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यूपी के इन दो शहरों को मिला यूएन के ग्लोबल सस्टेनेबल सिटी-2025 में भाग लेने का मौका

6th Dec 2018
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संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल सस्टेनेबल सिटिज 2025 के लिए नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा का चुनाव किया है। यूएन इन शहरों को 'यूनिवर्सिटी सिटी' का तमगा देगा।

ग्रेटर नोएडा की तस्वीर

ग्रेटर नोएडा की तस्वीर


ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स इंस्टीट्यूट (UNGSII) एक फाउंडेशन है जिसकी स्थापना मई-2014 में संयुक्त राष्ट्र के जेनेवा कार्यालय में प्रमुख शिक्षाविदों व क्षेत्र के विशिष्ट विशेषज्ञों ने की थी।

संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल सस्टेनेबल सिटीज 2025 में यूनिवर्सिटी सिटी के तमगे के साथ शामिल होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा की गिनती कैंब्रिज, पालो आल्टो और हाइडलबर्ग जैसे शहरों में होने लगेगी। संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल सस्टेनेबल सिटिज 2025 के लिए नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा का चुनाव किया है। यूएन इन शहरों को 'यूनिवर्सिटी सिटी' का तमगा देगा। ग्लोबल सस्टेनेबल सिटीज के लिए दुनिया भर से 25 शहरों का चयन हुआ है, जिनमें गौतमबुद्ध नगर के ये दो शहर भी शामिल हैं। इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2025 तक दुनिया भर में 25 मॉडल शहरों को तैयार करना है; ये शहर टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ पूरी तरह से अनुकूल होंगे।

उत्तर प्रदेश के इन दोनों शहरों ने इस रेस में अंतिम समय में मुंबई और बेंगलुरु को पछाड़ा और यूएन की यूनिवर्सिटी सिटी की श्रेणी में स्थान बनाया। गौरतलब है कि भारत से सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को ग्लोबल सस्टेनेबल सिटीज 2025 इनिशिएटिव के तहत 'यूनिवर्सिटी सिटी' में भाग लेने के लिए चुना गया है।

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ सलाहकार एवं यूएन ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स इंस्टीट्यूट के सीईओ रोलैंड शेत्ज ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) शहर पहल द्वारा पांच श्रेणियों में विश्वभर से 25 से अधिक शहरों का चयन किया गया है।'

उन्होंने आगे कहा, "हम मेयर की टीम के साथ बैठकर यह पता लगायेंगे कि नोएडा को क्या जरूरत है। इसके बाद हम यह सुनिश्चित करेंगे कि क्या उसे कम उत्सर्जन वाली बसों या बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था या विशेषज्ञों की जरूरत है जो उसकी न केवल अगले पांच वर्ष बल्कि 15 वर्षों तक मदद करें।'

2025 में होने वाली इस प्रतियोगिता की 5 कैटिगरी में विश्व के 25 शहर भाग लेंगे। स्मॉल सिटी, मीडियम सिटी, मेगा सिटी और यूएन हब के अलावा यूनिवर्सिटी सिटी कैटिगरी बनाई गई है। अगले सात साल तक हर तीन महीने में यूएन की टीम यहां आएगी पब्लिक से फीडबैक लेगी उसके आधार पर ही इसे एजुकेशन के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाया जाएगा।

निमंत्रण के बारे में जानकारी देते हुए, गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा, 'हमारे पास प्राथमिक स्तर के लगभग 600 सरकारी स्कूल, सीबीएसई से संबद्ध 139 स्कूल और 50,000 से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहे आठ विश्वविद्यालय हैं। उन्हें मार्गदर्शन की आवश्यकता है और दुनिया में कहाँ क्या हो रहा है उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। मुझे लगता है यह पहल नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों की समग्र वृद्धि में काफी मददगार साबित होगी।'

ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स इंस्टीट्यूट (UNGSII) एक फाउंडेशन है जिसकी स्थापना मई-2014 में संयुक्त राष्ट्र के जेनेवा कार्यालय में प्रमुख शिक्षाविदों व क्षेत्र के विशिष्ट विशेषज्ञों ने की थी। UNGSII रिसर्च के लिए एक विशेष स्थान व व्यवस्था तैयार कराते हुए महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया करवाता है। फिलहाल इस संस्था की 72 देशों में एसडीजी लैब स्कूलों में चल रही है, जिसके माध्यम से 3 लाख बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है। इसका मूल्यांकन 2030 तक किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: 26 सालों से गरीब मरीजों को खाना खिला रहे हैं पटना के गुरमीत सिंह

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