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तो क्या लोग अपना डर दूर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं स्नैपचैट?

29th Oct 2017
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स्नैपचैट की सरलता और इसकी संक्षिप्तता ही लोगों को इसका आदी बनाने की मुख्य वजहें हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो जो लोग एक तरफ लोग दूसरों का ध्यान खींचने के लिए संघर्ष करते हैं, उनके लिए स्नैपचैट बेहतरीन प्लेटफॉर्म हो सकता है । सिर्फ 10 सेकेंड में एक पोस्ट। न ज्यादा सोचने की जरूरत और न ही ज्यादा विवरण देने की जरूरत।

स्नैपचैट के अलग-अलग फिल्टर्स

स्नैपचैट के अलग-अलग फिल्टर्स


लेकिन टेक्सास यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर नारिसर पुन्यायुन-कार्टर, ग्रैजुएट के छात्र जे.जे. डेलाक्रूज और पूर्ववर्ती छात्र जेसन रेन्च मीडिया और मॉस कम्युनिकेशन कॉलेज में एक रिसर्च के बाद बताते हैं कि स्नैपचैट की लोकप्रियता और इसके प्रति रूचि सिर्फ इसके सरल होने की वजह से नहीं है।

डेलाक्रूज के मुताबिक, कुछ लोग संचार के विभिन्न माध्यमों के इस्तेमाल से घबराते हैं। उनके लिए यह डर को जीतने का मौका देता है, जहां उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं होता।

स्नैपचैट की सरलता और इसकी संक्षिप्तता ही लोगों को इसका आदी बनाने की मुख्य वजहें हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो जो लोग एक तरफ लोग दूसरों का ध्यान खींचने के लिए संघर्ष करते हैं, उनके लिए स्नैपचैट बेहतरीन प्लेटफॉर्म हो सकता है । सिर्फ 10 सेकेंड में एक पोस्ट। न ज्यादा सोचने की जरूरत और न ही ज्यादा विवरण देने की जरूरत। तेज, आसान और जल्द। लेकिन टेक्सास यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर नारिसर पुन्यायुन-कार्टर, ग्रैजुएट के छात्र जे.जे. डेलाक्रूज और पूर्ववर्ती छात्र जेसन रेन्च मीडिया और मॉस कम्युनिकेशन कॉलेज में एक रिसर्च के बाद बताते हैं कि स्नैपचैट की लोकप्रियता और इसके प्रति रूचि सिर्फ इसके सरल होने की वजह से नहीं है।

डेलाक्रूज के मुताबिक, कुछ लोग संचार के विभिन्न माध्यमों के इस्तेमाल से घबराते हैं। उनके लिए यह डर को जीतने का मौका देता है, जहां उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं होता। लेकिन ठीक इसी दरम्यान लोग इसके आदी भी होते हैं। ऐसे में ये देखने की जरूरत होती है कि उन्हें स्नैपचैट से अलग कुछ जरूरत है, जो उनके व्यवहार के लिए जरूरत को पूरा कर सके।“

दूसरे शब्दों अपनी सरलता और लघुता की वजह से, लोगों के बीच संचार माध्यमों का इस्तेमाल करने में जिन लोगों को घबराहट होती है, उनके लिए स्नैपचैट एक बेहतरीन माध्यम है। लेकिन सिर्फ कुछ ही सेकेंड में कई पोस्ट करने की विशेषता की वजह से लोगों को इसकी लत लग जाती है। नारिसर पुन्यायुन-कार्टर कहते हैं कि लोग इसे हर वक्त इस्तेमाल कर रहे थे। यह दूसरे सोशल मीडिया से बहुत अलग है। यह सिर्फ 10 सेकेंड में कई फोटो को रिकॉर्ड करता है, जो बेहद तेज है। अगर मेरे कई सारे दोस्त हैं, तो बैठकर उनके सारे पोस्ट को ज्यादातर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक एक कर देखने में लगने वाले समय की बचत होती है।

क्यों है स्नैपचैट इतना लोकप्रिय-

इस अध्ययन के लिए नारिसर पुन्यायुन-कार्टर और डेलाक्रूज ने कुछ बच्चों को मीडिया और कम्युनिकेशन में सर्वे सिस्टम के तहत नियुक्ति की। क्लास में इन बच्चों को इस ऑनलाइन सर्वे में हिस्सा लेने के लिए अलग से नम्बर मिलने थे। तकरीबन 500 बच्चों को टेक्अनाउंस से मिलने वाले सभी आग्रहों पर प्रतिक्रिया देने वालों पर निगरानी भी रखनी थी। सर्वे में स्नैपचैट इस्तेमाल करने वाले छात्रों से इसके इस्तेमाल करने के पीछे की जरूरतें, माध्यम, और प्रेरणाओं के बारे में पूछा गया। इसके साथ ही सामान्य सोशल मीडिया के इस्तेमाल से होने वाले प्रभावों के बारे में भी पूछा गया। जैसे की कुछ निजी विशेषताएं औऱ वो कौन सी चीज है जो उन्हें स्नैपचैट को इस्तेमाल करने के लिए आकर्षित करती है। इस दौरान चंद सवालों की मदद से स्त्रियों और पुरूषों में अलग अलग विश्लेषण किया गया।

दो वजहों से स्नैपचैट की लघुता सबसे बड़ा फैक्टर था। पहला स्नैपचैट विषयों को शेयर करने के लिए ज्यादा विश्वनीय था। दूसरा, विषय तुरंत गायब हो जाता है, इसलिए उपोगकर्ता इसके लाइव को शेयक कर सकते हैं। और उनपर खुद को असाधारण दिखाने का दबाव नहीं होता। उन्होंने सोचा कि ये नजदीकों के साथ संपर्क बनाने का सबसे बेहतर जरिया था। इसमें ना ही कुछ विवादितहो रहा था, ना ही कुछ ज्यादा सोचने की जरूरत थी कि वहां क्या है ? शायद ये एक बदसूरत सेल्फी या कुछ और सकता है ! या शायद कुछ ऐसा जहां फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम की तरह फैसले नहीं होते हैं। वहां कोई विवादित टॉपिक नहीं है।

स्नैपचैट से घनिष्ठता इसे एक पसंदीदा माध्यम बनाता है। डेलाक्रूज ने बताया कि स्नैपचैट नए रिश्ते बनाने के लिए पसंदीदा प्लेटफॉर्म नहीं बन सकता, क्योंकि इसके पोस्ट ज्यादा देर तक नहीं रहते। इस मामले में फेसबुक और इंस्ट्ग्राम आगे हैं। फिर भी यह उनके लिए एक उत्कृष्ठ प्लेटफॉर्म है, जिनके पहले से बहुत सारे दोस्त हैं, और उन्हें अपने पोस्ट से रिझाना नहीं होता है। यह रिश्तों और विश्वास को बनाये रखने में मदद किया करता है। डेलाक्रूज ने कहा कि “इसी समय हाल ही में फेसबुक और इंस्ट्ग्राम की फिल्टर का इस्तेमाल कर स्नैपचैट तेजी से बदलने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बदलता दिखता है। यह गंभीर संदेशों और टॉपिक्स से आने वाले बेजा दबावों से दूर रखता है।“

सोच समझ करें स्नैपचैट का इस्तेमाल-

जहां एक तरफ स्नैपचैट कम्युनिकेशन के डर को खत्म करने में मददगार साबित हो सकता है, तो दूसरी तरफ यह लोगों को इसका आदी भी बना सकता है। अध्ययन का सबसे कठिन हिस्सा था इसके आदी हो चुके लोगों के कारणों को समझना। स्नैपचैट उपयोगकर्ताओं को इसका आदी बनाने वाली चीज को समझते हुए शोधकर्ता इसके विकल्पों को चुनने में मदद कर सकते हैं। डेलाक्रूज ने बताया कि यह लोगों के आत्मविश्वास और बातचीत के तरीकों को प्रभावशाली बनाने में मददगार हो सकता है।

नारिसर पुन्यायुन-कार्टर भविष्य में इस रिसर्च को स्नैपचैट और संचार के दूसरे तरीकों से कहीं आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंन कहा कि “मै अन्त: पारस्परिक संपर्कों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इन पर प्रभावों को देखने जा रहा हूं। मैं सोशल मीडिया के परस्पर और आपस में संपर्क के सूत्र को समझना चाहता हूं। अभी बहुत करने की जरूरत है।”

ये भी पढ़ें: यूके में भांगड़ा कंपनी खोलने वाली पहली महिला पर्व कौर

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