इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स द्वारा बनाए IoT मॉडल जिनसेे जिंदगी बनेगी आसान

    By yourstory हिन्दी
    December 25, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:17 GMT+0000
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    हाल ही में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) यानी इंटरनेट से जुड़ी चीजों पर एक चैलेंज कॉम्पिटिशन का आयोजन संपन्न हुआ। इस चैलेंज में आईआईटी भुवनेश्वर के छात्रों द्वारा तैयार एक सॉल्यूशन ने बाजी मारी जिसके जरिए उपभोक्ताओं के एलपीजी उपभोग को ट्रैक किया जा सकता है।

    प्रज्जवला टीम को मिला अवॉर्ड

    प्रज्जवला टीम को मिला अवॉर्ड


    'प्रज्जवला' के जरिए एलपीजी उपभोक्ताओं के एलपीजी इस्तेमाल की प्रवृत्ति को मापा जा सकता है। इस खोज के लिए प्रज्जवला टीम को 5 लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला।

    टाटा कम्युनिकेशंस और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की साझेदारी में इन दिनों द ग्रैंड इंडिया आईओटी इनोवेशन चैलेंज के पहले संस्करण का आयोजन अभी हाल ही में किया गया। इसमें भारत के 27 इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से 700 से अधिक आवेदन आए। इनमें से टीमों को अंतिम रूप से चययनित किया गया। इस प्रतियोगिता की थीम थी, 'बेहतर समाज बनाने वाले समाधान'।

    अंतिम रूप से चुनी गई कुछ टीमों में से चार को विजेता घोषित किया गया। इनमें से एक मॉडल का नाम है प्रज्वला, जिसे आईआईटी भुवनेश्वर के छात्रों ने तैयार किया। 'प्रज्जवला' के जरिए एलपीजी उपभोक्ताओं के एलपीजी इस्तेमाल की प्रवृत्ति को मापा जा सकता है। इस खोज के लिए प्रज्जवला टीम को 5 लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला।

    प्रज्जवला के अलावा 'टीम डोमिनेटर्स' नाम के मॉडल को उपविजेता घोषित किया गया। इसे 3 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। यह एक ऐसी मशीन है जिसे स्ट्रीट लैंप में लगाकर मच्छरों की गतिविधियां रिकॉर्ड की जा सकती हैं। इससे नगर निगम को मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव करने में आसानी होगी और मच्छरों पर आसानी से लगाम लगाई जा सकेगी। 'टीम डोमिनेटर्स' को आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है।

    इस प्रतियोगिता में संरक्षक औरर शॉर्ट सर्किट को मॉडलों को तीसरा और चौथा स्थान प्राप्त हुआ। संरक्षक को चेन्नई के वेल्लौर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी द्वारा डेवलप किया गया है। संरक्षक एक ऐसा मॉडल है जिसके जरिए खराब रेलवे लाइनों की आसानी से पड़ताल की जा सकती है। वहीं शॉर्ट सर्किट को बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के पिलानी कैंपस द्वारा विकसित किया गया है। शॉर्ट सर्किट की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों में संचित की जाने वाली ऊर्जा को फिर से प्रयोग करने में मदद करता है। इससे ऊर्जा की काफी बचत की जा सकती है।

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