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जीवन में सबको आगे बढ़ते देखना चाहती हैं 'शालिनी',एक आइडिया बदलेगा ज़रूरतमंदों की दुनिया

Harish Bisht
24th Dec 2015
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सीढ़ियों को चढ़ने में मददगार है वॉकर...

करीब ढ़ाई हजार रुपये में मिलेगा वॉकर...

इस्तेमाल में हल्का है वॉकर...


एक लड़की जिसके दिमाग में आया एक इनोवेटिव आइडिया और अब उस आइडिया के कारण जल्द ही बदलने वाली ऐसे लाखों लोगों की जिंदगी जो अपनी दिन प्रतिदिन की जरूरत के लिए वॉकर का इस्तेमाल करते हैं। बिहार के पटना में रहने वाली शालिनी कुमारी ने एक ऐसे वॉकर का डिजाइन तैयार किया जिसकी आगे की दो टांगे छोटी बड़ी की जा सकती हैं। इस तरह इस एडजेस्टबल वॉकर के कारण इसको इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति ना सिर्फ आसानी से इधर उधर आ जा सकता है बल्कि वो सीढ़ियां भी चढ़ सकता है। अपने इस आइडिया की बदौलत शालिनी कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि साल 2016 की शुरूआत में ये वॉकर आसानी से बाजार में मिलने लगेगा।

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शालिनी बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं और फिलहाल वो डॉक्टर बनने के लिए परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं। योरस्टोरी को उन्होंने बताया 

“मुझे वॉकर बनाने का आइडिया अपने दादा को देखकर आया जो वॉकर का इस्तेमाल करते थे। तब मैं देखती थी कि उनको वॉकर पर चलने के दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जैसे वो वॉकर के सहारे सीढ़ी नहीं चढ़ पाते थे। अगर पीछे मुढ़ना हो तो उनको परेशानी होती थी। इसी तरह उनकी कई दूसरी तकलीफों को मैंने देखा और समझा।” 

जिसके बाद उन्होने सोचा कि अगर इस वॉकर में थोड़े बहुत फेर बदल कर दिये जाए तो मुश्किल आसान हो सकती है। जिसके बाद उन्होने वॉकर के डिजाइन पर काम करना शुरू किया।

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शालिनी ने एक के बाद एक कई तरह के डिजाइन तैयार किये, लेकिन ज्यादातर में खामियां देखने को मिलती थीं। शालिनी के मुताबिक जब वो 8वीं क्लास में थीं तब से ही उन्होंने इसके डिजाइन पर काम करना शुरू कर दिया था। आखिरकार काफी कोशिशों के बाद इनके दिमाग में कैमरा ट्राईपोड का डिजाइन आया। जिसको ध्यान में रखते हुए उन्होने वॉकर के लिए नया डिजाइन तैयार किया। ताकि उसे बड़ा छोड़ा किया जा सके। इसके अलावा इन्होने वॉकर को कई तरह की सुविधाओं से भी लैस करने की कोशिश की जैसे घड़ी की व्यवस्था, पानी के बोतल रखने की व्यवस्था आदि।

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उनके इस आइडिया को तब और रफ्तार मिली जब इन्होंने इसे गुजरात के अहमदाबाद में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के सामने रखा। इसके बाद वहां पर इनके बनाये डिजाइन पर और काम हुआ। जिसके बाद वॉकर के लिए बनाये उनके डिजाइन में कुछ बदलाव किये गये और जब ये बनकर तैयार हुआ तो शालिनी को अहमदाबाद बुलाया गया। आज इस वॉकर के डिजाइन पर काम पूरा हो चुका है। इस वॉकर की खूबी को देखते हुए नागपुर की एक कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को खरीद लिया है। जिसके बाद कंपनी ने शालिनी के बनाये डिजाइन पर वॉकर बनाने का काम शुरू कर दिया है। शालिनी के मुताबिक ये वॉकर जल्द ही बाजार में आने वाला है और इसकी कीमत के बारे में उनका कहना है कि ये करीब ढाई हजार रुपये के आसपास बाजार में मिलेगा।

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इस वॉकर को बनाने में एल्यूमिनियम का इस्तेमाल किया गया है। इस कारण ये इस्तेमाल में ना सिर्फ काफी हल्का है बल्कि ये आरामदायक भी है। इसके अलावा इस वॉकर के जरिये दायें बायें किसी भी दिशा में जाया जा सकता है। इतना ही नहीं इस वॉकर के जरिये सीढ़ियों पर आसानी से ऊपर नीचे चढ़ा या उतरा जा सकता है। हालांकि अब तक बाजार में मौजूद वॉकर से सीढ़ियां नहीं चढ़ी या उतरी जा सकती हैं, लेकिन इस वॉकर ने इस काम को आसान बना दिया है। शालिनी के इस काम की ना सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी तारीफ हो चुकी है। इसलिए उनको काफी सारे सम्मान से नवाजा जा चुका है।

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नये तरीके का वॉकर इजाद करने के लिए शालिनी को सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया। जबकि 2015 की शुरूआत में शालिनी को स्टूडेंट काउंसिल अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उनको ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। इनको दक्षिण कोरिया के एक संगठन ने इनकी इस उपलब्धि पर इनको बिजनेस मॉडल अवार्ड से सम्मानित किया। अब शालिनी की कोशिश है कि उनका डिजाइन किया हुआ ये वॉकर हर जरूरमंद तक आसानी से पहुंचे, ताकि चलने फिरने में उसकी मुश्किल थोड़ी कम हो।

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