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अक्षमता को मात दे सीबीएसई टॉपर बनीं अनुष्का पांडा, पीएम मोदी ने भी 'मन की बात' में सराहा

4th Aug 2018
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हाल ही में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम की छात्रा अनुष्का पांडा का नाम लिया। अनुष्का जेनेटिक डिसऑर्डर स्पाइनल मसकुलर अट्रोपी (एसएमए) नामक बीमारी से पीड़ित हैं। कह सकते हैं कि उन्हें रीढ़ की गंभीर समस्या है। लेकिन वे सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

अपनी फैमिली के साथ अनुष्का पांडा

अपनी फैमिली के साथ अनुष्का पांडा


गुरुग्राम के सेक्टर-67 में रहने वाली 14 साल की अनुष्का ने 10वीं में 97.8 मार्क्स हासिल किए हैं। अनुष्का स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) के एक आनुवंशिक रोग से ग्रसित हैं। इस बीमारी में मेरुदंड में मोटर न्यूरॉन नामक तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करता है।

"मंजिलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखो से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।" ऑल इंडिया सीबीएसई टॉपर अनुष्का पांडा के ऊपर ये लाइन बिल्कुल फिट बैठती है। अनुष्का ने अपनी निःशक्ता को खुद पर हावी नहीं होने दिया और वो करके दिखाया जो बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। अभी हाल ही में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम की छात्रा अनुष्का पांडा का नाम लिया। अनुष्का जेनेटिक डिसऑर्डर स्पाइनल मसकुलर अट्रोपी (एसएमए) नामक बीमारी से पीड़ित हैं। कह सकते हैं कि उन्हें रीढ़ की गंभीर समस्या है। लेकिन वे सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 29 जुलाई को, अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मान की बात' के 46 वें एपिसोड में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम की छात्रा अनुष्का पांडा को प्रेरणा के रूप में याद किया। रीढ़ की हड्डी की एक अनुवांशिक बीमारी के पीड़ित, अनुष्का ने इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 10 की परीक्षा में पूरे भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मान की बात एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, "मुझे गुड़गांव की विकलांग बेटी अनुष्का पांडा के बारे में पता चला जो स्पाइनल मसकुलर अट्रोफी नामक बीमारी से पीड़ित है। अनुष्का ने अपनी विकलांगता को ऑल इंडिया टॉपर बनने पर हावी नहीं होने दिया। बहुत से ऐसे विकलांग और गरीब परिवारों के छात्र हैं जिन्होंने अपनी प्रतिकूल स्थिति को उनकी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने दृढ़ संकल्प व हौसले से कामयाबी हासिल की है, हमें इन बच्चों से प्रेरणा लेनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि उन्होंने साबित किया कि "दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ, कोई भी मील का पत्थर हासिल किया जा सकता है।"

अपने माता-पिता के साथ अनुष्का

अपने माता-पिता के साथ अनुष्का


एशियन एज के साथ बातचीत में अनुष्का ने कहा कि पीएम के उनका जिक्र करने से वह बेहद खुश हैं। यह क्षण उनके लिए बेहद खास रहा। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री स्वयं मेरे बोर्ड परिणामों पर मुझे बधाई देंगे। ये मैंने नहीं सोचा था। मैं उनके इस तरह के प्रोत्साहन और प्रेरणा के लिए आभारी हूं। "

गुरुग्राम के सेक्टर-67 में रहने वाली 14 साल की अनुष्का ने 10वीं में 97.8 मार्क्स हासिल किए हैं। अनुष्का स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) के एक आनुवंशिक रोग से ग्रसित हैं। इस बीमारी में मेरुदंड में मोटर न्यूरॉन नामक तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करता है। जब न्यूरॉन्स काफी घट जाते हैं तो मांसपेशियां अत्याधिक कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में मरीज का चलना, उठना-बैठना, सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। हालांकि अनुष्का ने इन सभी बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अनुष्का को चेस खेलना काफी पसंद है और वे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का लक्ष्य रखती हैं।

सीबीएसई टॉपपर ने इंडिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं पहले ही दिन से अपनी तैयारी में लगातार लगी हुई थी। मैं अपने स्कूल का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, जो बेहद सहायक रहा है। चूंकि मैं एक स्पेशल चाइल्ड हूं, इसलिए मेरे स्कूल ने सुनिश्चित किया और मुझे अपनी परीक्षा लिखने के लिए विशेष आधारभूत संरचना प्रदान की गई।"

यह भी पढ़ें: बचे हुए खाने को इकट्ठा कर गरीबों तक पहुंचाने का काम कर रहा है केंद्र सरकार का यह कर्मचारी

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