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छोटे कारोबारी आये ई-पेमेंट पर

डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम से जुड़े दुकानदार अब क्रेडिट व डेबिट कार्ड के जरिए भी भुगतान ले सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए अपने एप का नया उन्नत संस्करण पेश किया है।

PTI Bhasha
24th Nov 2016
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ऊंचे मूल्य के 500 रूपये और 1000 रूपये नोट की गैरमौजूदगी से लेनदेन के लिए कुछ सब्जी विक्रेता और छोटे कारोबारी पेटीएम और कार्ड रीडर्स जैसे नकदी रहित पेमेंट का सहारा ले रहे हैं।

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ग्रेटर कैलाश में किराना दुकान चलाने वाले नरेश कुमार अपना व्यापार चलाने के लिए ऑनलाइन पेमेंट सेवा ले रहे हैं। कुमार ने कहा, ‘सरकार द्वारा ऊंचे मूल्य के नोटों को बंद करने के बाद हमारी बिक्री गिर गयी। लोग पुराने नोट के साथ आते जिसे हम नहीं ले रहे थे। इसलिए मैं ऑनलाइन पेमेंट लेने लगा। कुछ लोग जो बड़ी मात्रा में सामान लेते हैं उन्हें ऑनलाइन अदायगी में आसानी हो रही।’ दरियागंज इलाके में दक्षिण भारतीय भोजन के विक्रता सेतीपांडियन ने नोटबंदी के कुछ दिनों बाद अपने फोन पर पेटीएम लगाया। उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी के बाद ग्राहक घट गए। इसके बाद मैंने एक दोस्त से संपर्क किया जिसने मुझे अपने फोन पर पेटीएम इंस्टाल करने में मदद की। अब मैं अपने ग्राहकों से मोबाइल वैलेट से पैसा देने को कहता हूं। फिर से बिक्री होने लगी है।’ साथ ही डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम से जुड़े दुकानदार अब क्रेड्ट व डेबिट कार्ड के जरिए भी भुगतान ले सकेंगे।

पेटीएम ने अपने एप का नया उन्नत संस्करण पेश किया। यह एप विशेषकर उन छोटे दुकानदारों के लिए उपयोगी होगा जिनके यहां कार्ड इस्तेमाल की मशीनें नहीं हैं। इससे ये सुनिश्चित होगा कि मौजूदा नकदी संकट से उन्हें कोई कारोबारी नुकसान नहीं हो।

पेटीएम के संस्थापक, सीईओ विजय शेखर शर्मा ने एप का अद्यतन संस्करण पेश करते हुए कहा, ‘पेटीएम ने अपने एप को अद्यतन करते हुए भारत का पहला एप पीओएस पेश किया है। इससे डिजिटल भुगतान का प्रजातंत्रीकरण होगा। इससे स्मार्टफोन व मोबाइल इंटरनेट की सुविधा रखने वाला कोई भी छोटा दुकानदार ग्राहकों से डेबिट व क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान ले सकता है।’ एप में नयी सुविधा का ब्यौरा देते हुए पेटीएम ने कहा है कि ‘भुगतान स्वीकारें’ आयकन के तहत छोटे दुकानदार व कारोबारी अपने ब्यौरे की स्वघोषणा कर सकते हैं और बैंक खाते की जानकारी दे सकते हैं। इस पर वे फिलहाल 50,000 रुपये प्रति माह तक का भुगतान हासिल कर सकते हैं। इसके तहत दुकानदार बेचे गए सामान का बिल तैयार कर फोन ग्राहक को सौंपेगा, जो कि अपने कार्ड का ब्यौरा डालेगा। ग्राहक द्वारा दिया गया ब्यौरा एप पर नहीं बल्कि बैंक की बेबसाइट पर जाएगा जिससे उक्त सारी प्रक्रिया सुरक्षित रहेगी। पेटीएम 31 दिसंबर तक इसमें लेनदने के लिए कोई शुल्क नहीं लेगी।

पेटीएम ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जबकि सरकार के नोटबंदी के कदम के कारण देश भर में नकदी की कमी देखने को मिल रही है। सरकार ने 500 व 1000 रपये के मौजूदा नोटों को 8 नवंबर को चलन से बाहर कर दिया। इसके बाद से पेटीएम सहित अन्य मोबाइल वालेट कंपनियों के जरिए लेनदेन कई गुना बढा है।

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