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मुश्किल वक्त को दी मेहनत से चुनौती

iCouchApp टीवी का नया बाजीगरiDubba से की थी शुरूआत

Harish Bisht
30th Jun 2015
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किसी के लिए पहला चेक मिलना खास होता है खासतौर से उनके लिये जिन्होने अपना नया उद्यम शुरू किया हो। वो भी तब जब उनको अपने काम के क्षेत्र का अनुभव ना हो। ये उनके लिये मंजिल तो नहीं हो सकती लेकिन एक उम्मीद बंधती है आगे बढ़ने के लिए। साथ ही पता चलता है कि किसी को उनकी सेवाएं पसंद आई हैं जो ऐसे लोगों को लिए राहत की बात हो सकती है। कुछ ऐसा ही लगा था iDubba के संस्थापकों को भी। जब उनको अपना काम शुरू करने के बाद पहला चेक मिला था।

आशीष कुमार और रबि गुप्ता

आशीष कुमार और रबि गुप्ता


iDubba की शुरूआत टीवी गाइड के तौर पर हुई थी और iCouchApp टीवी के क्षेत्र में उसका केंद्र बिंदु बन गया। iDubba के संस्थापक रबि गुप्ता ये क्षेत्र काफी मजेदार है और अभी यहां पर काफी हलचल होनी है। कई लोग इस क्षेत्र में आना चाहते हैं लेकिन लोगों की जिंदगी में टीवी को जोड़ने में कामयाबी ट्विटर के अलावा खास किसी को नहीं मिली है। इन लोगों ने अपनी शुरूआत टीवी गाइड और अर्लट मॉडल के तौर पर की थी लेकिन अब ये लोग अगले स्तर पर अपने मॉडल को ले जा रहे हैं iCouchApp के जरिये। जिसमें इन लोगों को काफी संभावनाएं दिखती हैं। इन लोगों का कहना है इनको सलाह देने वाले लोग काफी अच्छे हैं जो इनके काम का समर्थन भी करते हैं। किसी भी उद्यमी के लिए खास बात ये होती है कि उसे लगातार सीखने के अलावा आगे बढ़ना भी होता है। साथ ही उसे लचीला और आशावादी होने के साथ साथ मौके की तलाश में भी रहना पड़ता है।

पहला चेक मिलने के तजुर्बे पर रबि का कहना है कि ये एक सर्कल को पूरा करता है। कोई भी कारोबार बिना आय के अधूरा है। भले ही वो आय छोटी हो लेकिन इससे पता चलता है कि आपके उत्पाद का विकास सही दिशा में हो रहा है। इन लोगों की आय का मुख्य जरिया iCouchApp है और धीरे धीरे ये लोग अपने दोनों उत्पाद iDubba और iCouchApp को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा हो। iCouchApp एक खास तरह का कारोबार है जिसमें उत्पाद, पेशा और विश्लेषण का मिश्रण है। जिसे ये लोग टीवी चैनल और मीडिया हाउस को देते हैं। ताकि वो इनके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर फायदा उठा सकें साथ ही इनकी कोशिश टीवी चैनलों को एक अनुकूलन समाधान देने की रहती है जिससे तय वक्त में वो अपने दर्शकों को अपने साथ जोड़ सकें। ये लोग अपने ग्राहकों को खास तरह का विश्लेषण भी उपलब्ध कराते हैं ताकि उनमें अपने दर्शकों की पसंद या नापसंद को लेकर बेहतर समझ बन सके। इसके लिए इन लोगों ने गूंज लैब्स के साथ समझौता किया हुआ है।

ये लोग इस बात से काफी खुश हैं कि इनके साथ जुड़े लोग फिर चाहे वो सलाहकार हों, या निवेशक या फिर समीर गुजलानी, राजन, कंचन कुमार, श्रीकांत शास्त्री और रघु जैसे लोग शानदार हैं। रबि के मुताबिक ये सभी ना सिर्फ काफी मदद करते हैं बल्कि नये आइडिया भी देते रहते हैं। खास बात ये है कि ये उन लोगों का इन पर काफी विश्वास है। धीरे धीरे ही सही लेकिन ये लोग एक ऐसी टीम तैयार कर रहे हैं जो बढ़िया उत्पाद देने में माहिर है। अपना काम आगे बढ़ाने के लिए ये लोग ना सिर्फ अपने उपभोक्ताओं पर खास ध्यान देते हैं बल्कि उनसे मिल रही प्रतिक्रियाओं को भी सुनते हैं। रबि का मानना है कि किसी भी उद्यम के लिये लोगों की बात सुननी भी जरूरी होती है और ग्राहको से बातचीत उनके साथ सीधे जोड़ती है।

iCouchApp के सह-संस्थापक रबि का कहना है कि देश में स्मॉर्टफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये संख्या 70 मिलियन को भी पार कर गई है और लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सही जगह पर होने के नाते, सही उत्पाद देना नये मौके खोलता है। फिलहाल इनका ध्यान iCouchApp के विकास पर है। हालांकि अभी बाजार में आये इनको सिर्फ 6 महिने ही हुए हैं लेकिन इन्होने ग्राहकों की नब्ज को पकड़ लिया है कि वो चाहते क्या हैं। यही कारण है कि ये लोग जल्द ही नए अवतार में लोगों के सामने आने वाले हैं। जो ऐप इस्तेमाल में ना सिर्फ साधारण होगा बल्कि मौजूदा ऐप से ज्यादा बेहतर काम करेगा। इनको बी2बी मॉडल के तहत काफी अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही है। तभी तो हर महिने ज्यादा से ज्यादा ग्राहक इनके साथ जुड़ रहे हैं। किसी भी नये उद्यमी की तरक्की के बारे में रबि का कहना है कि उसे बाजार में सबसे बेहतर उत्पाद उतारना चाहिए जो कि एक मुश्किल काम होता है। साथ ही अपने कान और आंख खोलकर रखनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलना चाहिए।

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