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मिलिए भारत की पहली महिला फायरफाइटर तानिया से जो एयरपोर्ट्स को रखेंगी सुरक्षित

बॉटनी से एमएससी करने वाली तानिया को मिला चुनौतीपूर्ण काम...

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23rd Apr 2018
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 आपदा प्रबंधन को जोखिम वाला काम माना जाता है और शायद यही वजह है कि महिलाएं इस क्षेत्र में नहीं दिखतीं। लेकिन इस लड़कियों को कमजोर समझने वाली मानसिकता का जवाब मिल गया है। 

तानिया सान्याल (फोटो साभार- एय़रपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया)

तानिया सान्याल (फोटो साभार- एय़रपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया)


केंद्र सरकार के अधीन आने वाले एय़रपोर्ट अथॉरिटी में अभी 3,310 फायरफाइटर्स काम कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर हवाई जहाज उतरने के वक्त वहां पर अग्निशमन विभाग दस्ते का होना अनिवार्य होता है। 

बदलते वक्त के साथ नए क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुल रहे हैं। अग्निशमन विभाग यानी आग बुझाने वाले लोगों की टीम में भी काफी ग्रोथ हुई है और इस क्षेत्र में पेशेवर लोगों की डिमांड बढ़ी है। आपदा प्रबंधन को जोखिम वाला काम माना जाता है और शायद यही वजह है कि महिलाएं इस क्षेत्र में नहीं दिखतीं। लेकिन इस लड़कियों को कमजोर समझने वाली मानसिकता का जवाब मिल गया है। देशभर के एयरपोर्ट्स को मैनेज करने वाला सरकारी विभाग एय़रपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने कोलकाता की रहने वाली तानिया सान्याल को फायरफाइटिंग टीम में शामिल कर लिया है।

केंद्र सरकार के अधीन आने वाले एय़रपोर्ट अथॉरिटी में अभी 3,310 फायरफाइटर्स काम कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर हवाई जहाज उतरने के वक्त वहां पर अग्निशमन विभाग दस्ते का होना अनिवार्य होता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के नियुक्ति नियमों में अभी तक इस पद के लिए सिर्फ पुरुषों का ही विकल्प था। इस पेशे में पुरुषों का आधिपत्य होता है, लेकिन तानिया सान्याल को यह मौका मिलने के बाद अब महिलाओं की एंट्री आसान हो सकेगी। तानिया अभी ट्रेनिंग ले रही हैं और एक महीने के भीतर ही अपनी ड्यूटी जॉइन कर लेंगी।

तानिया ने वनस्पति विज्ञान में एमएससी की है। वह AAI के पूर्वी क्षेत्र के एयरपोर्ट्स के लिए चयनित हुई हैं। इसमें कोलकाता के साथ ही भुवनेश्वर, पटना, रायपुर, गया और रांची के एयरपोर्ट आते हैं। AAI के अधिकारियों ने बताया कि वह अभी कोलकाता के फायरफाइटिंग सेंटर में ट्रेनिंग कर रही हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहापात्रा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, 'यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नए-नए एयरपोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। इसलिए फायरफाइटर्स की कमी महसूस की जा रही थी। इस वजह से हमने अपने नियमों में संशोधन करते हुए महिलाओं के लिए भी दरवाजे खोलने का फैसला किया।'

गुरुप्रसाद ने बताया कि उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के फायरफाइटिंग विभाग में महिलाओं की एंट्री के लिए ऐसे ही संशोधन किया था। ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी महिला को एयरपोर्ट पर अग्निशमन विभाग में नियुक्त किया जा रहा है। तानिया भी इससे बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए गर्व की बात है। मैं हमेशा से जिंदगी में कुछ चुनौतीपूर्ण काम करना चाहती थी और अब मुझे ये मौका मिल गया। तानिया खुद को खुशनसीब बताते हुए कहती हैं कि उनके परिवार ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। एक लड़की का पुरुषों के आधिपत्य वाले क्षेत्र में काम करना हर देशवासी के लिए गर्व की बात होनी चाहिए और उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले समय में और लड़कियां तानिया से प्रेरित होंगी।

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