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क्या है चंडीगढ़ के लड़के को गूगल से 12 लाख महीने की नौकरी मिलने की सच्चाई?

2nd Aug 2017
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चंडीगढ़ के रहने वाले हर्षित को गूगल में 1.44 करोड़ सालाना पैकेज पर नौकरी मिलने की खबरे आ रही थीं, लेकिन गूगल ने इस हर्षित नाम के किसी लड़के को नौकरी देने की बात से इनकार कर दिया है। यह जानकारी चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के DPR विभाग की ओर से 29 जुलाई को मीडिया में दी गई थी। अब चंडीगढ़ प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

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गूगल के पास नहीं है हर्षित को नौकरी देने का कोई रिकॉर्ड

चंडीगढ़ प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी DPI को दी गई है। यह रिपोर्ट बुधवार तक सौंपी जानी है। 

इन दिनों मीडिया में चंडीगढ़ के एक 16 साल के लड़के को गूगल की ओर से 12 लाख प्रति माह की सैलरी पर नौकरी मिलने की खबरें आ रही थीं। लेकिन बाद में जब यह स्टोरी वायरल हुई तो गूगल ने कहा कि हमारे पास इस लड़के को नौकरी देने का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। खास बात यह है कि हर्षित को गूगल में नौकरी मिलने की जानकारी चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के डीपीआर विभाग की ओर से 29 जुलाई को मीडिया में जानकारी दी गई थी। 

इसमें कहा गया था कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकंडरी स्कूल-33 डी के 12वीं आईटी के स्टूडेंट हर्षित को गूगल ने ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर सेलेक्ट किया गया है। मीडिया रिलीज में यह भी कहा गया था कि हर्षित को गूगल की ओर से शुरुआत में एक साल के दौरान ग्राफिक डिजाइन की ट्रेनिंग के दौरान हर महीने 4 लाख रुपये मिलेंगे। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उसे 12 लाख प्रति महीने मिलने की बात हुई थी। 

DPR की ओर से बताया गया था कि उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन इंटरव्यू देकर सेलेक्ट किया गया था। अब जब गूगल ने हर्षित के नौकरी मिलने की खबर की सत्यता से इनकार कर दिया है तो चंडीगढ़ प्रशासन सकते में आ गया है। पता लगाया जा रहा है कि बिना किसी पड़ताल और क्रॉस चेक के इस तरह की गलत जानकारी कैसे जारी कर दी गई। सवाल यह है कि स्कूल प्रशासन से लेकर डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन डिपार्टमेंट ने जानकारी को वेरिफाई क्यों नहीं किया?

अब चंडीगढ़ प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी DPI को दी गई है। यह रिपोर्ट बुधवार तक सौंपी जानी है। DPI इस बात की जांच करेगा कि जिस स्कूल में हर्षित पढ़ता था, वहां से यह इन्फॉर्मेशन किस तरह से आई और किस तरह से इसको बिना क्रॉस वेरिफाई किए आगे भेज दिया गया। इससे पहले मीडिया से बात करते हुए हर्षित ने कहा था कि, 'मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे मेरा सपना पूरा हो गया है। मेरी मेहनत रंग लाई है।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर्षित को 7 अगस्त को गूगल में ट्रेनिंग के लिए कैलिफॉर्निया जाना था।

ये भी पढ़ें, 

16 साल के लड़के को गूगल ने दी 12 लाख महीने की नौकरी

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