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डॉक्टर्स से लेना है अपॉइंटमेंट?... ‘Medinfi’ आइए

अच्छे डॉक्टर्स तक पहुंचाने का वादा

8th Jul 2015
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मेडिन्फी हेल्थकेयर के संस्थापक रवि शंकर मिश्रा का कहना है, “स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण कसौटी है। नियमित इलाज या खांसी, सर्दी जैसी सामान्य परेशानियों के इलाज के लिए लोग नजदीकी डॉक्टर के पास जाना ही पसंद करते हैं। करीब 73 फीसदी लोग नजदीकी डॉक्टर के पास जाना पसंद करते हैं। लेकिन बड़ी परेशानी या सर्जरी के लिए लोग अस्पतालों या फिर उन डॉक्टर्स के पास जाना पसंद करते हैं, जिनके बारे में उन्हें दोस्त या परिवार से जानकारी मिलती है या फिर वो खुद रिसर्च कर पता लगाते हैं कि कौन से डॉक्टर उस खास बीमारी के इलाज के लिए बेहतर हैं।” वेब और मोबाइल ऐप के जरिए इस स्टार्टअप ने लोगों को अपने पसंद के डॉक्टर्स और अस्पतालों के साथ अपॉइन्टमेंट तय करने में मदद करता है।

लागू करने का आइडिया

रवि ने जुलाई, 2014 में पंजीकृत करने के बाद मेडिन्फी की शुरुआत की थी। इससे पहले रवि ने करीब डेढ़ साल तक इस मार्केट का गहन अध्ययन किया और पता लगाया कि भारत में चिकित्सा क्षेत्र की सेवाओं के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म की सख्त जरुरत है। रवि ने रांची के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन करने के बाद जमशेदपुर के XLRI से पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उन्होंने टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस (टीएएस) से अपने करियर की शुरुआत की और टाटा ग्रुप के तीन नए कारोबार के लॉन्च के हिस्सा रहे।

रवि के पास 20 लोगों की एक टीम है, लेकिन शुरुआत में उन्हें और निवेशकों को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक कंटेंट प्लेटफॉर्म की जरुरत को समझाने में काफी दिक्कत हुई। कुछ महीने पहले इन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर में अपना ऐप लॉन्च किया। इस ऐप में बेंगलुरू, दिल्ली और मुंबई के 5000 से ज्यादा डॉक्टर्स और अस्पतालों की जानकारी शामिल है।

रवि शंकर मिश्रा

रवि शंकर मिश्रा


मोबाइल ऐप को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नजदीकी डॉक्टर्स और अस्पतालों की तलाश करने के मकसद से तैयार किया गया है। जीपीएस की मदद से ऐप यूजर के लोकेशन का पता लगा लेता है और नजदीकी डॉक्टर्स व अस्पतालों के नाम स्क्रीन पर आने लगते हैं। जनरल फिजिशियंस के अलावा यूजर्स चाहें तो प्रभावित अंग या मरीज की जानकारी देकर विशेषज्ञ डॉक्टर की तलाश भी कर सकते हैं। यूजर्स चाहें तो नाम से डॉक्टर या अस्पतालों की तलाश कर सकते हैं, डॉक्टर का प्रोफाइल चेक कर सकते हैं और जहां इलाज कराना हो, उस अस्पताल की जानकारी ले सकते हैं।

वेब प्लेटफॉर्म को गंभीर बीमारियों के लिए अस्पताल या डॉक्टर की तलाश करने की बात को ध्यान में रखते हुए ही डिजाइन किया गया है। रवि को ये समझ आ गया था कि लोगों के लिए जरूरत के समय मोबाइल पर डॉक्टर या अस्पताल की जानकारी के लिए काफी ज्यादा टेक्स्ट पढ़ना सुविधाजनक या व्यावहारिक नहीं है।

सॉफ्ट लॉन्च के बाद मेडिन्फी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों के माध्यम से मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित कर दिया। रवि ने बताया कि ऑनलाइन प्रचार के लिए जहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया, वहीं ऑफलाइन प्रचार के लिए स्थानीय दवा दुकानों की मदद ली गई।

दवा दुकानों पर रिसाइकिल ब्राउन पेपर से बने लिफाफे का इस्तेमाल ग्राहकों को दवा देने में किया जाता है। रवि ने बताया कि उन्हें इसमें अपने ऐप के प्रचार का एक माध्यम दिखा और उन्हें हमने हमारी ब्रांडिंग वाले अच्छी क्वालिटी के पेपर बैग दिए। दवा दुकानदार भी इस पेपर बैग को इस्तेमाल कर खुश हुए।

कारोबारी मॉडल

मेडिन्फी अपॉइन्टमेंट बुकिंग या दूसरी सेवाओं के लिए डॉक्टरों या अस्पतालों से कोई कमीशन नहीं लेती है। रवि बताते हैं, “हमने दूसरे तरीकों से कमाई के रास्ते निकाल लिए थे। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कंपनियों, स्वास्थ्य और फिटनेस ग्रुप के बैनर विज्ञापन के अलावा स्थानीय विज्ञापनों के जरिए कमाई के तरीके निकाले गए। इसके अलावा हम लोग स्वास्थ्य बीमा और मिडसाइज्ड कारपोरेट्स को विश्लेषणात्मक सेवा प्रदान करते हैं।”

मेडिन्फी के कंटेंट हासिल करने के लिए रवि ने जंगली.कॉम (अमेजन) में रिटेलर मार्केटिंग के प्रमुख के तौर पर अपने पुराने अनुभव का इस्तेमाल किया। इस वेबसाइट के लिए रवि ने न सिर्फ एक टीम बनाई बल्कि इसकी मदद से भारत में एक लाख से ज्यादा रिटेल स्टोर्स के जांच किए हुए कंटेंट हासिल भी किए।

इससे पहले रवि जबोंग.कॉम समेत कई दूसरे वेंचर्स को लॉन्च करने में भी शामिल रहे हैं, जहां वो प्री-लॉन्च टीम में शामिल हुए और फिर उनके अलग-अलग वर्गों की शुरुआत की। अमेजन ज्वाइन करने से पहले वह जबोंग के कारोबार को टायर 2 और टायर 3 शहरों में बढ़ाने में अहम योगदान दे चुके हैं। प्रतियोगिता के बारे में वह कहते हैं, “मैं बुकिंग प्लेटफॉर्म को किसी प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखता हूं। स्वास्थ्य क्षेत्र में भरोसा बेहद अहम होता है और डॉक्टरों या अस्पतालों के साथ कमाई में साझेदारी करने वाला उसी तरह का अधिकार नहीं रख सकता है क्योंकि वह प्लेटफॉर्म पक्षपातपूर्ण हो सकता है। सभी उद्योगों की यही सच्चाई है। वैश्विक स्तर पर मैं वेबएमडी और हेल्थग्रेड को प्रतियोगी मानता हूं।”

हाल के दिनों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी कुछ किया गया है। अहमदाबाद स्थित ला रेनन हेल्थकेयर सेक्योआ कैपिटल से 100 की फंडिंग हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। सेक्योआ कैपिटल और मैट्रिक्स पार्टनर्स द्वारा समर्थित प्रैक्टो 2015 में 1000 कर्मचारियों को नौकरी पर रखने की तैयारी कर रही है और मीना गणेश व कृष्णन गणेश की होम हेल्थकेयर कंपनी पोर्टिया मेडिकल ने पिछले साल क्वालकॉम से फंडिंग हासिल की। इसके बाद इस क्षेत्र में कई दूसरे खिलाड़ी भी आ गए हैं, इनमें प्लेक्ससएमडी, डॉक्टरों के लिए नौकरी.कॉम, डॉक्टरों, लैब और मरीजों को एक छत के नीचे लाने वाला दिल्ली स्थित हेल्पमीडॉक, एंड-टू-एंड हेल्थकेयर सॉल्यूशन प्रोवाइडर Zywie और बिजेमी वेंचर्स व आद्रोवाटेंट द्वारा फंड किए हुए हैदराबाद स्थित ईकिनकेयर शामिल हैं।

भविष्य की योजनाएं

मेडिन्फी अगले दो से तीन महीने में फंडिंग की योजना बना रही है और इसके लिए कई एजेंसियों से बातचीत हो रही है। इससे पहले इन्होंने अपने दोस्तों और परिवार के साथ-साथ कुछ निवेशकों से फंड हासिल की थी। इस साल के अंत तक इनकी योजना देश के 20 शहरों में दस लाख यूजर्स तक पहुंचने की है और इसे अगले तीन महीने में आईओएस पर लॉन्च करना भी चाहते हैं।

इनकी वेबसाइट पर विभिन्न बीमारियों के लिए चर्चा की सुविधा भी दी जाएगी। फिलहाल इनका ध्यान भारत पर ही केंद्रित है, लेकिन भविष्य में ये मेडिन्फी प्रीमियम के तहत ऐसे लोगों को दुनिया भर में मौजूद बेहतर चिकित्सा सुविधा की जानकारी देने की भी है जो ये खर्च उठा सकते हैं।

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