संस्करणों
विविध

पैसों की कमी से छोड़ना पड़ा था स्कूल, आज 100 करोड़ की कंपनी के मालिक

रेडीमेड इडली डोसा बनाने वाले मुस्तफा को मिला IIM का पुरस्कार
posted on 8th November 2018
Add to
Shares
2277
Comments
Share This
Add to
Shares
2277
Comments
Share

चावल और उड़द की दाल से तैयार होने वाली इडली को बनाना कई लोगों के लिए मुश्किल काम लगता था। लेकिन अब मार्केट में रेडीमेड इडली आ गई हैं और इसे बनाने वाले शख्स का नाम है पीसी मुस्तफा।

image


किसी ने सच ही कहा है कि सफल लोग कुछ अलग काम नहीं करते बल्कि उसी काम को ही अलग ढंग से करते हैं। आईआईएम बेंगलुरु से पढ़े पीसी मुस्तफा ने खाने-पीने के क्षेत्र में कुछ नया करने का मन बनाया था।

इडली डोसा ऐसे व्यंजन हैं जिन्हें बनाना आसान काम नहीं लगता। लेकिन अब वे दिन चले गए जब इडली या डोसा बनाने के लिए लंबी तैयारी की जरूरत पड़ती थी। चावल और उड़द की दाल से तैयार होने वाली इडली को बनाना कई लोगों के लिए मुश्किल काम लगता था। लेकिन अब मार्केट में रेडीमेड इडली आ गई हैं और इसे बनाने वाले शख्स का नाम है पीसी मुस्तफा। मुस्तफा ने अपनी इस खोज के लिए आईआईएम द्वारा पुरस्कार भी हासिल किया।

किसी ने सच ही कहा है कि सफल लोग कुछ अलग काम नहीं करते बल्कि उसी काम को ही अलग ढंग से करते हैं। आईआईएम बेंगलुरु से पढ़े पीसी मुस्तफा ने खाने-पीने के क्षेत्र में कुछ नया करने का मन बनाया था। उन्होंने 2006 में अपनी कंपनी शुरू की जिसका नाम आईडी फ्रेश रखा। यह कंपनी रेडीमेड इडली डोसा बनाती है। मुस्तफा ने अपने चार चचेरे भाइयों के साथ इस कंपनी की शुरुआत की थी। आज उनकी कंपनी इडली डोसा समेत 7 नए उत्पाद तैयार करती है। उनके प्रॉडक्ट की डिमांड भारत से लेकर दुबई तक है।

वे भले ही नए प्रॉडक्ट बनाने लगे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा बिक्री उनके इडली और डोसे की होती है। एक बार प्रॉडक्ट हिट हो जाने के बाद उन्हें हेलियन वेंचर्स और प्रेमजी इन्वेस्ट जैसे इन्वेस्टरों से फंडिंग मिलने लगी। हालांकि उनका सफर इतना आसान नहीं था और हर उद्यमी की तरह उन्हें भी कई तरह की मुश्किलें उठानी पड़ीं। उन्होंने बेंगलुरु के इंदिरानगर इलाके में 60 स्कवॉयर फीट इलाके से अपनी शुरुआत की थी। फोर्ब्स पत्रिका को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि केरल के होने के नाते वे अप्पम बनाना जानते थे जो कि चावल और नारियल के साथ बनता है। लेकिन अप्पम में कुछ प्रिजर्वेटिव्स की भी जरूरत होती है, वहीं आईडी फ्रेश कंपनी के किसी भी उत्पाद में प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं होता। यानी उनके उत्पाद पूरी तरह से नैचुरल होते हैं।

मुस्तफा बताते हैं कि अच्छा इडली या डोसा तैयार करने के लिए खास तौर के चावल और उड़द के दाल की आवश्यकता होती है। उन्होंने इसकी खोज में 6 महीने लगा दिए तब जाकर उन्हें अच्छी गुणवत्ता का चावल और उड़द मिल पाया। उनकी कंपनी आज सफलतापूर्वक रेडीमेड इडली और डोसे का निर्माण कर रही है। इस उपलब्धि पर बीते दिनों आईआईएम बेंगलुरु के 45वें स्थापना दिवस पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा, 'इंस्टीट्यूट की दीवार पर मेरा नाम देखकर मेरे पिता गर्व से फूले नहीं समाएंगे।' दिलचस्प बात है कि मुस्तफा को कभी पैसों के आभाव की खातिर स्कूल छोड़ना पड़ गया था, लेकिन आज वे एक सफल उद्यमी हैं और उनकी कंपनी का टर्नओवर सौ करोड़ के पार पहुंच चुका है।

यह भी पढ़ें: बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए इंटरनेट से जुटाए गए 16 लाख रुपये

Add to
Shares
2277
Comments
Share This
Add to
Shares
2277
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags

Latest Stories

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें