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फ्लिपकार्ट का सेलर्स पर शिकंजा, क्वॉलिटी टेस्ट में फेल होने पर वेबसाइट से कर दिया जाएगा बाहर

सेलर्स यदि नहीं हुए ऑडिट में पास, तो फ्लिपकार्ट उन्हें कर देगा प्लैटफॉर्म से बाहर...

21st May 2018
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ऑनलाइन वेबसाइट्स पर बाजार के मुकाबले काफी सस्ते दाम में सामान तो मिल जाता है, लेकिन कई बार गुणवत्ता के अनुरूप न होने पर ग्राहक उसे वापस भी कर देता है। इस घाटे से बचने के लिए फ्लिपकार्ट ने अपनी कमर कस ली है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर


फ्लिपकार्ट ने अपने सभी सेलर्स को भेजे ई-मेल में कहा है कि यदि वे ऑडिट में पास नहीं होते हैं तो उन्हें प्लैटफॉर्म से बाहर किया जा सकता है या फिर वो अपना फ्लिपकार्ट एश्योर्ड बैच खो देंगे।

भारत में ई-कॉमर्स कंपनियां अच्छा कारोबार करने के बावजूद घाटे में क्यों चल रही हैं? इसकी सबसे बड़ी वजह ग्राहकों द्वारा सामान का वापस किया जाना होता है। ऑनलाइन वेबसाइट्स पर बाजार के मुकाबले काफी सस्ते दाम में सामान तो मिल जाता है, लेकिन कई बार वह गुणवत्ता के अनुरूप न होने पर ग्राहक उसे वापस भी कर देता है। इस घाटे से बचने के लिए फ्लिपकार्ट ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी की नई रणनीति के मुताबिक अब सेलर्स के यहां औचक निरीक्षण किया जाएगा। यानी एक तरह से छापेमारी की जाएगी और सामान की गुणवत्ता में कमी मिलने पर उन सेलर्स को साइट्स से बाहर कर दिया जाएगा।

बीते पांच सालों से भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र का काफी तेजी से विस्तार हुआ है। लेकिन इन कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि प्रॉडक्ट की क्वॉलिटी से असंतुष्ट होकर करीब 30 फीसदी लोग सामान लौटा देते हैं। फ्लिपकार्ट ने इसी से निपटने के लिए खास रणनीति तैयार की है। कंपनी ने प्रॉडक्ट्स की अच्छी क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के लिए सेलर्स के यहां औचक ऑडिट का फैसला किया है। इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। जिसे चेतावनी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इस पहल का नाम 'फ्लिपकार्ट उत्कर्ष' रखा गया है।

फ्लिपकार्ट ने अपने सभी सेलर्स को भेजे ई-मेल में कहा है कि यदि वे ऑडिट में पास नहीं होते हैं तो उन्हें प्लैटफॉर्म से बाहर किया जा सकता है या फिर वो अपना फ्लिपकार्ट एश्योर्ड बैच खो देंगे। फ्लिपकार्ट अपनी साइट पर लिस्टेड कुछ चुनिंदा प्रॉडक्ट्स को क्वॉलिटी और स्पीड बैच देता है जिसे फ्लिपकार्ट एश्योर्ड के नाम से जाना जाता है। यह बैच सामान और सेलर्स दोनों की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। कंपनी ने सामान वापस करने के रेट को 30 प्रतिशत से घटाकर 10 से 15 फीसदी पर करने का टार्गेट रखा है।

फ्लिपकार्ट ने अपने सेलर्स को कुछ गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं। इसके लिए रिसर्च जारी है और ग्राहकों से भी डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। फ्लिपकार्ट की ऑडिट टीम सेलर्स के लोकेशन पर जाएगी और वहां सामान का निरीक्षण करेगी। इससे ग्राहक और उसकी वास्तविक जरूरत के बीच आने वाले अंतर को कम किया जा सकेगा। ईमेल में कहा गया है कि अगर 70 फीसदी सैंपल ऑडिट में नहीं पास हुए तो उस ऑडिट को फेल माना जाएगा। हालांकि कंपनी ने बीते कुछ महीनों में कई कदम उठाए हैं जिससे प्रॉडक्ट की वापसी में काफी कमी आई है। वहीं फ्लिपकार्ट पर सामान बेचने वाले सेलर्स की अपनी अलग शिकायतें हैं। उनका कहना है कि कंपनी उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करती है।

यह भी पढ़ें: कलेक्टर ने जैविक खाद की अहमियत बताने के लिए हाथों से साफ किया टॉयलट का गढ्ढा

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