संस्करणों
विविध

जेल में VIP ट्रीटमेंट का खुलासा करने वाली महिला अधिकारी को मिला राष्ट्रपति अवॉर्ड

17th Sep 2017
Add to
Shares
637
Comments
Share This
Add to
Shares
637
Comments
Share

कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाईवाला ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और राज्य के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी की मौजूदगी में विशिष्ट सेवा के लिए रूपा को पुरस्कृत किया। 

DIG रूपा को सम्मानित करते राज्यपाल

DIG रूपा को सम्मानित करते राज्यपाल


रूपा अपने सख्त तेवर और ईमानदार छवि के चलते काफी लोकप्रिय भी हैं। इसलिए उन्हें महकमें में सुपरकॉप के नाम से भी जाना जाता है। 

डी रूपा वही पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने कभी मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को भोपाल से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कर्नाटक की एक कोर्ट ने वॉरंट जारी किया था।

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी AIADMK की प्रमुख शशिकला को जेल में वीआईपी सुविधाएं दिए जाने की खिलाफत करने की वजह से चर्चा में रहीं डीआईजी डी रूपा को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डीआईजी रूपा ने सीनियर अधिकारियों को सौंपी अपनी रिपोर्ट में दो करोड़ रुपए की रिश्‍वत देकर शशिकला द्वारा जेल में अपने लिए एक स्‍पेशल किचन बनवाने का दावा किया था। AIADMK चीफ वी. शशिकला अभी बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में बंद हैं। शशिकला को इसी साल फरवरी में आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था। वह अपने दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरन और इलावरसी के साथ चार साल कैद की सजा काट रही हैं।

कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाईवाला ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और राज्य के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी की मौजूदगी में विशिष्ट सेवा के लिए रूपा को पुरस्कृत किया। इस मौके पर विशिष्ट सेवा के लिए चयनित अन्य पुलिस पदाधिकारियों को भी राष्ट्रपति पदक दिया गया। रूपा अपने सख्त तेवर और ईमानदार छवि के चलते काफी लोकप्रिय भी हैं। इसलिए उन्हें महकमें में सुपरकॉप के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि विशेष सुविधा दिये जाने वाली बात का खुलासा करने के बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया था और बाद में एक नोटिस भी मिली थी।

डी रूपा वही महिला पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने कभी मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को भोपाल से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कर्नाटक की एक कोर्ट ने वॉरंट जारी किया था। इसके बाद ही उमा भारती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। डीआईजी रूपा किसी भी बड़े से बड़े अपराधी या माफियाओं को निर्भीक होकर गिरफ्तार करने के लिए जानी जाती हैं। उनके कड़क रवैये से अपराधी कांपते हैं। एक समय जब वह बेंगलुरु की डीसीपी थीं तो उन्होंने तत्कालीन सीएम बीएस येदुरप्पा के काफी में बिना परमिट के चल रही गाड़ियों का चालान काट दिया था।

शशिकला के केस में भी उन्हें जेल विभाग की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया, लेकिन उसके बाद भी वह अपने रुख पर कायम रहीं। 2000 बैच की आईपीएस अधिकारी रूपा को सिविल सर्विस की परीक्षा में 43वां स्थान हासिल हुआ था। ट्रेनिंग के दौरान अपने बैच में भी उन्होंने उत्कृष्टता का परिचय दिया था और वे पासिंग आउट परेड में पांचवीं स्थान की अधिकारी थीं। रूपा शार्पशूटर भी हैं और शूटिंग में उन्होंने कई पदक जीते हैं। इसके अलावा वह भरतनाट्यम की डांसर होने के साथ-साथ शास्त्रीय हिंदुस्तानी संगीत की भी अच्छी जानकारी रखती हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी में भी टॉप किया था।

Add to
Shares
637
Comments
Share This
Add to
Shares
637
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags