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सिर्फ 11 लाख रुपये से शुरू कर, इस उद्यमी ने तैयार की 1,122 करोड़ रुपये की कंपनी

लखपति से करोड़पति बनने की कहानी...

20th Jul 2018
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मुंबई स्थित ज़ीकॉम इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, प्रमोद राव द्वारा स्थापित एक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रबंधन कम्पनी है, जो एटीएम के निगरानी और सुरक्षा संबंधी उत्पाद और ऐप्स तैयार करती है। 1980 के दशक में जब फैक्स मशीनों का बाज़ार तकनीकी व्यवसाय को नई दिशा दे रहा था, तब प्रमोद राव और उनके पड़ोसी ने अपना व्यवसाय शुरू किया।

प्रमोद राव

प्रमोद राव


प्रमोद बताते हैं कि उनकी कंपनी ने एटीएम निगरानी प्रणाली और ज़िमैन नामक एक ऐप लॉन्च किया, जो उपयोगकर्ताओं को आधार का उपयोग करके माईगेट ऐप की तरह घरेलू कर्मचारियों, ड्राइवरों और सुरक्षा गार्ड जैसे आउटसोर्स किए गए सहायकों को सत्यापित करने की अनुमति देता है।

मुंबई स्थित ज़ीकॉम इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, प्रमोद राव द्वारा स्थापित एक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रबंधन कम्पनी है, जो एटीएम के निगरानी और सुरक्षा संबंधी उत्पाद और ऐप्स तैयार करती है। 1980 के दशक में जब फैक्स मशीनों का बाज़ार तकनीकी व्यवसाय को नई दिशा दे रहा था, तब प्रमोद राव और उनके पड़ोसी ने अपना व्यवसाय शुरू किया। प्रमोद राव बताते हैं कि सिर्फ 2500 रुपयों के साथ जयंती बिजनेस मशीन की शुरुआत की गई। कंपनी की शुरुआत ठीक रही, लेकिन धीरे धीरे साझेदारी टूटती गई और 1994 में दोनों अलग हो गए।

पृष्ठभूमि

प्रमोद बताते हैं कि वह पढ़ाई में कुछ खास नहीं थे, लेकिन उनकी उद्यमशीलता की भावना के चलते उन्होंने इस सब की शुरुआत की। प्रमोद की माँ भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में थीं और उनके पिता नेवल डॉकयार्ड पर कार्यरत थे। प्रमोद अपने बारे में बताते हैं कि एक समय उन्हें अपने स्नातकोत्तर में विषय चुनने को लेकर भी संशय था।

पढ़ाई के बाद प्रमोद ने एक साल तक मुंबई में रेनो फार्मा के लिए एक मेडिकल रिप्रेज़ेन्टेटर के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने एक पैकेजिंग कम्पनी विजय फ्लेक्सिबल में अपनी सेवाएं दीं। इस सब के बाद आखिरकार उन्होंने एक उद्यमी के रूप में कार्य करना बेहतर समझा।

जयंती बिजनेस मशीन्स के बाद प्रमोद ने अपनी व्यक्तिगत बचत से 11 लाख रुपये लेकर बांद्रा इलाके में 100 वर्ग फुट जगह खरीदी। यहीं से ज़ीकॉम इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली की शुरुआत हुई। प्रमोद राव ने अपनी यह कम्पनी उस समय तक प्रचलित हो चुके पेजर्स और मोडेम बेचने के साथ शुरू की थी।

इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणालियों में प्रवेश

आज ज़ीकॉम इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली मॉडेम और पेजर्स से काफी आगे जा चुकी है। एक मजबूत फोकस के साथ कम्पनी का टर्नओवर 1,122 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। 1990 के दशक के अंत में मोबाइल फोन के भारतीय मार्केट में आ जाने के बाद पेजर की लोकप्रियता कम गई थी, तब प्रमोद के पिता मैंगलोर विनायक राव ने उन्हें सुरक्षा निगरानी वाले कैमरों के बारे में विचार करने को कहा। ज़िकॉम ने फौरन इस पर काम करना शुरू कर दिया, जल्द ही उनके पिता ने भी काम छोड़ दिया और प्रमोद के साथ तकनीकी निदेशक के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया।

प्रमोद बताते हैं कि यह भारतीय बाज़ार के अनुसार यह काफी कठिन यात्रा था। शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा के प्रति लोग इतना जागरुक नहीं थी। वही बताते हैं कि हमें अपनी पहली सुरक्षा प्रणाली बेचने में छह महीने का समय लगा था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका जाने का फैसला किया और प्रतिष्ठित कम्पनियों के साथ अपने व्यापार को आगे बढ़ाया।

व्यवसाय का निर्माण

साल 2000 में प्रमोद सिंगापुर में मोटोरोला कम्पनी के प्रतिनिधियों से मिले। इस बैठक में उन्हें स्मार्ट कार्ड प्रौद्योगिकी के बारे में पता चला, जिसे उन्होंने भारत लाने का फैसला किया। प्रमोद कहते हैं कि ज़िकॉम के लिए उत्पाद योजना के एक हिस्से के रूप में इस नई तकनीक का उपयोग करके, हम बाजार से करीब 22 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रहे। आज ज़िकॉम के पास दो प्रकार के व्यवसाय हैं - सर्विस सॉफ्टवेयर के रूप में उत्पाद और सेवाएं।

व्यापार के मूल तक पहुंच

प्रमोद बताते हैं कि उनकी कंपनी ने एटीएम निगरानी प्रणाली और ज़िमैन नामक एक ऐप लॉन्च किया, जो उपयोगकर्ताओं को आधार का उपयोग करके माईगेट ऐप की तरह घरेलू कर्मचारियों, ड्राइवरों और सुरक्षा गार्ड जैसे आउटसोर्स किए गए सहायकों को सत्यापित करने की अनुमति देता है। इसके अलावा टीम का दावा है कि वे 7000 से अधिक बैंक एटीएम की सुरक्षा कैमरों के साथ निगरानी करते हैं। टीम ज़िकॉम अपने विस्तार के साथ पीई फंड जुटाने का प्रयास कर रही है, साथ ही अगले कुछ वर्षों में अपने कारोबार को 200 करोड़ रुपये तक ले जाने की ओर बढ़ रही है।

बाजार और भविष्य

समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणालियों के विकास में पिछले पांच सालों में 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है और अगले पांच वर्षों में 18 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। सुरक्षा प्रणालियों को उपलब्ध कराने वालों की सूची में ज़िकॉम के कुछ प्रतियोगी जैसे नियॉन जेड इंडिया, सिक्योरेंस, सिग्नोवेट और सीपी प्लस आदि शामिल हैं।

भविष्य को लेकर प्रमोद कहते हैं कि ज़िकॉम में उत्पादों की श्रृंखला 6500 रुपये से 80,000 रुपये के बीच है। वह बताते हैं कि हमारा वार्षिक कारोबार 450 करोड़ रुपये है और हमारी पहुंच तीन देशों और 1,100 शहरों तक है। फिलहाल ज़िकॉम मोबाइल एप्स, इंटरनेट और कनेक्ट मशीनों के मिश्रण के माध्यम से सुरक्षा सेवाओं के संयोजन के नए चार प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है।

प्रमोद बताते हैं कि हमने हाल ही में अपना नया उत्पाद स्ट्रीट स्मार्ट लॉन्च किया है जो कि एक वाहन और यात्री सुरक्षा समाधान है। यह ऑटोमोबाइल सेगमेंट में हमारा पहला प्रवेश है। अगले पांच वर्षों में, स्ट्रीट स्मार्ट के साथ हम आईओटी मंच का उपयोग कर वाहन और यात्री सुरक्षा/ऑटोमोबाइल के अनुमानित बाजार के 20 से 30 प्रतिशत पर कब्जा करने का लक्ष्य रखते हैं।

यह भी पढ़ें: मजबूरी में मजदूर बने इस 22 वर्षीय युवा ने विश्व-स्तरीय प्रतियोगिता में किया भारत का नाम रौशन

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