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डीजे से बने उद्यमी, बेच रहे हैं ऑनलाइन फरसाण

गुजरातियों की मनपसंद नाश्ताFarsanKart के जरिये होता है कारोबारविदेशों में भी फरसाण की डिमांडबड़ौदा से चल रहा है व्यापार

Harish Bisht
10th Jul 2015
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देश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाला गुजरात अपनी संस्कृति और कला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लेकिन गुजरात में रहने वाले लोगों को पसंद है फरसाण और खाकरा। फिर चाहे बात अहमदाबाद की हो या बडौदा की। हर जगह इन चीजों को लेकर समान रुप से प्रतिस्पर्धा है। दर्शन ध्रुव जिनके दिमाग की उपज है FarsanKart। ये बडौदा के रहने वाले उर्जा से भरे हुए इंसान हैं। बचपन से ही दर्शन स्वतंत्र मिजाज वाले और खुद के लिए ही काम करने वाले इंसान के तौर पर अपने को देखते थे। उन्होने कभी भी अपने परिवार पर निर्भर होना सीखा ही नहीं। तभी तो वो बडौदा में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान डीजे की भूमिका निभाते थे। इसके बाद वो मास्टर्स की पढ़ाई करने के लिए विदेश चले गये और जब वो वापस लौटे तो इससे पहले उन्होने वहां पर 4 साल एमएनसी में काम किया।

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वतन वापस लौटने के बाद दर्शन अपने पारिवारिक पैकेजिंग कारोबार से जुट गए लेकिन वो इससे संतुष्ट नहीं थे। तभी उनके दिमाग में उद्यमी बनने का विचार आया और इस क्षेत्र में दखल देने का फैसला लिया। खाने के शौकिन दर्शन चाहते थे कि वो जो भी काम करें वो खाने से जुड़ा हो। इसलिए जब उन्होने ऑनलाइन फरसाण बेचने का फैसला लिया तो उनके आसपास के लोग दर्शन के इस फैसले से अचंभित हो गए। क्योंकि ज्यादातर लोगों ने किताबें, कपड़े, फूल और दूसरे समान को ऑनलाइन बिकते हुए देखा और सुना था लेकिन फरसाण को ऑनलाइन बेचना बहुत ही अनोखा विचार था। आज ये बड़ौदा के दूसरे बड़े फरसाण स्टोर की तरह प्रसिद्ध हो गया है।

दर्शन ध्रुव

दर्शन ध्रुव


दर्शन ने अपने इस कारोबार के लिए ना सिर्फ स्थानीय लोगों को अपना लक्ष्य बनाया बल्कि विदेशों में बैठे गुजाराती भाइयों के लिए फरसाण भेजने के खास इंतजाम किये। उनके लिए दर्शन ने अलग वेबसाइट भी बनाई और उसका नाम रखा है www.global.farsankart.com। जो कि इंग्लैंड, अमेरिका, कनाडा में रहने वाले गुजराती भाइयों को फरसाण पहुचाने का काम करता है। जबकि दर्शन की योजना अगले दो सालों में इस काम को 160 देशों में पहुचाने की है।

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दर्शन काफी आशावादी हैं वो मानते हैं कि अगले कुछ सालों में लोगों की जिंदगी में ई-कामर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। क्योंकि जिस तरह सड़को पर वाहनों की संख्या बढ़ रह है ऐसे में लोग कुछ भी समान खरीदने के लिए दुकान तक जाने की जगह ऑनलाइन ही मंगाना पसंद करेंगे। दर्शन का मानना है कि बडौदा के अलावा बेंगलौर फरसाण बेचने के लिए सही जगह हो सकती है, लेकिन उनका मानना है कि फरसाण जैसी चीज को वड़ौदरा से शुरू करने के अपने फायदे हैं उनके मुताबिक सस्ते संसाधन और जल्द जल्द से किसी भी चीज के यहां मदद मिल सकती है। वो महसूस करते हैं कि अगर किसी के पास कोई अच्छा विचार हो तो दूसरे चीजें उसे ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकती।

दर्शन का मानना है कि किसी भी नये कारोबार को जमाना एक बड़ी चुनौती होती है। खासतौर से उस वक्त जब इसमें आपका पैसा लगा होता है, लेकिन उन्होने कभी भी इसे बड़ी चुनौती के तौर पर नहीं लिया और ना ही वो इस काम को लेकर ज्यादा परेशान हुए क्योंकि हर दिन इंसान नई चीजें सीखता है जो उसको आगे बढ़ाने में मददगार होती हैं। दर्शन का कहना है कि वो कोई भी काम ईमानदारी और 100 प्रतिशत समर्पण के साथ करते हैं। डीजे से शुरू हुई उनकी यात्रा आज एक सफल ई-कामर्स उद्यमी के तौर पर सफलतापूर्वक जारी है। दर्शन चाहते हैं कि एक FarsanKart दुनिया में जाना पहचाना ब्रांड बने।

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