देश की पहचान, नए युग की शान और दक्षिण भारत की जान...

By Sahil
July 01, 2015, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:20:58 GMT+0000
देश की पहचान, नए युग की शान और दक्षिण भारत की जान...
8 उद्यमियों ने बनाई अनोखी पहचान
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युगादि या उगादि शब्द संस्कृत के शब्द युग और आदि (शुरुआत) से लिया गया है जिसका मतलब है ‘नए युग की शुरुआत’। भारत में उद्यमिता का परचम लहरा रहा है तो ऐसे में इसके जड़ों के देखना काफी महत्वपूर्ण हैं। आप दक्षिण भारत को आसानी से देश में स्टार्टअप क्रांति के नायक के तौर पर देख सकते हैं। फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, इनमोबी, माइंत्रा और रेडबस जैसे नाम इसकी गवाही देते हैं।

ये पोस्ट दक्षिण भारत के 10 तेजी से उभरते उद्यमियों के बारे में है। बोस्टन कंस्लटिंग ग्रुप और ग्रांट थॉर्नटन की तरफ से शॉर्टलिस्टिंग की लंबी प्रक्रिया के बाद द कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज यानी सीआईआई ने भी इन्हें हाल ही में सम्मानित किया है। ये उद्यमी अलग अलग क्षेत्रों से हैं. कोई ऑनलाइन ट्रेडिंग क्षेत्र में है तो कोई मशीनों का निर्माता है। कोई बंगलुरु से फिल्टर कॉफी चेन चलाता है तो कोई भारत का सबसे बड़े ब्यूटी एंड हेयर सैलून का चेन चलाता है।

इन कंपनियों का मौजूदा रेवेन्यू 5 करोड़ रुपये से ज्यादा हैं और जो 3 साल से ज्यादा समय से अस्तित्व में हैं। एक्सपर्ट्स इन कंपनियों के सुनहरे भविष्य को लेकर आशान्वित दिखते हैं। बीसीजी के प्रिंसिपल समीर अग्रवाल को यकीन है कि इन कंपनियों में अगले दो से पांच सालों में 100+ करोड़ रेवेन्यू पैदा करने की क्षमता है।

हमने सीआईआई के साथ मिलकर उन 8 उद्यमियों के बारे में बता रहे हैं जो ‘दक्षिण भारत की शान’ हैं।


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यू एस महेंद्र- उन्होंने 2009 में HattiKaapi की स्थापना करके फिल्टर कॉफी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया। उन्होंने दक्षिण भारत में किफायती कीमत में हाई क्वालिटी, विश्वसनीय और शुद्ध फिल्टर कॉफी उपलब्ध कराया। कस्टमर सैटिस्फेक्शन की बदौलत वो 4 साल से भी कम वक्त में बेंगलुरु में 16 हट्टिस खोल चुके हैं, जिनमें एक बेंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर है। आज HattiKaapi अपने ग्राहकों के साथ लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप, निरंतर सुधार, क्वालिटी मैनेजमेंट और किफायती कीमत के लिए जाना जाता है।

सी के कुमारवेल- वह चेन्नई में स्टार्टअप ईकोसिस्टम के सुपरस्टार हैं, जिन्हें विभिन्न आयोजनों में अक्सर युवा उद्यमियों को संबोधित करते और उन्हें प्रोत्साहित करते देखा जा सकता है। उन्होंने एक दशक पहले अपने उद्यमी सफर की शुरुआत ये सोचकर किया कि उन्हें ना सिर्फ लोगों के नजरिये को बदलना है बल्कि जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण में भी सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने अपने ब्रांड नेचुरल्स ब्यूटी एंड हेयर सैलून को सिर्फ परफार्मेंस की ही ताकत की बदौलत स्थापित किया और उसे भारत के सबसे मशहूर हेयर एंड ब्यूटी चेन के रूप में तब्दील किया। आज भारतीय उप महाद्वीप में उनके 300+ सैलून हैं। खास बात ये है कि नेचुरल्स के सभी स्टोर्स की मालिक महिला उद्यमी हैं।

नितिन कामथ- उन्होंने 17 साल की उम्र में कारोबार शुरू किया और अपने कॉलेज के दिनों में पढ़ाई के मुकाबले कारोबार पर ज्यादा समय खर्च किया। 2001 में उन्हें घाटा हुआ मगर इससे उनका इरादा नहीं बदला। आज उन्हें भारत में ‘डिस्काउंट कारोबार’ को लोकप्रिय बनाने के लिए पुरस्कृत किया जा सकता है। उन्होंने 2010 में रिटेल कारोबार को कम कीमत में महत्वपूर्ण जानकारी, अच्छे टूल्स वगैरह उपलब्ध कराकर मजबूत और आसान बनाने के इरादे से जेरोधा की स्थापना की।कंपनी हर रोज 100 से भी कम लोगों की टीम के जरिये 4 हजार करोड़ से ज्यादा का बिजनेस संभालती है। आज ये सबसे तेजी से विकास करने वाली कंपनियों में शामिल है।

सौमिल मजूमदार- सौमिल के दोस्त की शिकायत थी कि उनका बच्चा बाहर खेलने के बजाय टीवी देखना ज्यादा पसंद करता था। इसी वजह से सौमिल ने 2009 में EduSports की स्थापना की। बेंगलुरू से बाहर स्थापित एडुस्पोर्ट्स देश भर में स्कूलों के साथ मिलकर बेस्ट-इ-क्लास, फीजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स प्रोग्राम चलाता है। एडुस्पोर्ट्स ये सुनिश्चित करता है बच्चे फीजिकल एक्टिविटी और खेल के जरिये सीखें। इसके बच्चों की सेहत और फिटनेस में भी नाटकीय बदलाव देखने को मिलता है। शुरुआती 5 साल के ही सफर में एडुस्पोर्ट तेजी से बढ़ते हुए देश भर में 80 से ज्यादा शहरों में 400 से ज्यादा स्कूलों के 2 लाख से ज्यादा बच्चों को अपनी सेवा देता है।

सी ए अनजरः उन्होंने हर्बल प्रोडक्ट्स पर आधारित एक हेल्थ केयर ऑर्गनाइजेशन को स्थापित किया। ओलाइव लाइफसाइंसेज के हा ईक्वालिटी प्रोडक्ट्स दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहे हैं। जापान, अमेरिका और यूरोप में भी इसके सेल्स ऑफिस और नेटवर्क है। ओलाइव लाइफसाइंसेज सीधे जड़ी बूटी उगाने वालों से कच्चा माल खरीदता है और उनसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हर्बल प्रोडक्ट बनाता है।


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करुणाकर एम रेड्डी- उन्होंने अपने प्रोडक्ट के जरिये हमारे पर्यावरण में बदलाव सुनिश्चित किया है। उनकी कंपनी स्माट एक्वा पानी, हवा और एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम का समाधान देता है। उसके प्रोडक्ट ईकोफ्रेंडली, यूजर फ्रेंडली और जीरो मैंटिनेंस वाले हैं। इस बात के लिए रेड्डी के नेतृत्व की तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने एक आर्थिक मुश्किलात वाली इंडस्ट्री में ना सिर्फ तेज विकास हासिल किया और उसे बरकरार रखा।

मुहम्मद कुंजु- क्या आपको अब तक खाए गए बेस्ट केक/पास्ट्री का टेस्ट याद है। याद है, अच्छा तो हो सकता है कि वो केक कुंजु द्वारा स्थापित किये गए Crust ‘n’ Crumb Food Ingredientsका रहा हो। बेकिंग एंड कंफेक्शनरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में ये एक ग्लोबल प्लेयर है जो क्रिएटिव और इनोवेटिव बेकिंग सोल्यूशन्स को विकसित करने, मैनुफैक्चरिंग और मार्केंटिंग करने में विशेषज्ञ है। ये इटली की मिल्बो के साथ मिलकर दुनिया भर में फुड एंजाइम और बेकरी इंग्रेडिएंट्सकी वाइड रेंज ऑफर करती है। इनोवेशन, क्वालिटी और प्राइसिंग की बदौलत बड़ी प्रतिस्पर्धा वाले इस बिजनेस में ये अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल चुकी है।

श्रीनिवासन- क्या आपको याद है कि कैसे आपकी दादी मां खाना पकाने से पहले अनाज या चावल से घुन, पत्थर, कंकड़, जैसी अनचाही चीजों को बड़ी मेहनत से निकालती थीं। श्रीनिवासन की ऑरेंज सॉर्टिंग मशीन भी हूबहू वही काम करती है। उनकी ये मशीन भारत ही नहीं दुनिया के कई और मुल्कों में इस्तेमाल हो रही है। भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में उनकी 1800 से ज्यादा मशीन इंस्टाल हो चुकी हैं और ये गिनती जारी है।