधिकारी ने अपनी गर्भवती पत्नी की डिलिवरी सरकारी अस्पताल में कराते हुए आम जनता को सरकारी व्यवस्था में भरोसे का एक अच्छा संदेश दिया है।

अस्पताल में पत्नी के साथ आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा

अस्पताल में पत्नी के साथ आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा


दरअसल गांव और दूर दराज के इलाकों में आज भी लोग घर में ही प्रसव करवा देते हैं। जो कि जच्चा और बच्चा दोनों के लिए खतरनाक होता है।

वैसे तो भारत में ब्यूरोक्रेसी यानी नौकरशाही में व्याप्त लालफीताशाही और भ्रष्टाचार के किस्से बेहद आम हैं, लेकिन कई ऐसे अफसर ऐसे भी हैं जो अपने काम से सबका दिल जीतते रहते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईएएस अधिकारी ने अपनी गर्भवती पत्नी की डिलिवरी सरकारी अस्पताल में कराते हुए आम जनता को एक संदेश दिया है। यूपी के कौशांबी के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने अपनी पत्नी अंकिता राज का प्रसव सरकारी अस्पताल में कराया है। उन्होंने ऐसा करके आमजन को संदेश दिया है कि सरकारी अस्पताल किसी प्राइवेट अस्पताल से कम नहीं हैं।

इलाहाबाद से सटे कौशांबी जिले में कलेक्टर के पद पर तैनात मनीष वर्मा 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मनीष डीएम के तौर पर आम जन की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए जाने जाते हैं। इसके लिए वे गांव-गांव चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुनते हैं। लेकिन अपनी पत्नी का सरकारी अस्पता में प्रसव करा के उन्होंने जो मिसाल कायम की है वो वाकई में काबिले तारीफ है। मनीष की पत्नी अंकिता राज रक्तदान और कुपोषित बच्चों की मदद करने जैसे सामाजिक काम करती हैं। उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। यह उनकी दूसरी बेटी है।

दरअसल गांव और दूर दराज के इलाकों में आज भी लोग घर में ही प्रसव करवा देते हैं। जो कि जच्चा और बच्चा दोनों के लिए खतरनाक होता है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराना काफी महंगा होता है इसीलिए सरकारी अस्पतालों में प्रसव को सुलभ बनाने के प्रयास किए गए हैं। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मात वंदना योजना को बढ़ावा देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर सुविधाएं हैं। लोग इसका लाभ उठाएं।

मनीष और अंकिता

मनीष और अंकिता


इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित जन्म के लिए 6000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य देश की गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। प्रधानमंत्री द्वारा पीएम मातृ वंदना योजना को जनवरी, 2017 में शुरू किया था। इसके तहत गर्भवतियों को पौष्टिक आहार के लिए सीधे उनके खाते में उक्त सहायता राशि भेजी जाती है।

यह भी पढ़ें: हिंदी मीडियम से कैसे बना जा सकता है IAS, बता रहे हैं UPSC टॉपर IAS निशांत जैन

Add to
Shares
913
Comments
Share This
Add to
Shares
913
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags