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ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री टेरेसा मे को है कई बड़ी चुनौतियों का सामना

15th Jul 2016
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बेहद खरी बातें करने वाली नेता टेरेसा मे ने ऐसे वक्त में पद संभाला है, जब ब्रिग्जिट वोट के कारण प्रधानमंत्री पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है। ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थचर थीं। वह 1979 से 1990 तक इस पद पर रहीं। कंजरवेटिव पार्टी की 59 वर्षीय नेता के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम एक ऐसी टीम का गठन करना है, जो यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने की शर्तों पर बातचीत करने की चुनौती से निपट सके। टेरेसा पर कई भूमिकाओं में भी स्थिरता सुनिश्चित करने की उम्मीद की जा रही है।

टेरेसा मे ने ब्रेग्जिट के बाद दुनिया में ब्रिटेन के लिए ‘‘साहसिक एवं नयी सकारात्मक भूमिका’’ निभाने का संकल्प लिया है। बकिंघम पैलेस में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के साथ मुलाकात के बाद थेरेसा ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का प्रभार लिया। प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा, ‘‘डेविड कैमरन को मैं एक महान, आधुनिक प्रधानमंत्री मानती हूं.. उन्होंने एक राष्ट्र की सरकार का नेतृत्व किया और उसी भावना से मैं नेतृत्व करने की योजना बना रही हूं।’’ उन्होंने यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए ब्रिटेन के जनमत संग्रह का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारे समक्ष बड़े राष्ट्रीय बदलाव की चुनौती है.. हम चुनौती का सामना करेंगे और साथ मिलकर बेहतर ब्रिटेन का निर्माण करेंगे।’’ उन्होंने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरीय आयरलैंड के बीच एकता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि वह ईयू से निकलने की चुनौती से निपटेंगी और ‘‘दुनिया में ब्रिटेन के लिए साहसिक एवं नयी सकारात्मक भूमिका तैयार करेंगी।’’

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टेरेसा को महारानी ने आधिकारिक रूप से ब्रिटेन का 13वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया है जबकि वह दूसरी महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। बतौर प्रधानमंत्री अपने पहले बयान में टेरेसा ने कहा, ‘‘हम अपने देश के इतिहास के महत्वपूर्ण पल में जी रहे हैं। जनमत संग्रह के बाद हमारे सामने राष्ट्रीय बदलाव का महत्वपूर्ण समय है। मुझे पता है कि हम ग्रेट ब्रिटेन हैं और, हम चुनौती से निपट लेंगे।’’ अपने समक्ष मौजूद सबसे बड़ी चुनौती को स्वीकार करते हुए टेरेसा ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद, हम दुनिया में अपने लिए नयी, महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका तैयार करेंगे, और ब्रिटेन को एक ऐसा देश बनाएंगे जो महज कुछ लोगों के लाभ के लिए नहीं, बल्कि हम सभी के लिए काम करे।

कैमरन मंत्रिमंडल में उर्जा मंत्री की भूमिका निभाने वाली आंद्रिया ने टेरेसा मे का समर्थन किया। आंद्रिया ने कहा, ‘‘एक मजबूत और भरपूर समर्थन वाले प्रधानमंत्री की तत्काल नियुक्ति से हमारे देश के हितों की रक्षा की जा सकेगी। मैं टेरेसा मे की बहुत अधिक सफलता की कामना करती हूं। मैं उनको पूरे सहयोग का विश्वास दिलाती हूं।’’

टेरेसा ने कई लोगों को हटाने के साथ शुरू किया कामकाज

ब्रिटेन की नयी प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने आज पुरानी सरकार के कई मंत्रियों को हटाने के साथ अपने कामकाज की शुरूआत की और ‘‘लीव’’ :यूरोपीय संघ छोड़ने के: अभियान के अगुवा बोरिश जॉनसन को विदेश मंत्री नियुक्त किया। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने के फैसले की पृष्ठिभूमि में इसकी वकालत करने वाले जॉनसन को विदेश मंत्री का महत्वपूर्ण पद दिया गया है।

लंदन के पूर्व मेयर जॉनसन का विदेश मंत्री बनना भारत और पूरे राष्ट्रमंडल के लिए अच्छी खबर होनी चाहिए। जॉनसन ने विदेश मंत्री बनने के बाद अपने पहले बयान में कहा, ‘‘हमें ब्रिटेन के वैशिक रूतबे और एक वैश्विक ताकत के तौर पर अपनी पहचान को नया रूप देने की जरूरत है।’’ उन्होंने पहले भारत और ब्रिटेन के बीच अधिक उड़ानों के संचालन की पैरवी की थी। उनके अब तक रिकॉर्ड को देखते हुए भारत काफी आशावान हो सकता है।

डाउनिंग स्ट्रीट में अपनी पहली रात 59 वर्षीय टेरेसा को पूरी नींद शायद ही मिली होगी क्योंकि कैबिनेट के मुख्य पदों पर नियुक्तियों की घोषणा के बाद से जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलोंद, और आयरलैंड के प्रधानमंत्री एंडा केनी सहित अन्य यूरोपीय नेताओं के फोन आने लगे।

डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सभी फोन संवादों में प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ से बाहर जाने संबंधी ब्रिटिश जनता की इच्छा को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। प्रधानमंत्री ने कहा कि बातचीत की तैयारियां करने के लिए कुछ वक्त लगेगा और आशा जतायी कि यह सबकुछ रचनात्मक और सकारात्मक भावना के साथ पूरा होगा।’’ टेरेसा ने आज सबसे पहले जिन लोगों को पद से हटाया उनमें प्रधानमंत्री पद के लिए उन्हें चुनौती देने वाले न्याय मंत्री माइक गोव शामिल हैं। उनका स्थान पूर्व पर्यावरण मंत्री लिज ट्रस को दिया गया है। टेरेसा की कैबिनेट में जिन महिला मंत्रियों के शामिल होने की संभावना थी, उनमें लिज का भी नाम था।

टेरेसा मे ने आज सबसे पहले ‘‘लीव’’(यूरोपीय संघ छोड़ने के) अभियान के आयोजक बोरिश जॉनसन को विदेश मंत्री नियुक्त करने के बाद कई पुराने मंत्रियों को उनके पदों से हटाया। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने के फैसले की पृष्ठिभूमि में इसकी वकालत करने वाले बोरिस को विदेश मंत्री का महत्वपूर्ण पद दिया गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के पुराने कैबिनेट से जिन लोगों को हटाया गया है, उनमें शिक्षा मंत्री निकी मोर्गन, संस्कृति मंत्री जॉन विटिंगडेल और कैबिनेट मामलों के मंत्री ओलिवर लेटविन शामिल हैं। इन सभी को महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया गया है।

इस वर्तमान संकट और विवादित संविदा को लेकर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के केन्द्र में रहे स्वास्थ्य मंत्री जेरमी हंट को भी नयी और छोटी भूमिका दिए जाने की आशंका है। सरकार में नयी राह तैयार करने का स्पष्ट संकेत देते हुए टेरेसा ने कल शाम डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचने के कुछ ही मिनट के भीतर जॉर्ज ऑसबॉर्न के स्थान पर फिलिप हैमंड को ब्रिटेन का चांसलर नियुक्त किया।

पूर्व उर्जा और जलवायु परिवर्तन मंत्री अंबर रड को टेरेसा की कैबिनेट में पदोन्नत कर गृहमंत्री बना दिया गया है। कैमरन सरकार में टेरेसा स्वयं गृहमंत्री थीं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर आने संबंधी नए विभाग का मंत्री यूरोपीय संघ के विरूद्ध बोलने वाले डेविड डेविस को बनाया गया है। लोग इन्हें ‘ब्रिग्जिट मंत्री’ भी कह रहे हैं।

प्रीति पटेल पदोन्नति पाकर बनीं अंतरराष्ट्रीय विकास राज्य मंत्री

भारतीय मूल की मंत्री प्रीति पटेल को पदोन्नति देकर अंतरराष्ट्रीय विकास राज्य मंत्री बनाया गया है। पहले वह रोजगार मंत्रालय में जिम्मेदारी संभाल रही है। गुजराती मूल की प्रीति ‘लीव’ अभियान में जॉनसन के साथ खड़ी थीं। 44 वर्षीय पटेल ब्रिग्जिट की जबरदस्त पैरोकार हैं, और हाल ही में उन्होंने टेरेसा का समर्थन करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए आदर्श उम्मीदवार बताया था। पटेल ने टेरेसा की तुलना मार्गेट थचर से करते हुए उन्हें ब्रिटिश राजनीति की लौह-महिला बताया।

टेरेसा मे के बारे में कुछ खास बातें

ब्रिटेन की पहली महिला प्रधान मंत्री मारग्रेट थैचर के लगभग 15 साल बाद बनी ही दूसरी महिला प्रधान मंत्री। टेरेसा का जन्म ससेक्स के ईस्टबर्न में 1 अक्टूबर 1956 को हुआ। उनकी पढ़ाई ऑक्सफर्डशाइर के हॉल्टन पार्क गर्ल्स ग्रामर कॉलेज में हुई। इसके बाद भूगोल से सेंट हग्स कॉलेज ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई की। 1997 में उन्होंने पार्लियामेंट में प्रवेश किया।

टेरेसा मे की शादी फिलिप मे नाम के बैंकर के साथ हुई। उनकी कोई संतान नहीं है। इन दोनों की मुलाकात एक कन्जर्वेटिव एसोसिएशन की डांस पार्टी में हुई थी। दोनों क्रिकेट के शौकीन हैं, और इनकी शादी को 36 साल हो चुके हैं। दोनों सोनिंग, बर्कशाइर में रहते हैं।

आंद्रिया लीडसम के साथ खास मुकाबले में आगे निकलकर टेरेसा का प्रधानमंत्री बनने का रास्तास साफ हो गया। वह वह 1997 से मेडेनहेड से कंजरवेटिव पार्टी की सांसद हैं। टेरेसा 1977-1983 तक बैंक ऑफ इंग्लैं ड में भी काम कर चुकी हैं। वह 2002-03 के दौरान कंजरवेटिव पार्टी की चेयरमैन भी रहीं। 2010 में डेविड कैमरन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार के बनने के बाद वह कैबिनेट में होम सेक्रेट्री (गृह मंत्री) रहीं। उस दौरान वह महिला और समानता विभाग की मंत्री भी रहीं। 

2012 में उन्होंने महिला और समानता विभाग को छोड़ दिया। 2015 के चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी के लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद उनको फिर से होम सेक्रेट्री चुना गया। इस प्रकार वह इस पद पर सबसे ज्या दा समय तक रहने वाली महिला मंत्री रहीं। जून 2016 में कैमरन के इस्तीदफा देने की घोषणा के बाद उन्होंने पार्टी का नेतृत्वव संभालने के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी।

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