आईटी इंजीनियर से किसान बनकर लॉकडाउन में बेचे 40 लाख रुपये के आम, महज दो सालों में कई गुना बढ़ाया मुनाफा

आज कपिल अपने केसर आमों की सप्लाई भारत के सभी राज्यों के साथ कई अन्य देशों में भी करते हैं।
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आईटी पेशेवर से किसान बने कपिल ने लॉकडाउन के दौरान अपने केसर आमों के जरिये 40 लाख रुपये का व्यवसाय किया है।

कपिल सोरठिया


कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू हुए देशव्यापी लॉकडाउन ने एक ओर जहां किसानों के सामने बड़ी समस्याओं को खड़ा किया है, वहीं इस दौरान एक किसान ऐसा भी है जिसने केसर आमों के जरिये 40 लाख रुपये का व्यापार करने में सफलता पाई है। आज भारत के लगभग सभी हिस्सों के साथ इनके आमों की मांग विदेशों में भी है।

गुजरात के राजकोट में रहने वाले कपिल सोरठिया ने महज 2 साल पहले ही आमों के व्यवसाय में अपने कदम रखे हैं और उन्होंने पहले साल से ही मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था। कपिल इसके पहले बतौर एक आईटी इंजीनियर अपनी सेवाएँ दे रहे थे, लेकिन कुछ अलग करने की चाह उन्हें आमों के इस व्यवसाय तक खींच लाई।

बहन से लिए थे पैसे

कपिल बताते हैं कि उनके पिता ने बागान में आम के पौधों को लगाया था, जिसमें आम तो होते थे लेकिन उन्हें सही बाज़ार तक ले जाने के लिए कोई उचित साधन नहीं था और यही कारण है कि कपिल के आने से पहले इस बागान के जरिये महज 1 लाख रुपये का मुनाफा हो रहा था, जबकि कपिल के कदम रखने के साथ ही पहले साल में ही यह मुनाफा बढ़कर 5 लाख रुपये हो गया है। कपिल ने जब इस ओर कदम रखा तब उनके पास पूंजी नहीं थी और इसके लिए उन्होंने अपनी बहन से मदद ली थी।

आम का बॉक्स


कपिल के अनुसार अब वे आमों के साथ एवाकाडो और लीची आदि की भी खेती करने की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। कपिल की इस सफलता को देखते हुए क्षेत्र के अन्य किसान भी कपिल से सीखने के लिए उनके पास आते हैं। खेती के लिए भी कपिल ऑर्गेनिक तरीकों का उपयोग करते हैं और कीटाणुनाशक से दूर रहते हैं।

कपिल यह व्यापार अपने दोस्त अक्षय गजेरा के साथ मिलकर कर रहे हैं और इन केसर आमों की सप्लाई ‘एके ब्रदर्स’ ब्रांड के तहत की जाती है।

कपिल के दोस्त अक्षय गुजेरा



कोरोना काल में व्यापार

कपिल बताते हैं कि इस दौरान गुजरात में फलों के ट्रकों की आवाजाही लगभग सामान्य ढंग से चल रही थी, हालांकि अन्य कामों के लिए मजदूरों की किल्लत का सामना करना पड़ा। कपिल बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने केसर आमों के करीब 5 हज़ार बॉक्स बेचने में साफलता पाई है, जिसके जरिये उन्होंने 40 लाख रुपये का व्यापार किया है।

बीते साल कपिल ने केसर आमों के 2 हज़ार बॉक्स की बिक्री की थी, जिससे उन्हें 2 लाख रुपये का मुनाफा हुआ था, जबकि इस साल यह मुनाफा बढ़कर 13 लाख से अधिक हो गया है।  

कपिल के ग्राहकों में हर साल 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हो रही है और उन्हें विदेशों से लगातार बड़े ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं। कपिल अपने ग्राहकों का भी खास ख्याल रखते हैं, ऐसे में यदि आम के बॉक्स में एक भी आम खराब निकल जाता है तो वो अपने ग्राहक को पूरा नया बॉक्स फिर से डिलीवर करते हैं।

बागान में आम के पेड़


विदेशों में भी सप्लाई

कपिल ने अहमदाबाद और राजकोट में फ्री होम डिलीवरी की सुविधा दी थी, हालांकि इनकी सप्लाई यूके और कनाडा में भी होती है। कपिल के आने से पहले आमों की सप्लाई सीधे मंडी में होती थी और इसी के चलते लाभ भी कम था। कपिल का कहना है कि अभी उनके पास मौजूदा देशों के अलावा अन्य देशों में सप्लाई के लिए साधन नहीं है, लेकिन वो अधिक से अधिक देशों तक अपने आमों को पहुंचाना चाहते हैं।

हालांकि कपिल अपने केसर आमों की देश के सभी हिस्सों में पहुँच सुनिश्चित कर रहे हैं और अगले साल कपिल अधिक से अधिक बॉक्स की सप्लाई करने का प्लान तैयार कर रहे हैं।


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