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फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक ने किया ऐतिहासिक इन्वेस्ट, बना सबसे बड़ा शेयरहोल्डर

Manshes Kumar
11th Aug 2017
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स्‍नैपडील ने फ्लिपकार्ट के साथ मर्जर डील तोड़ दी थी। देश के दोनों बड़े ई-कॉमर्स प्‍लेटफार्म के बीच पिछले पांच महीने से मर्जर को लेकर बातचीत चल रही थी। ऐसे में सॉफ्टबैंक के फ्लिपकार्ट में इन्‍वेस्‍टमेंट की बातचीत को अहम माना जा रहा था।

<b>फ्लिपकार्ट ऑफिस (साभार: सोशल मीडिया)</b>

फ्लिपकार्ट ऑफिस (साभार: सोशल मीडिया)


सॉफ्टबैंक और सन ने पहले स्नैपडील के जरिए एमेजॉन को टक्कर देने की कोशिश की थी। उसकी उम्मीदें तब टूट गई जब एमेजॉन ने स्नैपडील को पीछे छोड़ दिया।

सॉफ्टबैंक समूह के चेयरमैन और सीईओ मासायोशी सन ने हाल ही में संकेत दिए थे कि कंपनी वास्तव में भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में सीधे निवेश करने के लिए बातचीत कर रही है।

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग स्टार्टअप कंपनी फ्लिपकार्ट को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी फंड सॉफ्टबैंक से मदद मिली है। सॉफ्टबैंक के विजन फंड ने फ्लिपकार्ट में 2.5 अरब डॉलर का इन्वेस्ट किया है। इस इन्‍वेस्‍टमेंट के साथ सॉफ्टबैंक फ्लिपकार्ट के सबसे बड़े शेयरहोल्‍डर्स में से एक हो गया है। इससे पहले, सॉफ्टबैंक के सपोर्ट वाली ई-कॉमर्स कंपनी स्‍नैपडील ने फ्लिपकार्ट के साथ मर्जर डील तोड़ दी थी। देश के दोनों बड़े ई-कॉमर्स प्‍लेटफार्म के बीच पिछले पांच महीने से मर्जर को लेकर बातचीत चल रही थी। ऐसे में सॉफ्टबैंक के फ्लिपकार्ट में इन्‍वेस्‍टमेंट की बातचीत को अहम माना जा रहा था। यह भी कहा जा रहा है कि सॉफ्टबैंक फ्लिपकार्ट में इक्विटी बढ़ाने की तैयारी में था।

जापान के सॉफ्टबैंक के पास अब भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी के 25 पर्सेंट शेयर होंगे। फ्लिपकार्ट के संस्थापकों सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने कहा, 'यह फ्लिपकार्ट और भारत के लिए ऐतिहासिक डील है।' उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी और ई-कॉमर्स स्केल के लिहाज से भारत लीडर बनने का दम रखता है। सॉफ्टबैंक कंपनी में कुछ शेयर सीधे तो कुछ मौजूदा शेयरहोल्डर्स से खरीदेगा। इस सौदे से टाइगर ग्लोबल को कुछ हिस्सेदारी बेचने का मौका मिलेगा। न्यूयॉर्क की यह इनवेस्टमेंट कंपनी अब तक फ्लिपकार्ट की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर थी। सॉफ्टबैंक के साथ डील की खबर रखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सॉफ्टबैंक समूह के चेयरमैन और सीईओ मासायोशी सन ने हाल ही में संकेत दिए थे कि कंपनी वास्तव में भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में सीधे निवेश करने के लिए बातचीत कर रही है। इस सौदे में कंपनी की कीमत 7-8 अरब डॉलर लगाई गई है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी के दोनों संस्थापक और इसमें सबसे पहले निवेश करने वाले वेंचर फंड एक्सेल पार्टनर्स भी सॉफ्टबैंक को कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे। एक सूत्र ने कहा, 'दोनों संस्थापक अपनी कुछ शेयरहोल्डिंग बेच रहे हैं।' आईआईटी दिल्ली के क्लासमेट्स सचिन और बिन्नी बंसल ने 2007 में ऑनलाइन किताबें बेचने की शुरुआत इस कंपनी से की थी। एक दशक में उन्होंने फ्लिपकार्ट को सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाया। अप्रैल 2017 में कंपनी ने ईबे, चीन की टेनसेंट और माइक्रोसॉफ्ट से 1.4 अरब डॉलर का फंड जुटाया था, तब इसकी वैल्यू 11.6 अरब डॉलर लगाई गई थी।

सॉफ्टबैंक का निवेश उसी फंडिंग राउंड की कड़ी है। सचिन और बिन्नी बंसल ने एक बयान में कहा, 'हम सॉफ्टबैंक विजन फंड को पार्टनर बनाकर खुश हैं। हम सभी भारतीयों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने बिजनेस को बढ़ा रहे हैं। हम देश में अगले फेज के टेक्नोलॉजी एडॉप्टेशन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।' सचिन बंसल फ्लिपकार्ट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं, जबकि बिन्नी बंसल ग्रुप चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर। सॉफ्टबैंक के साथ सौदे में मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचे जाने को लेकर फ्लिपकार्ट ने कमेंट करने से मना कर दिया।

इससे दो सप्ताह पहले स्नैपडील को खरीदने की बातचीत फ्लिपकार्ट के साथ टूट गई थी। सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सन ने एक स्टेटमेंट में कहा, 'हम इनोवेटिव कंपनियों को सपोर्ट करना चाहते हैं, जो भारत में विजयी बनें। ये कंपनियां टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने की हालत में हैं। ये लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने की ताकत भी रखती हैं। भारतीय ई-कॉमर्स इंडस्ट्री की अगुवा कंपनी होने के नाते फ्लिपकार्ट रोज यह काम कर रही है।' इस डील के साथ सॉफ्टबैंक का भारत में कुल निवेश 6 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। हाल ही में उसने डिजिटल पेमेंट्स और ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम में 1.4 अरब डॉलर का निवेश किया था, जिसमें पेटीएम की वैल्यू 7 अरब डॉलर लगाई गई थी।

पढ़ें: टाइपराइटर युग का अंत: आज महाराष्ट्र में होगा आखिरी टाइपिंग एग्जाम

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