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छत्तीसगढ़: सरकारी स्कूल में खाना बनाने वाले कुक के बेटे ने किया IIT-JEE क्वॉलिफाई

12th Jun 2018
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छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल में खाना बनाने वाले कुक के बेटे बालमुकुंद पैकरा ने सरकार द्वारा संचालित फ्री कोचिंग सेंटर- संकल्प शिक्षण संस्थान में पढ़ते हुए आईआईटी-जेईई एग्जाम क्वॉलिफाई कर लिया है। गौर करने वाली बात ये है कि बालमुकुंद के पिता को हर रोज सिर्फ 40 रुपये मिलते हैं।

बालमुुकुंद (फोटो साभार- एएनआई)

बालमुुकुंद (फोटो साभार- एएनआई)


टीचरों को खास ट्रेनिंग देने का ही नतीजा था कि इस बार इतना बेहतर परिणाम मिला। संकल्प शिक्षण संस्थान में उन छात्रों को चुना जाता है जो अपने-अपने सरकारी स्कूलों में अच्छा रिजल्ट देते हैं। उन्हें चयनित कर आगे के एंट्रेंस एग्जाम के लिए तैयार किया जाता है।

गरीबी किसी के सपनों को उससे नहीं छीन सकती, मुश्किलों को मात देकर अपना मुकाम हासिल करने वाले लोगों को दुनिया हमेशा याद रखती है। छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल में खाना बनाने वाले कुक के बेटे बालमुकुंद पैकरा ने सरकार द्वारा संचालित फ्री कोचिंग सेंटर- संकल्प शिक्षण संस्थान में पढ़ते हुए आईआईटी-जेईई एग्जाम क्वॉलिफाई कर लिया है। गौर करने वाली बात ये है कि बालमुकुंद के पिता को हर रोज सिर्फ 40 रुपये मिलते हैं। इतने कम पैसों में उन्होंने किस तरह अपने बच्चों को शिक्षा दी होगी, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।

बालमुकुंद ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'मुझे पढ़ाने वाले टीचर काफी अच्छे थे। उनकी वजह से मैं यह एग्जाम पास करने में सफल हो सका। अब मेरा सपना किसी अच्छे संस्थान से पढ़ाई कर इंजीनियर बनना है। मैं चाहता हूं कि हर कोई अपनी-अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा करे और सफलता हासिल करे।' बालमुकुंद के पिता को अपने बेटे पर गर्व है। उन्होंने बेटे की सफलता पर कहा कि वह काफी मेहनत करता है। संकल्प शिक्षण संस्थान के टीचर मुकेश वर्मा ने कहा कि कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले सारे बच्चे अपनी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते हैं।

उन्होंने कहा, 'जितने भी बच्चे यहां पढ़ने आते हैं उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत अच्छी नहीं होती। उन्हें पता होता है कि एक एक पल उनके लिए कितना कीमती है।' बालमुकुंद के अलावा इसी कोचिंग में पढ़ने वाले एक और छात्र युवराज पैकरा ने आईआईटी-जेईई की परीक्षा में 94 प्रतिशत नंबर हासिल किए। जशपुर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि संकल्प शिक्षण संस्थान सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की मदद के लिए शुरू किये गए थे और अब तक इनका परिणाम सराहनीय रहा है।

डीएम ने बताया, 'इस बार 71 छात्रों ने संकल्प कोचिंग में पढ़ते हुए जेईई मेंस क्लियर किया। इस साल हमने लगभग सारे सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर काम किया। संकल्प के जरिए हमने टीचरों के लिए भी क्रैश कोर्स की शुरुआत की थी।' उन्होंने कहा कि टीचरों को खास ट्रेनिंग देने का ही नतीजा था कि इस बार इतना बेहतर परिणाम मिला। संकल्प शिक्षण संस्थान में उन छात्रों को चुना जाता है जो अपने-अपने सरकारी स्कूलों में अच्छा रिजल्ट देते हैं। उन्हें चयनित कर आगे के एंट्रेंस एग्जाम के लिए तैयार किया जाता है।

यह भी पढ़ें: मिलिए वंचित महिला को उसकी जमीन वापस दिलाने वाली उड़ीसा की प्रशासनिक अधिकारी से

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