प्रॉपर्टी चाहिए? ‘Propterry’ आइए

    जयपुर-बेस्ड रियल एस्टेट स्टार्टअप ‘Propterry’कृष्णा गुप्ता ने 2004 में ‘Propterry’ की शुरुआत कीपहले साल 30 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी बेचीदूसरे साल 100 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य

    15th Jul 2015
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    गुलाबी शहर जयपुर रियल एस्टेट मार्केट में बूम का गवाह बन रहा है। 2025 तक जयपुर एक मेगा सिटी बन जाएगी जिसकी जनसंख्या 1 करोड़ और क्षेत्रफल करीब 800 वर्गकिमी का होगा। आने वाले सालों में शहर में रियल एस्टेट सेगमेंट में जबर्दस्त विकास होने वाला है। इसका मतलब ये है कि इस वक्त से कहीं ज्यादा प्रॉपर्टीज़ होंगी और इससे भी ज्यादा खरीदार होंगे।

    रियल एस्टेट का मार्केट परंपरागत रूप से बहुत ही अस्त-व्यस्त है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी का भारत में बाजार करीब 20 अरब डॉलर का है, जिसका 30 फीसदी हिस्सा प्राइमरी सेल्स मार्केट का है तो 70 फीसदी हिस्सा सेकेंडरी सेल्स मार्केट का है। दुर्भाग्य से कुल मार्केट का 10 फीसदी हिस्सा भी ऑर्गनाइज्ड नहीं है। खरीदार अक्सर बिल्डर्स, दलालों और प्रापर्टीज की बाढ़ में खो जाते हैं।

    लार्सन एंड टुब्रो के पूर्व एम्पलायी कृष्णा गुप्ता ने भी जयपुर में प्रापर्टी की तलाश के दौरान ऐसी ही अव्यवस्थाओं का सामना किया। अव्यवस्थित रियल एस्टेट मार्केट, असंगठति ब्रोकर्स की वजह से उन्हें अपनी मनपसंद प्रॉपर्टी ढूंढ़ने में काफी पसीना बहाना पड़ा। हालांकि उन्हें इस सेक्टर की कमियों का फर्स्ट-हैंड एक्सप्रिएंस जरूर हुआ। कुछ रिसर्च के बाद उन्होंने इस सेगमेंट में उतरने का फैसला किया। उनका उद्देश्य शहर में खरीदारों को बेहतर प्रापर्टी और उनके बारे में सही जानकारी मुहैया कराना लक्ष्य था।

    कृष्णा गुप्ता, Propterry के संस्थापक

    कृष्णा गुप्ता, Propterry के संस्थापक


    जून 2014 में कृष्णा गुप्ता ने एक नए जनरेशन की रियल एस्टेट कंसल्टेंसी और मैनेजमेंट फर्म Propterry की स्थापना की। इस फर्म का उद्देश्य रियल एस्टेट खरीदारों को सबसे सही जानकारी और बाधारहित सर्विस देना है।

    कृष्णा कहते हैं- “खरीदारों और उन्हें दी जाने वाली जानकारी के बीच जो बड़ा गैप है उसी को भरने के उद्देश्य से मैंने इस वेंचर को लॉन्च किया। मैं मानता हूं कि इस रिश्ते को सींचने और ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। हम ऐसा स्रोत बनना चाहते हैं जो इस इंडस्ट्री को सुव्यवस्थित, परिष्कृत और स्वचालित बना सके।”

    वह आगे जोड़ते हैं कि मौजूदा रियल एस्टेट पोर्टल्स तमाम लिस्टेड प्रापर्टीज के बारे में पर्याप्त जानकारी के अभाव से जूझ रहे हैं। ब्रोकर्स बहुत ही ज्यादा अनऑर्गनाइज्ड हैं और यहां तक कि कस्टमर को भी इससे काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। कस्टमर्स के लिए ब्रोकरेज फी ही अपने आप में एक परेशानी का सबब है। इसके अलावा ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल्स प्रासंगिक सूचनाओं के लिहाज से पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली भी नहीं हैं।

    कृष्णा बताते हैं- “समस्या का विश्लेषण करने के बाद हम लोग बड़े स्तर पर मीडिया ऐडवर्टाइजिंग कैंपेन के जरिए कंज्यूमर को एजुकेट करनी की योजना बना रहे हैं। इसके साथ-साथ हम अपने पोर्टल propterry.com पर इनोवेटिव सूचनाएं भी दे रहे हैं ताकि कंज्यूमर एजुकेट हो सके।”

    तो इसमें नया क्या है?

    प्रॉपटेरी खुद को अन्य पोर्टल्स से अलग होने का दावा करती है। अन्य पोर्ट्ल मुख्य तौर पर ऑनलाइन क्लासिफाइड प्रॉपर्टी की सर्विस देती हैं मगर उनके पास कोई ऑफलाइन सर्विस नहीं है। इसके अलावा प्रॉपटेरी का दावा है कि वह प्रॉपर्टीज के मौजूदा मालिक को शानदार सुविधाएं उपलब्ध कराती है जो इस वेंचर में एक निहायत ही नई चीज है।

    कृष्णा कहते हैं- “अब हम लोग टेक्नोलॉजी, ऑपरेशंस और फ्रेंचाइज ऑटोमेशन के जरिये सेकंड सेल्स को ऑर्गनाइज करने पर काम कर रहे हैं। हमें राष्ट्रीय स्तर पर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ये चीजें अनिवार्य हैं। हम बेहतर यूजर एक्सप्रिएंस को डिजाइन करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम करना चाहते हैं। इसके अलावा हम ट्राजैंक्शन टाइम को 50 फीसदी कम करके रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन्स को ऑटोमेट करना चाहते हैं।”

    ट्रैक्शन और ग्रोथ

    इस सेल्फ-फंडेड वेंचर को एक लाख रुपये की शुरुआती पूंजी से शुरू किया गया। टीम बिल्डिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, बिजनेस डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी पर ये पूंजी खर्च की गई।

    प्रॉपटेरी को बाजार से सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला है। इसका दावा है कि इस पर 4500 से ज्यादा इन्कवॉयरिज आईं जिनमें से 4 पर्सेंट सेल्स में तब्दील हुईं और उनमें से 20 फीसदी से ज्यादा इन्कवॉयरिज पर अभी भी काम चल रहा है। सप्लायर साइड भी बेहतरीन है और इसके साथ बोर्ड में 25 से ज्यादा डेवलपर्स हैं।

    प्रॉपटेरी औसतन 3 सदस्यों की सेल्स टीम के दम पर 30 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की प्रॉपर्टीज बेच चुकी है। इस साल इसका लक्ष्य 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री का है।

    अगले कुछ महीनों में फंड जुटाने के लिए प्रॉपटेरी की कुछ इन्वेस्टर्स से भी बातचीत चल रही है।

    कॉम्पटिशन

    रियल एस्टेट मार्केट का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा ही ऑर्गनाइज्ड है। इस क्षेत्र में प्रोफेशनल प्लेयर्स के आने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जरुरत है। कृष्णा कहते हैं- “हम स्वस्थ प्रतियोगिता और सर्विसेज में सुधार में यकीन करते हैं। मार्केट साइज काफी विशाल है और यहां बहुतों के लिए मौका है।”

    प्रॉपटेरी जयपुर से बाहर भी विस्तार की योजना बना रही है। इसका लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष के अंत तक टियर-1 और टियर-2 मार्केट में अपनी सर्विस उपलब्ध कराने पर है। इसके अलावा इसकी योजना प्रोडक्ट को पहले से बेहतर बनाने के लिए कुछ नई सेवाओं को लॉन्च करने की है। ये टियर-2 मार्केट में बड़ा दांव लगा रही है और इस मार्केट में अपार संभावनाएं भी दिख रही हैं।

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