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‘चुंबक’ की चमक है ही ऐसी, आप चिपके बिना रह नहीं सकते...

बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली में ‘चुंबक’ स्टोर‘चुंबक’ की शुरूआत साल 2010 में हुई‘चुंबक’ के पास 150 कर्मचारी

Harish Bisht
14th Aug 2015
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चटक रंग और कला से जुड़ी चीजों के अगर आप शौकीन हैं तो बेंगलुरु के इंदिरानगर के ‘चुंबक’ स्टोर में आइये। जिसकी शुरूआत हुई थी मार्च, 2010 में। विवेक प्रभाकर और शुभ्रा चड्ढा के ‘चुंबक’ को लाइफ स्टाइल ब्रांड के तौर पर इतना पसंद किया गया कि आज इसके बेंगलुरु के अलावा मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में बड़े स्टोर तो देश के दूसरे हिस्सों में 35 पॉप अप स्टोर हैं। ‘चुंबक’ के सह-संस्थापक विवेक का कहना है कि वो लोग ताजमहल की प्रतिकृतियां और भारतीय हथकरघा के काम देख कर बोरियत महसूस करने लगे थे। तब इन लोगों ने सोचा कि सैलानियों के पास और भी विकल्प होने चाहिए। बस इसी सोच को हकीकत में बदलने के लिए ‘चुंबक’ की शुरूआत हुई।

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‘चुंबक’ की शुरूआत 40 लाख रुपये के बजट से हुई थी। ये पैसा इन लोगों ने अपनी बचत में से निकाल कर लगाया था। पिछले 5 सालों के दौरान ‘चुंबक’ स्टेशनरी, बैग, पर्स, गहने, चाबी के छल्ले, कपड़े और घर के सामान आदि काफी कुछ बेच रहा है। विवेक का कहना है कि ‘चुंबक’ के सबसे ज्यादा फैन युवा भारतीय हैं। तो वहीं इन लोगों को भी मालूम है कि ग्राहक इनसे और ज्यादा नई चीजों की उम्मीद करता है। शुरूआत में चुंबक के उत्पाद को मॉर्डन ब्रांड आउटलेट में के जरिये बेचा जाता था लेकिन ग्राहकों की डिमांड थी कि वो चुंबक के उत्पादों को एक छत्त के नीचे देखना चाहते हैं इसलिए इसके सह-संस्थापकों ने इसके देश के चुनिंदा बड़े मॉल में पॉप अप स्टोर खोले। हालांकि शुरूआत में ये लोग चाहते थे कि इनकी पहचान बुटीक ब्रांड के तौर पर हो, लेकिन धीरे धीरे लोगों को इनके डिजाइन पसंद आने लगे और ये लोग अपने डिजाइन में बदलाव भी लाते गये ताकि ग्राहकों को कुछ नया मिले। यही वजह है कि इनके उत्पादों के डिजाइन में जहां पुराने भारत की झलक दिखती है तो वहीं मॉर्डन भारत भी लोगों को खूब भाता है।

'चुंबक' के सह-संस्थापक   विवेक प्रभाकर और शुभ्रा चड्ढा

'चुंबक' के सह-संस्थापक विवेक प्रभाकर और शुभ्रा चड्ढा


पिछले साल सितंबर में ‘चुंबक’ ने अपना पहला स्टोर बेंगलुरु के इंदिरानगर में खोला। जहां पर दूसरे उत्पादों के साथ घर और साज-सज्जा से जुड़ा समान रखा गया। विवेक के मुताबिक ‘हमने चुंबक के रंग और डिजाइन की अपील को बरकरार रखा, बावजूद इसके हमने अपने ग्राहकों के सामने इसे बिल्कुल नये अवतार में पेश किया। जिसमें क्रॉकरी, कला का समान और काफी कुछ था।’ जैसे की सफलता की कोई भी कहानी बिना चुनौती के पूरी नहीं होती वैसा ही तजुर्बा इन लोगों को भी हुआ। ये लोग तय नहीं कर पा रहे थे कि किस पॉप अप स्टोर में कैसा समान रखा जाए। क्योंकि ये सब स्टोर के साइज और वो किस जगह पर स्थित है उस पर निर्भर करता था। कुछ इसी तरह की चुनौती इनको अपने बड़े स्टोर को शुरू करने में भी आ रही थी। इन लोगों ने ये पता लगाना था कि जहां पर उनका स्टोर है वो समाज के किस वर्ग को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित कर सकता है। इसके अलावा स्थानीय मार्केटिंग भी भाषा को समझना बड़ी चुनौती थी। विवेक के मुताबिक ये उनके लिए पागल करने वाला समय था लेकिन वो पहले बेहतर, मजबूत और ज्यादा ऊर्जा के साथ अपने काम में जुटे।

'चुंबक '  स्टोर, इंदिरानगर, बेंगलुरु

'चुंबक ' स्टोर, इंदिरानगर, बेंगलुरु


‘चुंबक’ अब लगातार आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि जहां पर पहले इस काम को देखने वाले 30 कर्मचारी थे उनकी संख्या आज बढ़कर 150 तक जा पहुंची है। इन लोगों का कहना है कि उन्होने अपनी तकनीकि टीम पर खास ध्यान दिया है यही वजह है कि ऑनलाइन कारोबार में भी पिछले कुछ महिनों के दौरान जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। टीम को विश्वास है कि रिटोल स्टोर में भी ये चमक बरकरार रहेगी। विवेक का मानना है कि अपने उत्पादों की ऑनलाइन और ऑफलाइन से मिलने वाली चुनौती अलग अलग होती है। जिसे समझना काफी जरूरी है। शुरूआत में जब इन लोगों ने अपना काम शुरू किया तो ग्राहकों को इनका शुद्ध भारतीय काम खूब पसंद आया लेकिन समय के साथ ग्राहकों की समझ जैसे जैसे बढ़ती गई वैसे वैसे इनको अपने डिजाइनमें बदलाव लाने पड़े।

'चुंबक '  स्टोर, इंदिरानगर, बेंगलुरु

'चुंबक ' स्टोर, इंदिरानगर, बेंगलुरु


‘चुंबक’ के सह-संस्थापक विवेक का कहना है कि ग्राहक इनके डिजाइन को अब पहचनाने लगे हैं। साथ ही वो अब उनके ब्रांड के साथ जुड़ना चाहते हैं। हालांकि सोशल मीडिया ब्रांड को अपने साथ जोड़ने का एक बेहतरीन जरिया है जहां पर समय के साथ साथ बातचीत का स्तर बढ़ता जाता है। अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में इन लोगों का कहना है कि आने वाले समय में ये लोग ऑफलाइन मौजदूगी और बढ़ाएंगे। इसके लिए देश भर में बड़े स्टोर खोले जाएंगे। साथ ही साथ ऑनलाइन पर भी इनका खास ध्यान रहेगा और ये लोग उस बाजार को भी भूनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। यहीं वजह है कि ‘चुंबक’ की ना केवल अपनी वेबसाइट है बल्कि फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे साइट पर भी इसके उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

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