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विंग्स फॉर वूमन: दिल्ली मेट्रो को महिलाओं के लिए और भी सुरक्षित बनाने की नई पहल

'द न्यू आर्ट' संगठन ने दिल्ली मेट्रो में पेंटिंग्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की बनाई योजना...

27th May 2018
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महिलाओं के साथ रेप और छेड़खानी की घटनाएं इसी गैरबराबरी का नतीजा हैं। इस गैरबराबरी को पाटने के लिए समाज में कई तरह की पहल की जा रही हैं। 'द न्यू आर्ट' नाम के एक संगठन ने दिल्ली मेट्रो में पेंटिंग्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की योजना बनाई है।

विंग्स फॉर वूमन

विंग्स फॉर वूमन


भले ही दिल्ली को महिलाओं के लिए अनसेफ माना जाता हो, लेकिन दिल्ली मेट्रो कम से कम इस मामले में अच्छा रिकॉर्ड रखती है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में मेट्रो एक सुलभ और सुरक्षित साधन माना जाता है। द न्यू आर्ट मेट्रो की दीवारों पर चित्रकारी कर कर रहा है। 

आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी देश की राजधानी दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। एक तरफ हम जहां मंगल ग्रह पर अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं और हाइपरलूप जैसी टेक्नॉलजी की मदद से कुछ मिनट में मीलों का सफर तय करने के लिए नए रास्ते खोज रहे हैं वहीं दूसरी तरफ स्त्री-पुरुष की गैरबराबरी इतनी ज्यादा है कि समाज में अभी भी महिलाओं को कमतर समझा जाता है। महिलाओं के साथ रेप और छेड़खानी की घटनाएं इसी गैरबराबरी का नतीजा हैं। इस गैरबराबरी को पाटने के लिए समाज में कई तरह की पहल की जा रही हैं। 'द न्यू आर्ट' नाम के एक संगठन ने दिल्ली मेट्रो में पेंटिंग्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की योजना बनाई है।

भले ही दिल्ली को महिलाओं के लिए अनसेफ माना जाता हो, लेकिन दिल्ली मेट्रो कम से कम इस मामले में अच्छा रिकॉर्ड रखती है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में मेट्रो एक सुलभ और सुरक्षित साधन माना जाता है। द न्यू आर्ट मेट्रो की दीवारों पर चित्रकारी कर कर रहा है। दिल्ली मेट्रो के स्टैंड को बेहतर बना रहा है। इसके माध्यम से दिल्ली की छवि को अच्छा बनाने की योजना है। इस योजना के पहले चरण में 'विंग्स फॉर वीमन' #फील स्ट्रॉन्ग कॉन्सेप्ट को शुरू किया गया है। इसमें विंग्स यानी पंखों को महिलाओं की आजादी, और मजबूती के तौर पर पेश किया गया है।

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इसे मैजेंटा लाइन के 11 मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर बनाया जा चुका है। हर एक मेट्रो स्टेशन पर एक विंग्स बनाया गया है। इनमें इंडियन आर्ट फॉर्म की झलक साफ देखी जा सकती है। द न्यू आर्ट का मकसद है कि महिलाओं को मेट्रो में सुरक्षित महसूस कराया जाए और वे इन विंग्स के साथ फोटो खिंचाकर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर खुद को आत्मविश्वास से लबरेज महसूस कर सकें। लड़कियां और महिलाएं दिल्ली मेट्रो की स्टोरी भी साढा करेंगी। इससे उनमें आत्मविश्वास आने के साथ ही उनका दिल्ली पर भरोसा भी मजबूत होगा। यह तो योजना का तुरंत मिलने वाला परिणाम है। लेकिन आने वाले समय में ये पंख दिल्ली मेट्रो की पहचान बन जाएंगे।

'द न्यू आर्ट' के बारे में

यह एक स्टार्ट अप है जिसकी शुरुआत आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले रितेश वर्मा ने की थी। रितेश पिछले साल ही ग्रैजुएट हुए हैं। उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जॉब करने की बजाय अपने मन को खुशी देने वाले काम को चुना। अब वे इस स्टार्ट अप के जरिए दीवारों को सजाने का काम कर रहे हैं। उनके पास आर्टिस्ट और डिजाइनरों की टीम है जो इस काम को अंजाम देती है।

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